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क्या उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से 5 लोग लापता हुए हैं?

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क्या उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से 5 लोग लापता हुए हैं?

सारांश

उत्तराखंड के चमोली में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने तांडव मचाया है। बादल फटने से पांच लोग लापता हैं और छह घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। राहत कार्य जारी हैं और अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। जानें इस घटना के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

बादल फटने से 5 लोग लापता हुए हैं।
छह घर मलबे में बह गए हैं।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य कर रही हैं।
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लापता लोगों की तलाश जारी है।

चमोली, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के चमोली में मूसलाधार बारिश के कारण बादल फटने से कम से कम पांच लोग लापता हो गए हैं।

बुधवार रात अचानक आई बारिश ने नंदा नगर में भारी मलबा ला दिया, जिससे छह घर मलबे में तब्दील हो गए।

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग की टीमें घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। इसके साथ ही, मलबा हटाने और राहत कार्यों के लिए जेसीबी मशीनें भी लगाई गई हैं।

मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, लेकिन अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद खोज एवं बचाव कार्य जारी है।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटनास्थल पर तीन एम्बुलेंस के साथ एक मेडिकल टीम पहुंच गई है।

मौसम विभाग ने चमोली में आगे और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बादल फटने के बाद कई लोग अभी भी अपने घरों में फंसे हुए हैं।

लापता लोगों की तलाश के लिए जमीनी स्तर पर टीमें तैनात की गई हैं, हालाँकि भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।

यह घटना देहरादून के सहस्त्रधारा में चार दिन पहले हुए भयानक बादल फटने के बाद हुई थी, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे। उस आपदा में सड़कें बह गईं, दुकानें और घर क्षतिग्रस्त हो गए, और दो बड़े पुल नष्ट हो गए थे।

इस दौरान, देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर को भी भारी नुकसान हुआ। सहस्त्रधारा में बादल फटने और भारी बारिश के कारण तमसा नदी में उफान आ गया, जिससे मंदिर परिसर में पानी भर गया। कई फीट तक रेत और मलबा घुसने से शिवलिंग डूब गया और दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं।

स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने देहरादून, चंपावत, उधम सिंह नगर, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और चमोली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। निवासियों को 20 सितंबर तक अत्यधिक भारी वर्षा, भूस्खलन, बुनियादी ढांचे के ढहने और बढ़ती मौतों की संभावना के बारे में सतर्क किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें अपनी तैयारियों को और मजबूत करना होगा। सरकार और स्थानीय प्रशासन को तुरंत राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बादल फटने के कारण कितने लोग लापता हैं?
उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से कम से कम 5 लोग लापता हैं।
इस घटना में कितने घर बह गए?
छह घर मलबे में तब्दील हो गए हैं।
क्या राहत कार्य चल रहा है?
हाँ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
क्या मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी की है?
हाँ, मौसम विभाग ने चमोली में और भारी बारिश की चेतावनी दी है।
क्या लापता लोगों की तलाश की जा रही है?
हां, लापता लोगों की खोज के लिए जमीनी स्तर पर टीमें तैनात की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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