पुणे के नासरापुर में 4 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म-हत्या: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने परिवार से मिलकर दिया त्वरित न्यायालय का आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
पुणे जिले की भोर तहसील के नासरापुर में 1 मई 2026 को एक 4 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की घटना ने महाराष्ट्र में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 2 मई को पुणे में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय में कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कृत्य को 'मानवता पर कलंक' बताते हुए आरोपी के लिए मृत्युदंड की माँग करने की घोषणा की है।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुखद वारदात
1 मई की दोपहर लगभग 3:30 बजे एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने बच्ची को बछड़ा दिखाने का लालच देकर उसके घर से अपने साथ ले गया। पीड़िता गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी से मिलने नासरापुर आई थी। आरोपी उसे पास की गौशाला में ले गया, जहाँ पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने पहले दुष्कर्म किया और फिर बच्ची को चुप कराने के लिए उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया। जब बच्ची लापता हुई तो परिवार ने तलाश शुरू की। स्थानीय सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध को बच्ची को गौशाला की ओर ले जाते हुए देखा गया, जिसके बाद घटनास्थल से शव बरामद किया गया।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसने उसे 7 मई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गाँव में तनाव की स्थिति बनी रही और ग्रामीणों ने पुलिस को घेरकर तत्काल कार्रवाई की माँग की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और पुख्ता जाँच करने का निर्देश दिया है।
उपमुख्यमंत्री की मुलाकात और राजनीतिक प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचीं तो शोकसंतप्त परिजनों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें घेर लिया और दोषियों पर तुरंत मुकदमा चलाने व कड़ी सजा देने की माँग की। जनता के आक्रोश को देखते हुए सुनेत्रा पवार ने भीड़ की मौजूदगी में ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस — जिनके पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है — को फोन किया और स्थिति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय में की जाएगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बाल यौन शोषण के मामलों में त्वरित न्याय की माँग लगातार तेज हो रही है।
सरकार का रुख: मृत्युदंड की माँग
महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार आरोपी के लिए मृत्युदंड की माँग करेगी ताकि एक सख्त मिसाल कायम हो सके। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सच्चाई और सभी तथ्य जल्द ही सामने लाए जाएंगे। यह मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किए जाने की संभावना है, जिसमें अत्यंत गंभीर मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान है।
आगे क्या होगा
मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय में होने की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें जाँच की प्रगति और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस को 7 मई 2026 तक आरोपी की हिरासत में पुख्ता साक्ष्य जुटाने हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में त्वरित न्यायालय की प्रक्रिया न केवल पीड़ित परिवार को राहत देती है, बल्कि समाज में एक निवारक संदेश भी भेजती है।