पश्चिम बंगाल चुनाव: नैहाटी थाना प्रभारी पर 'पक्षपातपूर्ण भूमिका' का आरोप, सस्पेंड

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पश्चिम बंगाल चुनाव: नैहाटी थाना प्रभारी पर 'पक्षपातपूर्ण भूमिका' का आरोप, सस्पेंड

सारांश

कोलकाता में नैहाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को चुनाव आयोग ने सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने नामांकन प्रक्रिया में पक्षपाती भूमिका निभाई। भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने इस पर सवाल उठाया। जानें इस मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने नैहाटी थाना प्रभारी को सस्पेंड किया।
  • भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर इस मामले का खुलासा किया।
  • पुलिस गाड़ी का गलत इस्तेमाल किया गया।
  • यह सस्पेंशन चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की कोशिश है।
  • पश्चिम बंगाल में यह पहला मामला नहीं है।

कोलकाता, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट अंतर्गत नैहाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के दौरान नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन को एसडीओ ऑफिस ले जाने में मदद की। यह जानकारी चुनाव आयोग के एक अंदरूनी सूत्र ने सोमवार को दी।

भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने इस घटना का खुलासा किया और सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए पोल पैनल से कार्रवाई की मांग की।

सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए, भाजपा नेता ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए लिखा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस पूरी निष्पक्षता से कार्य करे, लेकिन यह एक आदत है। नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन और टीएमसी नेता अशोक चटर्जी पुलिस गाड़ी से बैरकपुर के एसडीओ ऑफिस पहुंचे।

उन्होंने आगे लिखा कि मंत्री चटर्जी नैहाटी से टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होने के लिए वहां थे। मैं चुनाव आयोग और सीईओ पश्चिम बंगाल के ऑफिस का ध्यान इस बात पर खींचना चाहता हूं कि टीएमसी नेताओं द्वारा पुलिस गाड़ी का गलत इस्तेमाल हो रहा है और उचित कार्रवाई की मांग करता हूं।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी में लापरवाही के लिए चुनाव आयोग द्वारा पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले हफ्ते, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा उम्मीदवार सुभेंदु अधिकारी के नामांकन से पहले एक रोड शो के दौरान हुई अशांति के चलते कोलकाता पुलिस के चार कर्मियों को भी सस्पेंड किया गया था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। नैहाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी का सस्पेंशन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से ले रहा है। यह मामले की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

नैहाटी थाना प्रभारी को क्यों सस्पेंड किया गया?
उन्हें नामांकन प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप में सस्पेंड किया गया।
भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा किया और चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।
क्या यह पहला मामला है जब चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया?
नहीं, पश्चिम बंगाल में यह पहला मामला नहीं है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है।
क्या नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन को भी आरोपित किया गया?
हां, चेयरमैन पर भी आरोप हैं कि उन्होंने गलत तरीके से पुलिस गाड़ी का उपयोग किया।
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