आशा भोसले और ब्रेट ली की जुगलबंदी: जब क्रिकेट और संगीत का मिला रोमांच
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है।
- उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने गाए।
- उनका गाना 'यू आर द वन' क्रिकेट और संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है।
- उन्हें अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार शामिल है।
- उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म उद्योग की प्रसिद्ध और महान पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन रविवार को मुंबई में स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल में हो गया। उनकी उम्र 92 वर्ष थी। संगीत में नवाचारक्रिकेट की दुनिया से भी गहरा संबंध रहा।
आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली के साथ उन्होंने 'यू आर द वन' गाना गाया था। यह गाना हिंदी और अंग्रेजी में था। इस गाने के हिंदी बोल आशा भोसले ने गाए, जबकि अंग्रेजी भाग ब्रेट ली ने गाया। यह गाना आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2006 के दौरान रिलीज हुआ था और इसे ब्रेट ली ने ही लिखा था।
आशा भोसले की सुरीली आवाज में यह गाना भारत में बेहद लोकप्रिय हुआ था और आज भी यूट्यूब पर संगीत प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है।
आशा भोसले के प्रशंसकों में क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं। आशा भोसले ने तेंदुलकर को क्रिकेट का महानतम कलाकार माना था और वे अक्सर विभिन्न क्रिकेट या संगीत कार्यक्रमों में उनके साथ नजर आती थीं।
आशा भोसले की तबीयत कुछ समय से ठीक नहीं थी। जब उनकी स्थिति बिगड़ गई, तो उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके निधन के बाद, डॉक्टर प्रतित समदानी ने बताया कि मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हुआ।
उनके बेटे आनंद ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अंतिम दर्शन सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होंगे और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आशा भोसले के द्वारा गाए गए कुछ सबसे लोकप्रिय गानों में 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम', 'ये मेरा दिल', 'चुरा लिया है तुमने', 'इन आंखों की मस्ती के' और 'दिल चीज क्या है' शामिल हैं।
फिल्म और संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवार्ड्स से सम्मानित किया गया था।