पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर पुनर्मतदान में 90.61% वोटिंग, दक्षिण 24 परगना में शांतिपूर्ण रहा मतदान
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों — मगरहट (पश्चिम) और डायमंड हार्बर — के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार, 2 मई 2026 को शांतिपूर्वक पुनर्मतदान संपन्न हुआ, जिसमें अंतिम औसत मतदान प्रतिशत 90.61% दर्ज किया गया। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने आधिकारिक रूप से दी। किसी भी मतदान केंद्र से हिंसा, व्यवधान या तनाव की कोई सूचना नहीं मिली।
मतदान का विवरण और बूथवार आँकड़े
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे समाप्त हुआ। मगरहट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों पर औसत मतदान 89.29% रहा, जबकि डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 मतदान केंद्रों पर यह आँकड़ा 91.77% रहा, जो तुलनात्मक रूप से अधिक है।
मगरहट (पश्चिम) में बूथ संख्या 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 और 232 पर, तथा डायमंड हार्बर में बूथ संख्या 117, 179, 194 और 243 पर पुनर्मतदान कराया गया।
सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण संचालन
पुनर्मतदान केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती और राज्य पुलिस की सहायता से संपन्न हुआ। CEO अग्रवाल के अनुसार, मतदान संबंधी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के चुनावों में हिंसा की घटनाएँ ऐतिहासिक रूप से चिंता का विषय रही हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ: रिकॉर्ड मतदान का दौर
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों में स्वतंत्रता के बाद से सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुए दोनों चरणों में औसत मतदान प्रतिशत लगभग 93% रहा। राष्ट्रीय स्तर पर इससे पहले सर्वाधिक मतदान 2013 में त्रिपुरा में हुआ था, जब मतदान प्रतिशत 91.82% था। पश्चिम बंगाल में राज्य स्तर पर पिछला रिकॉर्ड 2011 के विधानसभा चुनावों का था, जिसने 34 साल के वाम मोर्चा शासन के अंत और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के उदय को चिह्नित किया था।
मतगणना और एग्जिट पोल का रुख
मतगणना 4 मई 2026 को होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। अधिकांश एग्जिट पोल ने — कुछ अपवादों को छोड़कर — तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत और राज्य में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की है, हालाँकि एग्जिट पोल के अनुमान अक्सर वास्तविक परिणामों से भिन्न हो सकते हैं। 4 मई की मतगणना यह स्पष्ट करेगी कि क्या उच्च मतदान प्रतिशत किसी एक दल के पक्ष में निर्णायक रूप से झुका है।