मणिपुर पुलिस ने म्यांमार तस्करी के लिए जा रहे 25 कंटेनर ईंधन जब्त किए, 4 गिरफ्तार

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मणिपुर पुलिस ने म्यांमार तस्करी के लिए जा रहे 25 कंटेनर ईंधन जब्त किए, 4 गिरफ्तार

सारांश

मणिपुर पुलिस ने म्यांमार तस्करी के लिए जा रहे 25 कंटेनर ईंधन जब्त कर 4 चालकों को गिरफ्तार किया। साथ ही उखरूल में 23 अवैध बंकर ध्वस्त — 398 किमी खुली सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है।

Key Takeaways

मणिपुर पुलिस ने 2 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल से भरे 25 कंटेनर जब्त किए, जो म्यांमार तस्करी के लिए ले जाए जा रहे थे। 4 चालक — एल्विस लामकांग, मोहम्मद अबास खान, डांगसावा कोशील पिपाचुम और मोहम्मद मुजीबुर रहमान — गिरफ्तार। वाहन तेंगनौपाल जिले के मोरेह की ओर जा रहे थे, जो 398 किमी लंबी बिना बाड़ वाली सीमा के निकट है। उखरूल जिले में 23 अवैध बंकर ध्वस्त; अब तक कुल 150 से अधिक बंकर नष्ट किए गए। मणिपुर में 114 चेकपोस्ट स्थापित; NH-37 पर वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट जारी।

मणिपुर पुलिस ने 2 मई 2026 को भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पेट्रोल और डीजल से भरे 25 कंटेनर लेकर जा रहे चार वाहनों को जब्त कर लिया और उनके चालकों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह ईंधन म्यांमार में अवैध तस्करी के लिए भेजा जा रहा था। तेंगनौपाल जिले के मोरेह की ओर बढ़ रहे इन वाहनों को सुरक्षा बलों ने रोककर जब्त किया।

गिरफ्तार चालकों की पहचान

गिरफ्तार किए गए चारों चालकों की पहचान एल्विस लामकांग (23 वर्ष), मोहम्मद अबास खान (47 वर्ष), डांगसावा कोशील पिपाचुम (56 वर्ष) और मोहम्मद मुजीबुर रहमान (35 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी चंदेल, थौबल और काकचिंग जिलों के निवासी बताए गए हैं।

संवेदनशील सीमा क्षेत्र और तस्करी का मार्ग

मणिपुर के पाँच जिलेचुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरूल — म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। यह संवेदनशील सीमा क्षेत्र हेरोइन, मेथामफेटामिन टैबलेट्स, विदेशी जानवरों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है। गौरतलब है कि खुली सीमा की यही भौगोलिक विशेषता तस्करों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती है।

अवैध बंकरों पर भी कार्रवाई

एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने उखरूल जिले के मोंगकोट चेपू, शोंगफेल, मुल्लाम, सिराराखोंग और रिंगुए गांवों की पहाड़ियों पर उग्रवादी संगठनों और सशस्त्र समूहों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए 23 बंकरों को ध्वस्त कर दिया। जारी अभियानों के तहत अब तक विभिन्न जिलों में 150 से अधिक ऐसे बंकर नष्ट किए जा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब फरवरी से उखरूल जिले में हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके कारण यह राज्य के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल रहा है।

सुरक्षा तंत्र और नाकाबंदी

अवैध गतिविधियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए मणिपुर के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 114 नाके (चेकपोस्ट) स्थापित किए गए हैं। इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक वस्तुओं से भरे ट्रकों समेत अन्य वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट दिया जा रहा है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार व्यापक अभियान चला रहे हैं।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से सावधान रहने की अपील

मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया,

Point of View

और केवल छापेमारी से दीर्घकालिक स्थिरता संभव नहीं।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर पुलिस ने कितना ईंधन जब्त किया और किसे गिरफ्तार किया?
मणिपुर पुलिस ने 2 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल से भरे 25 कंटेनर जब्त किए और चार वाहन चालकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार चालकों की पहचान एल्विस लामकांग, मोहम्मद अबास खान, डांगसावा कोशील पिपाचुम और मोहम्मद मुजीबुर रहमान के रूप में हुई है।
यह ईंधन कहाँ ले जाया जा रहा था?
अधिकारियों के अनुसार, यह ईंधन तेंगनौपाल जिले के मोरेह की ओर ले जाया जा रहा था, जो म्यांमार से लगती खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है। आशंका है कि इसे म्यांमार में तस्करी के लिए भेजा जाना था।
मणिपुर-म्यांमार सीमा कितनी लंबी है और यह क्यों संवेदनशील है?
मणिपुर के पाँच जिले — चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरूल — म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा साझा करते हैं। यह क्षेत्र हेरोइन, मेथामफेटामिन, विदेशी जानवरों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है।
उखरूल में कितने अवैध बंकर ध्वस्त किए गए?
सुरक्षा बलों ने उखरूल जिले के पाँच गांवों की पहाड़ियों पर 23 अवैध बंकर ध्वस्त किए। जारी अभियानों के तहत अब तक विभिन्न जिलों में 150 से अधिक ऐसे बंकर नष्ट किए जा चुके हैं।
मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मणिपुर के घाटी और पहाड़ी जिलों में 114 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं और NH-37 पर वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट दिया जा रहा है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ मिलकर तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास चला रही हैं।
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