आशा भोसले को अंतिम विदाई: एक युग का समापन
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में हुआ।
- उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
- अंतिम विदाई में कई बड़ी हस्तियां उपस्थित थीं।
- आशा भोसले ने 82 वर्ष तक संगीत में योगदान दिया।
- उन्हें कई पुरस्कार मिले, जिनमें पद्म विभूषण शामिल है।
मुंबई, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई में प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को सोमवार को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में किया गया, जहां उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस भावुक क्षण ने एक युग का समापन किया। पंचतत्व में विलीन होने से पहले आशा ताई को मुंबई पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कला एवं संगीत उद्योग से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां वहां उपस्थित थीं।
उनकी अंतिम यात्रा कासा ग्रांडे स्थित उनके निवास से प्रारंभ हुई। पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। जैसे ही उनका शव वाहन शिवाजी पार्क की ओर बढ़ा, सड़क पर उपस्थित हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए खड़े थे।
सुबह से ही उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। प्रशंसक, फिल्मी सितारे, राजनेता और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियां वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें अमिताभ बच्चन, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख, उदित नारायण और सचिन तेंदुलकर जैसे कई नाम शामिल थे।
राजनीतिक क्षेत्र से भी कई प्रमुख हस्तियां अंतिम विदाई में शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार ने भी उनके सम्मान में विशेष श्रद्धांजलि दी और उनके नाम पर एक संस्था स्थापित करने का निर्णय लिया।
आशा भोसले का जीवन एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने लगभग 82 वर्ष तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहकर 12,000 से अधिक गाने गाए। हिंदी के साथ-साथ, उन्होंने मराठी, कन्नड़, भोजपुरी समेत कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
उन्हें 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें पद्म विभूषण जैसे देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से भी नवाजा गया था।
उनके गाए गए गाने जैसे 'पिया तू अब तो आजा', 'ओ हसीना जुल्फों वाली' और 'ये मेरा दिल' आज भी उतने ही प्रिय हैं। उनकी आवाज में एक अद्भुत जादू था, जो हर गाने को विशेष बनाता था।