उत्तराखंड में भारी बारिश: 142 सड़कें बंद, IMD ने 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में आँधी-तूफान, आकाशीय बिजली और भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, और यह स्थिति 25 जुलाई तक बनी रह सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
लगातार बारिश के चलते मंगलवार को उत्तराखंड में 142 सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ीं। अधिकारियों ने शाम तक इनमें से 54 सड़कों पर आवागमन बहाल कर दिया, जबकि शेष 88 सड़कें अभी भी प्रभावित हैं। देहरादून के रायपुर और राजपुर इलाकों में रात की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
नाले उफान पर आने से कई सड़कों पर जलभराव हो गया और कई घरों में पानी घुस गया। खराब दृश्यता और जलमग्न सड़कों के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका जताई है। इसके साथ ही पहाड़ी राजमार्गों पर अवरोध और नदी-नालों के अतिप्रवाह की भी चेतावनी दी गई है। विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले से ही मानसून की मार झेल रहा है। गौरतलब है कि राज्य के पर्वतीय जिले हर वर्ष जुलाई-अगस्त में भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
देहरादून में तापमान और हालात
लगातार बारिश के कारण देहरादून में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को हुई भारी बारिश ने शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी।
आम जनता पर असर
सड़क अवरोध के कारण दूरदराज के गाँवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। आपातकालीन सेवाओं और आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ा है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्या होगा आगे
अधिकारी शेष बंद सड़कों को खोलने के प्रयास में लगे हैं। IMD की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) सतर्क है। मौसम की स्थिति 25 जुलाई तक सामान्य होने का अनुमान है, लेकिन तब तक नागरिकों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।