वित्त मंत्री सीतारमण: भारत की राजकोषीय स्थिति आरबीआई को अधिक नीतिगत लचीलापन प्रदान करती है

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वित्त मंत्री सीतारमण: भारत की राजकोषीय स्थिति आरबीआई को अधिक नीतिगत लचीलापन प्रदान करती है

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की मजबूत राजकोषीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार का उल्लेख करते हुए कहा है कि इससे आरबीआई को अधिक नीतिगत लचीलापन प्राप्त होता है। यह बयान आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा से पूर्व आया है।

Key Takeaways

  • भारत की मजबूत राजकोषीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई को नीतिगत लचीलापन प्रदान करते हैं।
  • राजकोषीय गुंजाइश से सरकारी व्यय को बनाए रखने की क्षमता है।
  • भारतीय ऋण-से-जीडीपी अनुपात वैश्विक स्तर पर सबसे कम है।
  • विदेशी मुद्रा भंडार देश के आयात को 11 महीने तक वित्तपोषित कर सकता है।
  • उधारी कार्यक्रम में कमी से बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी बनी रहती है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत की मजबूत राजकोषीय स्थिति और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार भारतीय रिजर्व बैंक को अधिक नीतिगत लचीलापन प्रदान करते हैं।

सीतारमण ने राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि भारत की राजकोषीय गुंजाइश में सरकार के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम को बनाए रखने, आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कटौती और प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित सहायता देने का स्थान है। यह एक दशक के राजकोषीय अनुशासन का परिणाम है, जिसका फल अब मिल रहा है।

उनका यह बयान बुधवार को आरबीआई द्वारा प्रकाशित होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले आया है।

सीतारमण ने बताया कि भारत का ऋण-से-जीडीपी अनुपात वैश्विक स्तर पर सबसे कम अनुपातों में से एक है, और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि 2030 तक इसमें और कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार देश के आयात को 11 महीने तक वित्तपोषित करने के लिए पर्याप्त है, जो बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि समझदारी भरे राजकोषीय प्रबंधन ने सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे उपाय लागू करने में सक्षम बनाया है, जिससे उपभोक्ताओं को ईरान युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों के प्रभाव से बचाया जा सके। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितताओं के चलते रोजगार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों और घरेलू टैरिफ क्षेत्र में विशेष आर्थिक क्षेत्र के संचालन के लिए लक्षित छूट दी गई है।

सीतारमण ने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष एक प्रणालीगत झटका बनकर उभरा है, जो पहले से ही अस्थिरता, अनिश्चितता और अस्पष्टता से भरे विश्व में नई चुनौतियां जोड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रा पर दबाव मुद्रास्फीति के परिदृश्य को जटिल बना सकते हैं, जिससे नीतिगत समायोजन और भी कठिन होगा।

वास्तव में, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने सोमवार को अपनी समीक्षा बैठक शुरू की है, जिसमें वे मौद्रिक नीतिगत उपायों पर विचार करेंगे। इनकी घोषणा बुधवार को की जाएगी। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, क्योंकि ईरान युद्ध के परिणामस्वरूप मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ गया है। इस युद्ध के चलते पेट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों और पेट्रोकेमिकल्स की कीमतों में भारी उछाल आया है।

पिछले महीने, सरकार ने आरबीआई के परामर्श से, अगले वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए अपना उधार कार्यक्रम घोषित किया था, जिसके तहत छह महीनों में 8.2 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है, जो पूरे साल के बजट में तय की गई उधारी का लगभग 51 प्रतिशत है।

आधिकारिक उधारी कैलेंडर के अनुसार, सालाना कुल उधारी को पहले के अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 16.09 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उधारी कार्यक्रम में इस प्रकार की क्रमिक कमी से बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहने की संभावना है, जिससे व्यवसाय अपने निवेश जारी रख सकेंगे और अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे।

Point of View

जिसमें मजबूत राजकोषीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार के माध्यम से आरबीआई को अधिक नीतिगत लचीलापन देने की क्षमता है। यह सरकार की वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत की मौद्रिक नीति समीक्षा कब होगी?
भारत की मौद्रिक नीति समीक्षा बुधवार को होगी।
आरबीआई का मौद्रिक नीतिगत लचीलापन क्या है?
आरबीआई का मौद्रिक नीतिगत लचीलापन वह स्थिति है जिससे वह ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।
भारत का ऋण-से-जीडीपी अनुपात क्या है?
भारत का ऋण-से-जीडीपी अनुपात वैश्विक स्तर पर सबसे कम अनुपातों में से एक है।
विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व क्या है?
विदेशी मुद्रा भंडार देश के आयात को वित्तपोषित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकार ने उधार कार्यक्रम कब घोषित किया?
सरकार ने उधार कार्यक्रम पिछले महीने आरबीआई के परामर्श से घोषित किया था।
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