मणिपुर में बीएसएफ जवान की हत्या के बाद सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान, 21 बंकर नष्ट
सारांश
Key Takeaways
- बीएसएफ जवान की हत्या के बाद सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।
- २१ अवैध बंकरों को नष्ट किया गया है।
- अभियान में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए।
- पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की है।
इंफाल, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के उखरुल जिले में एक बीएसएफ जवान की हत्या के उपरांत सुरक्षा बलों ने रविवार को लगातार तीसरे दिन उग्रवादियों का पता लगाने के लिए अपना संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखा।
अधिकारियों ने बताया कि इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जिले में अवैध रूप से बनाए गए २१ बंकरों को भी नष्ट किया।
इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने बीएसएफ के कांस्टेबल मिथुन मंडल की हत्या के लिए जिम्मेदार संदिग्ध उग्रवादियों का पता लगाने के लिए उखरुल और आसपास के जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
शुक्रवार को जब वह अन्य बीएसएफ जवानों के साथ हिंसा प्रभावित जिले में 'रोड ओपनिंग पार्टी' (आरओपी) की ड्यूटी पर थे, तब उन पर हमला किया गया था।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद बीएसएफ कांस्टेबल का पार्थिव शरीर शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित उनके पैतृक घर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने पहाड़ी जिले उखरुल में लिटान पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सिकिबुंग गांव में १४ बंकर और मोंगकोट चेपु गांव में ७ अन्य बंकरों को ध्वस्त कर दिया। ये बंकर उग्रवादी संगठनों द्वारा सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले के लिए अवैध रूप से बनाए गए थे।
एक अलग अभियान में, सुरक्षा बलों ने म्यांमार की सीमा से सटे तेंगनौपाल जिले के माओजांग, लिबुंग, गोमनोम और टी खोनुनजांग के तिराहे वाले इलाकों से हथियार और विस्फोटक बरामद किए। बरामद की गई चीजों में मैगजीन के साथ दो 9 एमएम पिस्तौल, १३ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), दो कॉम्बैट यूनिफॉर्म और एक बैकपैक शामिल थे। सभी १३ आईईडी को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के वेंगनुआम सिंगंगाट इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने उनके कब्जे से 'ब्राउन शुगर' से भरे ४५ साबुन के केस, एक मारुति जिप्सी, दो मोबाइल फोन और दो बैग बरामद किए।
केंद्रीय सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की टीमें उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही हैं। कई जिलों के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान और 'एरिया डोमिनेशन' (इलाके पर नियंत्रण) के अभ्यास जारी हैं।
निगरानी को मजबूत करने और गैर-कानूनी तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए राज्य के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल १०९ नाके (चेकपॉइंट) लगाए गए हैं।
सुरक्षा बल इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-३७) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत अन्य वाहनों को भी एस्कॉर्ट कर रहे हैं। यातायात की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और काफिलों की सुरक्षा के इंतजाम जारी हैं।
मणिपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर यकीन न करें और सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो से सावधान रहें।
पुलिस के बयान में चेतावनी दी गई है, "किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो क्लिप की सच्चाई की पुष्टि सेंट्रल कंट्रोल रूम से की जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाला या गुमराह करने वाला कंटेंट अपलोड करने या शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"