विश्वनाथन आनंद बने फिडे के अंतरिम अध्यक्ष, ईयू प्रतिबंध के बाद द्वोरकोविच ने छोड़ी कमान
सारांश
मुख्य बातें
पाँच बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद को इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा फिडे अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच को अपनी नवीनतम प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने के बाद 24 जुलाई को यह निर्णय प्रभावी हुआ। लॉज़ेन स्थित फिडे मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार, आनंद तब तक संगठन का नेतृत्व करेंगे जब तक द्वोरकोविच पर लगे प्रतिबंध समाप्त नहीं हो जाते या स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आता।
ईयू के प्रतिबंध और द्वोरकोविच का निलंबन
यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से ईयू और उसके सहयोगी देश रूस पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। ईयू ने हाल ही में प्रतिबंधों का 21वाँ पैकेज जारी किया, जिसमें 48 व्यक्तियों और 170 संस्थाओं सहित कुल 218 नए नाम जोड़े गए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी एकल प्रतिबंध सूची बताई जा रही है।
इन प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियाँ फ्रीज़ की जा सकती हैं, उन्हें आर्थिक सहायता या संसाधन उपलब्ध कराने पर रोक लगती है और यात्रा संबंधी पाबंदियाँ भी लागू होती हैं। स्विट्ज़रलैंड ने भी ईयू के इन प्रतिबंधों को अपनाया है, जिससे लॉज़ेन में फिडे के परिचालन पर सीधा असर पड़ा।
द्वोरकोविच की प्रतिक्रिया
प्रतिबंध सूची में नाम आने के बाद अर्काडी द्वोरकोविच ने इस फैसले को 'गैर-कानूनी और गलत' बताया और कहा कि वे इसे कानूनी तरीके से चुनौती देंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः उन्हें न्याय मिलेगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब तक यह मामला कानूनी रूप से सुलझता नहीं, तब तक उनके खिलाफ लगे प्रतिबंध फिडे के सामान्य कामकाज में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
इसी वजह से द्वोरकोविच ने स्वेच्छा से फिडे अध्यक्ष के रूप में अपनी सभी शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया। फिडे काउंसिल ने उनके इस फैसले को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि प्रतिबंध लागू रहने तक द्वोरकोविच संगठन के किसी भी अधिकार, जिम्मेदारी या विशेषाधिकार का उपयोग नहीं करेंगे और संगठन या उसकी संपत्तियों पर कोई नियंत्रण नहीं रखेंगे।
आनंद की भूमिका और फिडे का प्रावधान
फिडे के नियमों के अनुसार, अध्यक्ष के अनुपस्थित या अक्षम होने की स्थिति में डिप्टी प्रेसिडेंट स्वतः अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत विश्वनाथन आनंद — जो 2022 से फिडे के उपाध्यक्ष हैं — को अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आनंद भारत में शतरंज को वैश्विक पहचान दिलाने वाले सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में एक नई पीढ़ी तैयार की है। गौरतलब है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी फिडे अध्यक्ष पद के चुनाव में नहीं उतरेंगे, बल्कि उपाध्यक्ष पद के लिए ही उम्मीदवारी पेश करेंगे।
सितंबर में होंगे फिडे चुनाव
फिडे अध्यक्ष पद के चुनाव सितंबर 2026 में उज़्बेकिस्तान में आयोजित 46वें शतरंज ओलंपियाड के दौरान होने वाली जनरल असेंबली में निर्धारित हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही द्वोरकोविच ने इस चुनाव में लगातार तीसरी बार उम्मीदवारी की इच्छा जताई थी। अब उनकी उम्मीदवारी अनिश्चितता के घेरे में है।
कज़ाकिस्तान शतरंज महासंघ के अध्यक्ष तिमुर तुरलोव भी फिडे अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं। आने वाले महीनों में फिडे के नेतृत्व को लेकर निर्णायक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।