चकराता में झरने के उफान से यमुनोत्री हाईवे बाधित, चारधाम यात्रियों को घंटों रुकना पड़ा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित चकराता क्षेत्र में 31 मई को तेज बारिश के बाद उफान पर आए झरने ने विकासनगर-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई। लखवाड़ बैंड और जूडो के बीच सड़क पर पानी और मलबा आ जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मुख्य घटनाक्रम
बारिश के बाद झरने का बहाव अचानक बढ़ने से राजमार्ग पर मलबा और पानी फैल गया। कुछ घंटों बाद बहाव कम होने पर संबंधित अधिकारियों ने मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया। यह ऐसे समय में हुआ जब चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पर्वतीय और मैदानी जिलों में बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
86 साल का रिकॉर्ड टूटने के करीब
मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार, देहरादून में बीते 24 घंटे में 69 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह उत्तराखंड में 86 वर्षों में मई माह में एक दिन में दर्ज की गई दूसरी सर्वाधिक वर्षा है। इससे पहले 1940 में 28 मई को एक दिन में 79 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। शनिवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
पर्यटन पर असर
तेज बारिश और आंधी के चलते मसूरी सहित पर्यटन स्थलों पर घूम रहे पर्यटकों को अपने होटलों में वापस लौटना पड़ा। मसूरी में दोपहर बाद तीन बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। गौरतलब है कि मई-जून में उत्तराखंड के पहाड़ी पर्यटन स्थल देश भर से आने वाले सैलानियों से भरे रहते हैं।
केदारनाथ सहित ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
केदारनाथ धाम सहित प्रदेश के अधिकांश ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी दर्ज की गई है। ऊँची चोटियों पर हुई बर्फबारी के कारण आसपास के इलाकों में हल्की ठंड महसूस की जा रही है और स्थानीय निवासियों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य लें।