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उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: देहरादून समेत 7 जिलों में आंधी-ओलावृष्टि की चेतावनी, 2-6 मई तक येलो अलर्ट भी

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उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: देहरादून समेत 7 जिलों में आंधी-ओलावृष्टि की चेतावनी, 2-6 मई तक येलो अलर्ट भी

सारांश

उत्तराखंड में 2 से 6 मई के बीच मौसम बिगड़ने की आशंका — IMD ने देहरादून, हरिद्वार समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की चेतावनी के बीच राहत-बचाव दल अलर्ट मोड पर हैं और ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

IMD ने 2-3 मई 2025 को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
5 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए भी ऑरेंज अलर्ट प्रभावी होगा।
2 मई से 6 मई तक शेष जनपदों में येलो अलर्ट; 40 से 50 किमी/घंटे की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
PWD, BRO, PMGSY और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल बहाली सुनिश्चित करने को कहा गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 मई 2025 को उत्तराखंड के 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तीव्र वर्षा की संभावना जताई गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जनपदों को उच्च सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

किन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

IMD ने सोमवार और मंगलवार के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा तीव्र से अति तीव्र वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके अलावा 5 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ ओलावृष्टि, तेज वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। वहीं 2 मई से 6 मई तक राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा, जिसमें गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है।

आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सभी जनपदों को उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में पर्यटन और चारधाम यात्रा का मौसम अपने चरम पर होता है, जिससे इन निर्देशों का महत्व और भी बढ़ जाता है।

विभागों को दिए गए निर्देश

राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमजीएसवाई और सीमा सड़क संगठन (BRO) सहित सभी संबंधित विभागों को मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम स्तर तक अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और आपदा उपकरणों को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है।

गौरतलब है कि अधिकारियों को अपने मोबाइल और संचार माध्यम सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालयों और आम जनता पर असर

प्रशासन ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विशेष निर्देश जारी किए हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली के प्रति सतर्क रहें।

आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और अलर्ट के स्तर में बदलाव की संभावना को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार ऑरेंज अलर्ट का दायरा एक साथ 7 जिलों तक फैला होना और चारधाम यात्रा के मौसम से टकराना — दोनों मिलकर प्रशासनिक तैयारी की असली परीक्षा बनाते हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि अलर्ट जारी होने के बावजूद पर्वतीय मार्गों पर फँसे यात्रियों को निकालने में घंटों लग जाते हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार ग्राम स्तर तक दिए गए निर्देश केवल कागज़ी औपचारिकता बनेंगे या ज़मीन पर असरदार साबित होंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
IMD ने 2-3 मई 2025 को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 5 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी यही अलर्ट प्रभावी होगा।
ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है और इससे क्या खतरा है?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम गंभीर रूप से प्रतिकूल होने की आशंका है और नागरिकों को सतर्क रहने की ज़रूरत है। इस अलर्ट में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तीव्र वर्षा शामिल हैं।
उत्तराखंड में येलो अलर्ट कब तक रहेगा?
2 मई से 6 मई 2025 तक राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
खराब मौसम में उत्तराखंड में ट्रेकिंग पर क्या निर्देश हैं?
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के निर्देशानुसार पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने के आदेश दिए गए हैं। यात्रियों और पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि वे खराब मौसम के दौरान जोखिम भरी गतिविधियों से बचें।
आम नागरिक इस मौसम चेतावनी के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
नागरिकों को खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली से बचने, अनावश्यक यात्रा से परहेज़ करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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