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राजकोट के अजी बांध में डूबने से चार की मौत, मंदिर दर्शन के बाद हुई दर्दनाक घटना

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राजकोट के अजी बांध में डूबने से चार की मौत, मंदिर दर्शन के बाद हुई दर्दनाक घटना

सारांश

राजकोट के अजी बांध में मंदिर दर्शन के बाद एक रिक्शा चालक, उसके दो बेटे और भतीजे की डूबने से मौत हो गई। एक के बाद एक बचाने की कोशिश में चारों गहरे पानी में बह गए — यह त्रासदी बताती है कि अप्रशिक्षित बचाव कितना जानलेवा हो सकता है।

मुख्य बातें

2 मई को राजकोट के अजी बांध में एक परिवार के चार सदस्यों की डूबने से मौत हो गई।
मृतकों में रिक्शा चालक भरत जाधव (42) , उनके बेटे धवल (18) व रोहित (26) और पत्नी के भतीजे ध्रुव मकवाना (15) शामिल हैं।
घटना शाम 4 से 5 बजे के बीच हुई जब परिवार मुगल माता मंदिर के पास बांध किनारे आया था।
तीन शव शनिवार देर शाम तक बरामद; रोहित जाधव की तलाश देर रात तक जारी थी।
अजी डैम पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु (एडी) का मामला दर्ज किया जाएगा।

राजकोट के अजी बांध में 2 मई को एक परिवार के चार सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह दुखद घटना उस समय हुई जब परिवार मुगल माता मंदिर के पास बांध किनारे पूजा-अर्चना और वाहन धोने के लिए आया था। राजकोट पुलिस उपायुक्त हेतल पटेल ने पुष्टि की कि तीन शव बरामद कर लिए गए हैं और चौथे की तलाश जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी

पुलिस के अनुसार, यह घटना शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच हुई। रिक्शा चालक भरत जाधव (42) अपने परिवार को रिक्शा में बिठाकर अजी बांध किनारे लाए थे। एक जीवित बचे व्यक्ति की गवाही के अनुसार, सबसे पहले रोहित जाधव (26) पानी में उतरा, अपना संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में संघर्ष करने लगा।

रोहित को बचाने के लिए धवल जाधव (18) और ध्रुव मकवाना (15) पानी में कूद गए, लेकिन वे भी डूबने लगे। इसके बाद भरत जाधव उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे और चारों गहरे पानी में बह गए। ध्रुव मकवाना भरत जाधव की पत्नी का भतीजा बताया जाता है।

बचाव अभियान और शवों की बरामदगी

घटना की सूचना मिलते ही राजकोट अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ और पुलिस मौके पर पहुँची। दमकल अधिकारी डीवी जडेजा ने बताया कि उन्हें शाम करीब 4 से 4:30 बजे दमकल केंद्र से सूचना मिली कि अजी बांध में स्नान करने गए 3-4 लोग डूब रहे हैं

बचाव दल के मौके पर पहुँचने के बाद तीन शव बरामद किए गए और उन्हें 108 आपातकालीन सेवाओं को सौंप दिया गया। शनिवार देर शाम तक रोहित जाधव की तलाश जारी थी।

पुलिस का बयान और कानूनी कार्रवाई

पुलिस उपायुक्त हेतल पटेल ने बताया कि परिवार मंदिर दर्शन के लिए आया था और इसी दौरान यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति स्नान करने या हाथ-पैर धोने गया था और गहरे पानी में फिसल गया, जिसके बाद बाकी लोग उसे बचाने के प्रयास में एक-एक करके पानी में उतरे और सभी डूब गए।

पुलिस ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद अजी डैम पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु (एडी) का मामला दर्ज किया जाएगा।

आम जनता पर असर और सुरक्षा की चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गर्मियों के मौसम में बांधों, नदियों और जलाशयों के किनारे जाने वाले परिवारों की संख्या बढ़ जाती है। गौरतलब है कि इस तरह के हादसों में अक्सर बचाव की कोशिश में अधिक लोगों की जान जाती है, क्योंकि अप्रशिक्षित व्यक्ति गहरे पानी में उतरने का जोखिम उठाते हैं। प्रशासन की ओर से बांध किनारे सुरक्षा उपायों और चेतावनी संकेतों की माँग अब फिर से उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुरक्षा जाल या गश्त दल क्यों नहीं थे। यह पहली बार नहीं है जब अजी बांध के आसपास इस तरह की घटना हुई हो — फिर भी ठोस निवारक उपाय अब तक नदारद हैं। प्रशासनिक जवाबदेही के बिना ऐसी खबरें महज़ शोक-समाचार बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट के अजी बांध में डूबने की घटना कब और कैसे हुई?
यह घटना 2 मई को शाम 4 से 5 बजे के बीच हुई जब भरत जाधव अपने परिवार को मुगल माता मंदिर के पास अजी बांध किनारे ले गए थे। रोहित जाधव पहले पानी में उतरा और गहरे पानी में फिसल गया, जिसके बाद बाकी तीन लोग उसे बचाने की कोशिश में पानी में उतरे और सभी डूब गए।
इस हादसे में कौन-कौन से लोगों की मौत हुई?
मृतकों में रिक्शा चालक भरत जाधव (42), उनके बेटे धवल (18) और रोहित (26), तथा उनकी पत्नी के भतीजे ध्रुव मकवाना (15) शामिल हैं। तीन शव शनिवार देर शाम तक बरामद कर लिए गए थे।
क्या सभी शव बरामद हो गए हैं?
शनिवार देर शाम तक तीन शव बरामद किए जा चुके थे और उन्हें 108 आपातकालीन सेवाओं को सौंप दिया गया। रोहित जाधव का शव देर रात तक नहीं मिला था और तलाश जारी थी।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
राजकोट पुलिस उपायुक्त हेतल पटेल ने घटना की पुष्टि की और बताया कि अजी डैम पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु (एडी) का मामला आवश्यक औपचारिकताओं के बाद दर्ज किया जाएगा। पुलिस और अग्निशमन दल बचाव अभियान में जुटे रहे।
इस तरह के हादसों से कैसे बचा जा सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बांधों और जलाशयों के किनारे स्पष्ट चेतावनी संकेत, सुरक्षा बाड़ और प्रशिक्षित गश्त दल तैनात होने चाहिए। अप्रशिक्षित व्यक्तियों को गहरे पानी में बचाव के लिए उतरने से बचना चाहिए और तत्काल आपातकालीन सेवाओं को सूचित करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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