देहरादून समेत उत्तराखंड के 13 जिलों में तेज बारिश-आंधी का अलर्ट, 7–10 मई तक मौसम रहेगा अस्थिर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड मौसम विभाग ने 7 मई 2026 को देहरादून समेत राज्य के 13 जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आसमान में घने बादल छाने के साथ कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी पहले ही शुरू हो चुकी है, और अगले कुछ घंटों में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में स्थिति सबसे गंभीर रह सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
तीन दिन का विस्तृत पूर्वानुमान
8 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है — यहाँ बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है, जबकि कुछ मैदानी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
9 मई को पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रहने के आसार हैं। नैनीताल और अल्मोड़ा में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा। मैदानी इलाकों में स्थिति थोड़ी सामान्य रह सकती है, लेकिन अचानक मौसम परिवर्तन की संभावना बनी रहेगी।
10 मई को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में हल्की बारिश और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे दौर में मौसम अस्थिर बना रहेगा।
आम जनता पर असर
मौसम में इस बदलाव से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। स्कूल, दफ्तर और बाज़ारों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
प्रशासन ने सभी जिलों को पहले ही अलर्ट कर दिया है और आपदा प्रबंधन टीमों को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुँचाई जा सके। यात्रियों को अनावश्यक पहाड़ी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का सीजन चल रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।