28 जुलाई 2026
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उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंद, चारधाम यात्रियों को सतर्कता की चेतावनी

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उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंद, चारधाम यात्रियों को सतर्कता की चेतावनी

सारांश

उत्तराखंड में मानसून का कहर जारी है — IMD के ऑरेंज अलर्ट के बाद स्कूल बंद, बदरीनाथ राजमार्ग मलबे से अवरुद्ध और टौंस नदी का पुल क्षतिग्रस्त। चारधाम श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मौसम जाँचने की सख्त हिदायत दी गई है।

मुख्य बातें

IMD ने 28 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी।
प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र मंगलवार को बंद रखने का आदेश।
कंचननाला के पास मलबे से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध; टौंस नदी का नया पुल क्षतिग्रस्त।
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी।
भूस्खलन और चट्टानें गिरने के बढ़ते खतरे के मद्देनज़र नदियों-नालों से दूर रहने की अपील।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, क्योंकि राज्य में मानसूनी बारिश लगातार तेज होती जा रही है और जनजीवन पर इसका व्यापक असर पड़ रहा है। राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मंगलवार के लिए बंद रखने का निर्देश दिया है और चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

मुख्य घटनाक्रम

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है और पिछले कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। आने वाले घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

इसके अतिरिक्त, पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, सोनप्रयाग, थराली, नंदा देवी पर्वत क्षेत्र, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, जसपुर, रुद्रपुर और खटीमा समेत आसपास के इलाकों में भी भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।

यातायात और बुनियादी ढाँचे पर असर

लगातार बारिश के कारण कंचननाला के पास मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। यह मार्ग चारधाम यात्रियों के लिए एक प्रमुख मार्ग है, और इसके बंद होने से श्रद्धालुओं को भारी असुविधा हो रही है।

वहीं, प्रेम नगर के नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बना नया पुल भी लगातार बारिश की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल के टूटने से देहरादून, विकासनगर और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात संपर्क बाधित हो गया है।

चारधाम यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी

प्रशासन ने केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा आरंभ करने से पहले मौसम की नवीनतम जानकारी अवश्य लें और किसी भी संवेदनशील या जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचें।

अधिकारियों ने आगाह किया है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है। नदियों और नालों के किनारे जाने से परहेज करने और बिना आवश्यक कारण यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

राज्य प्रशासन ने IMD की चेतावनी के तुरंत बाद एहतियाती उपाय तेज कर दिए। प्रभावित जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से कहा गया है कि वे मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में हर वर्ष मानसून सीजन के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएँ जनजीवन और पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। गौरतलब है कि राज्य के पहाड़ी जिले भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं और भारी बारिश में यहाँ की सड़कें और पुल अक्सर क्षतिग्रस्त होते हैं।

आगे क्या होगा

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश की तीव्रता बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम के सामान्य होने तक संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचें। बदरीनाथ राजमार्ग को खोलने के प्रयास जारी हैं, हालाँकि मलबा हटाने में समय लग सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़कें बंद होती हैं, और श्रद्धालु फँसते हैं। असली सवाल यह है कि बदरीनाथ जैसे अति-संवेदनशील राजमार्गों पर स्थायी भूस्खलन-रोधी ढाँचा क्यों नहीं बन पाया है, जबकि चारधाम यात्रा से राज्य को सालाना अरबों रुपये का राजस्व मिलता है। टौंस नदी पर 'नया पुल' का मानसून की पहली बड़ी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो जाना बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चेतावनियाँ ज़रूरी हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के बिना ये महज़ मौसमी औपचारिकता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है और किन जिलों पर असर है?
IMD का ऑरेंज अलर्ट भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जिसके लिए सतर्क रहना और तैयारी करना आवश्यक है। 28 जुलाई 2026 को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों को इस अलर्ट के दायरे में रखा गया है।
चारधाम यात्रियों के लिए क्या एडवाइजरी जारी की गई है?
प्रशासन ने केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी है। भूस्खलन और चट्टानें गिरने के खतरे को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की अपील भी की गई है।
बदरीनाथ राजमार्ग क्यों बंद है और कब खुलेगा?
कंचननाला के पास मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप है। मलबा हटाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन बारिश जारी रहने के कारण सड़क खुलने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
किन क्षेत्रों में स्कूल और आंगनवाड़ी बंद किए गए हैं?
राज्य प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट वाले प्रभावित क्षेत्रों में सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मंगलवार के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती तौर पर लिया गया है।
टौंस नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होने से किन इलाकों का संपर्क टूटा?
प्रेम नगर के नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बना नया पुल बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे देहरादून, विकासनगर और पड़ोसी हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात संपर्क बाधित हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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