पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर पुनर्मतदान में 90.61% वोटिंग, दक्षिण 24 परगना में शांतिपूर्ण रहा मतदान

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पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर पुनर्मतदान में 90.61% वोटिंग, दक्षिण 24 परगना में शांतिपूर्ण रहा मतदान

सारांश

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में 15 बूथों पर पुनर्मतदान 90.61% की रिकॉर्ड भागीदारी के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ — केंद्रीय बलों की तैनाती और शून्य हिंसा के बीच। अब सबकी नज़रें 4 मई की मतगणना पर हैं, जहाँ अधिकांश एग्जिट पोल TMC के 15 साल के शासन के अंत का संकेत दे रहे हैं।

Key Takeaways

दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर पुनर्मतदान में औसत मतदान 90.61% दर्ज किया गया। मगरहट (पश्चिम) के 11 बूथों पर 89.29% और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर 91.77% मतदान हुआ। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चला; हिंसा या गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं। पश्चिम बंगाल के दोनों चुनावी चरणों ( 23 अप्रैल व 29 अप्रैल ) में औसत मतदान लगभग 93% — स्वतंत्रता के बाद सर्वाधिक। मतगणना 4 मई 2026 को; अधिकांश एग्जिट पोल ने TMC के 15 साल के शासन के अंत का अनुमान जताया है।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों — मगरहट (पश्चिम) और डायमंड हार्बर — के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार, 2 मई 2026 को शांतिपूर्वक पुनर्मतदान संपन्न हुआ, जिसमें अंतिम औसत मतदान प्रतिशत 90.61% दर्ज किया गया। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने आधिकारिक रूप से दी। किसी भी मतदान केंद्र से हिंसा, व्यवधान या तनाव की कोई सूचना नहीं मिली।

मतदान का विवरण और बूथवार आँकड़े

मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे समाप्त हुआ। मगरहट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों पर औसत मतदान 89.29% रहा, जबकि डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 मतदान केंद्रों पर यह आँकड़ा 91.77% रहा, जो तुलनात्मक रूप से अधिक है।

मगरहट (पश्चिम) में बूथ संख्या 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 और 232 पर, तथा डायमंड हार्बर में बूथ संख्या 117, 179, 194 और 243 पर पुनर्मतदान कराया गया।

सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण संचालन

पुनर्मतदान केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती और राज्य पुलिस की सहायता से संपन्न हुआ। CEO अग्रवाल के अनुसार, मतदान संबंधी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के चुनावों में हिंसा की घटनाएँ ऐतिहासिक रूप से चिंता का विषय रही हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ: रिकॉर्ड मतदान का दौर

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों में स्वतंत्रता के बाद से सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुए दोनों चरणों में औसत मतदान प्रतिशत लगभग 93% रहा। राष्ट्रीय स्तर पर इससे पहले सर्वाधिक मतदान 2013 में त्रिपुरा में हुआ था, जब मतदान प्रतिशत 91.82% था। पश्चिम बंगाल में राज्य स्तर पर पिछला रिकॉर्ड 2011 के विधानसभा चुनावों का था, जिसने 34 साल के वाम मोर्चा शासन के अंत और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के उदय को चिह्नित किया था।

मतगणना और एग्जिट पोल का रुख

मतगणना 4 मई 2026 को होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। अधिकांश एग्जिट पोल ने — कुछ अपवादों को छोड़कर — तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत और राज्य में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की है, हालाँकि एग्जिट पोल के अनुमान अक्सर वास्तविक परिणामों से भिन्न हो सकते हैं। 4 मई की मतगणना यह स्पष्ट करेगी कि क्या उच्च मतदान प्रतिशत किसी एक दल के पक्ष में निर्णायक रूप से झुका है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि इतना उच्च मतदान किसके पक्ष में गया। ऐतिहासिक रूप से पश्चिम बंगाल में उच्च मतदान को सत्ता-विरोधी लहर का संकेत माना जाता रहा है — 2011 में भी यही हुआ था जब वाम मोर्चा का अंत हुआ। केंद्रीय बलों की तैनाती और शांतिपूर्ण मतदान की रिपोर्ट एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन एग्जिट पोल के TMC-विरोधी रुझान और वास्तविक परिणामों के बीच का अंतर 4 मई को ही स्पष्ट होगा।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर पुनर्मतदान क्यों हुआ?
दक्षिण 24 परगना जिले की मगरहट (पश्चिम) और डायमंड हार्बर विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। इन बूथों पर पहले के मतदान में कथित अनियमितताओं के चलते चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
पुनर्मतदान में कुल कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
15 बूथों पर कुल औसत मतदान 90.61% रहा। मगरहट (पश्चिम) के 11 बूथों पर 89.29% और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर 91.77% मतदान दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के परिणाम कब आएंगे?
मतगणना 4 मई 2026 को होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। अधिकांश एग्जिट पोल ने TMC के 15 साल के शासन के अंत और सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया है।
पश्चिम बंगाल में इस बार का मतदान ऐतिहासिक क्यों माना जा रहा है?
23 अप्रैल और 29 अप्रैल के दोनों चरणों में औसत मतदान लगभग 93% रहा, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य का सर्वाधिक मतदान है। राष्ट्रीय स्तर पर इससे पहले का रिकॉर्ड 2013 में त्रिपुरा का 91.82% था।
पुनर्मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
पुनर्मतदान केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती और राज्य पुलिस की सहायता से संपन्न हुआ। CEO मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार किसी भी बूथ से हिंसा, व्यवधान या गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई।
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