जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की जताई इच्छा
सारांश
Key Takeaways
- जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई।
- किसी समय में सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को महंगे उपहार दिए।
- अदालत ने ईडी को नोटिस जारी किया है।
- जैकलीन को विदेश यात्रा की अनुमति दी गई है।
- 200 करोड़ रुपए का यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला है।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब जैकलीन ने सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की इच्छा व्यक्त की है।
पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जैकलीन फर्नांडिस ने कहा कि वह इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
अदालत ने बताया कि इसके लिए उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी उनके बयान और सहयोग के आधार पर ही निर्णय लेगी कि उन्हें अप्रूवर के रूप में स्वीकार किया जाए या नहीं।
अदालत ने इस मामले में ईडी को एक नोटिस भी जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, जैकलीन को 24 अप्रैल से 25 मई के बीच विदेश यात्रा की अनुमति दी गई है, लेकिन इस दौरान उन्हें निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा और जांच में सहयोग जारी रखना होगा।
गौरतलब है कि पूरा मामला 200 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर को मुख्य आरोपी माना गया है। आरोप है कि उसने जेल में रहते हुए ठगी और रंगदारी का बड़ा नेटवर्क चलाया और कई लोगों से करोड़ों रुपए वसूले। इसी दौरान उसका संपर्क बॉलीवुड से भी हुआ, और जैकलीन फर्नांडिस का नाम इस मामले में उभरा।
ईडी की जांच के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन को कई महंगे उपहार दिए थे, जिनमें लग्जरी घड़ियां, महंगे बैग, जूलरी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं।
एजेंसी का दावा है कि ये सभी वस्तुएं अवैध तरीके से कमाए गए पैसे से खरीदी गई थीं। लेकिन जैकलीन का कहना है कि उन्हें सुकेश की असली पहचान और उसके अपराधों के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने अदालत को बताया कि सुकेश ने खुद को एक बड़े व्यवसायी के रूप में पेश कर उन्हें भ्रमित किया था।