22 जुलाई 2026
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उत्तराखंड में भारी बारिश: 142 सड़कें बंद, IMD ने 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया

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उत्तराखंड में भारी बारिश: 142 सड़कें बंद, IMD ने 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया

सारांश

मानसून की मार से उत्तराखंड बेहाल — IMD ने 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और 25 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। मंगलवार को 142 सड़कें बंद हुईं, शाम तक केवल 54 बहाल हो सकीं। देहरादून के रायपुर-राजपुर में घरों में पानी घुसा, भूस्खलन का खतरा बरकरार।

मुख्य बातें

IMD ने 22 जुलाई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया।
भारी बारिश के कारण राज्य में 142 सड़कें बंद हुईं; शाम तक 54 सड़कों पर यातायात बहाल।
मौसम विभाग के अनुसार खराब मौसम की स्थिति 25 जुलाई तक बनी रहने की संभावना।
देहरादून में अधिकतम तापमान 30.9°C और न्यूनतम 24.1°C दर्ज; रायपुर-राजपुर में जलभराव।
संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की चेतावनी; नदी-नालों के अतिप्रवाह का भी अनुमान।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में आँधी-तूफान, आकाशीय बिजली और भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, और यह स्थिति 25 जुलाई तक बनी रह सकती है।

मुख्य घटनाक्रम

लगातार बारिश के चलते मंगलवार को उत्तराखंड में 142 सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ीं। अधिकारियों ने शाम तक इनमें से 54 सड़कों पर आवागमन बहाल कर दिया, जबकि शेष 88 सड़कें अभी भी प्रभावित हैं। देहरादून के रायपुर और राजपुर इलाकों में रात की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।

नाले उफान पर आने से कई सड़कों पर जलभराव हो गया और कई घरों में पानी घुस गया। खराब दृश्यता और जलमग्न सड़कों के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग की चेतावनी

IMD ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका जताई है। इसके साथ ही पहाड़ी राजमार्गों पर अवरोध और नदी-नालों के अतिप्रवाह की भी चेतावनी दी गई है। विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले से ही मानसून की मार झेल रहा है। गौरतलब है कि राज्य के पर्वतीय जिले हर वर्ष जुलाई-अगस्त में भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

देहरादून में तापमान और हालात

लगातार बारिश के कारण देहरादून में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को हुई भारी बारिश ने शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी।

आम जनता पर असर

सड़क अवरोध के कारण दूरदराज के गाँवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। आपातकालीन सेवाओं और आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ा है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या होगा आगे

अधिकारी शेष बंद सड़कों को खोलने के प्रयास में लगे हैं। IMD की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) सतर्क है। मौसम की स्थिति 25 जुलाई तक सामान्य होने का अनुमान है, लेकिन तब तक नागरिकों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

घरों में पानी, और येलो-ऑरेंज अलर्ट की झड़ी। सवाल यह है कि क्या राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली केवल प्रतिक्रियात्मक बनी रहेगी या दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे में निवेश होगा। 142 में से केवल 54 सड़कें एक दिन में बहाल होना दर्शाता है कि क्षमता सीमित है। तीर्थयात्रा सर्किट और पर्यटन पर निर्भर राज्य के लिए हर मानसून में यह व्यवधान आर्थिक नुकसान भी है, जिसे अक्सर आँकड़ों में नहीं जोड़ा जाता।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
IMD ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए 22 जुलाई को येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में आँधी, बिजली और भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
उत्तराखंड में कितनी सड़कें बंद हैं?
मंगलवार को भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में 142 सड़कें बंद हो गई थीं। शाम तक अधिकारी इनमें से 54 सड़कों पर यातायात बहाल करने में सफल रहे, जबकि शेष अभी भी प्रभावित हैं।
उत्तराखंड में खराब मौसम कब तक रहेगा?
IMD के अनुसार मौजूदा मौसमी स्थिति 25 जुलाई तक बनी रहने की संभावना है। इस दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान का खतरा बना रहेगा।
भारी बारिश से देहरादून में क्या स्थिति है?
देहरादून में मंगलवार रात की तेज बारिश ने रायपुर और राजपुर इलाकों में जनजीवन बाधित किया। नाले उफान पर आने से सड़कों पर जलभराव हुआ और कई घरों में पानी घुस गया। शहर का अधिकतम तापमान 30.9°C और न्यूनतम 24.1°C रहा।
उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा किन क्षेत्रों में है?
IMD ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका जताई है। पहाड़ी राजमार्गों पर अवरोध और नदी-नालों के अतिप्रवाह की भी चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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