प्रधानमंत्री मोदी का टीएमसी पर तीखा हमला, 15 साल का हिसाब देने का किया आह्वान

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प्रधानमंत्री मोदी का टीएमसी पर तीखा हमला, 15 साल का हिसाब देने का किया आह्वान

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी में एक विशाल सभा में टीएमसी सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए जनता से चुनाव में बदलाव की अपील की। उन्होंने टीएमसी के 15 साल के शासन को बर्बादी का दौर बताया और आगामी चुनाव में भाजपा की जीत का विश्वास जताया।

Key Takeaways

  • टीएमसी का 15 साल का शासन नकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
  • प्रधानमंत्री ने नॉर्थ बंगाल के विकास में टीएमसी की भूमिका की आलोचना की।
  • भाजपा ने युवाओं और श्रमिकों के लिए कई योजनाएँ प्रस्तावित की हैं।

सिलीगुड़ी, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित एक विशाल 'विजय संकल्प सभा' में टीएमसी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने लगातार दूसरे दिन राज्य में चुनावी प्रचार को आगे बढ़ाया।

जनसभा में, प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा, "मैं देशवासियों और बंगालवासियों के इस अपार प्यार को कभी नहीं भूल सकता। शनिवार को हुए रोड शो में बुजुर्ग समर्थकों की बड़ी संख्या ने मुझे आशीर्वाद दिया। ऐसा सौभाग्य शायद ही किसी को मिलता है। मैं इस क्षेत्र के सभी नागरिकों को प्रणाम करता हूं। आपका यह स्नेह, यह आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। जब 140 करोड़ देशवासी, बंगाल के हर नागरिक ने मुझे इतना प्यार दिया है, तो मैं भी आपसे वादा करता हूं कि मैं हर पल आपके लिए खपा दूंगा।"

पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार की खामियों को उजागर करते हुए कहा, "मैं पक्का मानता हूं कि आज का दृश्य टीएमसी की नींद उड़ा देगा। सिलीगुड़ी की यह रैली टीएमसी के महाजंगलराज की दीवार को गिराने वाली है। टीएमसी ने अपने 15 साल पूरे कर लिए हैं। मैं यहां कई युवा देख रहा हूं, जो 15 साल पहले शायद पहली कक्षा में पढ़ते थे और अब आप बंगाल के भविष्य को तय करने जा रहे हैं। यह किसी के कार्यों का मूल्यांकन करने का समय है, लेकिन टीएमसी ने सिर्फ काले कारनामे किए हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "सिलीगुड़ी नॉर्थ बंगाल का गेटवे है, लेकिन टीएमसी ने जानबूझकर नॉर्थ बंगाल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद किया। कनेक्टिविटी, उद्योग, पर्यटन - हर क्षेत्र में उपेक्षा हुई है। जो पैसा केंद्र सरकार ने भेजा, वह भी यह सिंडिकेट हजम कर गए।"

प्रधानमंत्री ने बताया, "जब नॉर्थ बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश से तबाही हुई, तब टीएमसी सरकार कोलकाता में जश्न मना रही थी। टीएमसी आदिवासियों, चाय बागानों और महिलाओं तथा युवाओं के खिलाफ है। बंगाल की जनता टीएमसी सरकार से हर पल का हिसाब मांग रही है। टीएमसी वालों, कान खोलकर सुन लो, 4 मई के बाद भाजपा सरकार बनेगी और आपको 15 साल का हिसाब देना होगा।"

उन्होंने कहा, "सिलीगुड़ी भारत की सुरक्षा का प्रमुख द्वार है। यह केवल शब्द नहीं है, यह मां भारती की भुजा है। टीएमसी ने तुष्टिकरण के लिए वोटबैंक को खुश करने के लिए जो किया, वह चिंता का विषय है।"

पीएम मोदी ने कहा, "बंगाल भाजपा ने चाय बागानों के श्रमिकों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। हम चाहते हैं कि बंगाल के बच्चों को खेल में भाग लेने का अवसर मिले। इसीलिए हम उत्तरी बंगाल में एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार लगभग एक लाख करोड़ की योजनाएं लागू कर रही है, लेकिन टीएमसी सरकार इसमें बाधा डाल रही है।

Point of View

बल्कि यह बंगाल की जनता के बीच एक नई उम्मीद जगाने का प्रयास भी है। मोदी ने टीएमसी के कार्यकाल के 15 साल को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया और भाजपा के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास किया।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाए?
प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी सरकार पर नॉर्थ बंगाल के विकास में बाधा डालने और केवल तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप लगाए।
क्या मोदी का भाषण चुनावी रणनीति का हिस्सा था?
हाँ, यह भाषण टीएमसी के खिलाफ भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें उन्होंने टीएमसी के कार्यकाल का हिसाब मांगने की बात की।
बंगाल में भाजपा की क्या योजनाएँ हैं?
भाजपा ने बंगाल में चाय बागानों के विकास और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने जैसी योजनाओं का प्रस्ताव रखा है।
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