जमशेदपुर: डिमना लेक में डूबे MGM मेडिकल कॉलेज के 2 जूनियर डॉक्टर, NDRF की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के डिमना लेक में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर डूब गए, जिनमें से एक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहा। डॉ. समीर और डॉ. सक्षम की तलाश में शुक्रवार सुबह से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें अभियान में जुटी हैं। प्रारंभिक जाँच में इसे हादसा माना जा रहा है।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना
पुलिस के अनुसार, तीनों जूनियर डॉक्टर देर रात डिमना लेक पहुँचे और उस हिस्से में गए जिसे प्रशासन ने पहले से डेंजर ज़ोन घोषित कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तालाब के किनारे खड़े रहने के दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया। फोन निकालने के प्रयास में वह गहरे पानी में उतर गए और डूबने लगे, जिसके बाद बाकी दोनों साथी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद पड़े।
तीन में से एक बचा, दो की तलाश जारी
डॉ. यश तैरना जानते थे और किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। बाहर आते ही उन्होंने अपने साथियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। डॉ. सक्षम पलामू (मेदिनीनगर) के रहने वाले हैं, जबकि डॉ. समीर जमशेदपुर के काशीडीह क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस डॉ. यश से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।
बचाव अभियान में बाधा
लगातार बारिश के कारण डिमना लेक का जलस्तर बढ़ा हुआ था, जिससे रात में राहत एवं बचाव अभियान में कठिनाई आई। घटनास्थल से दोनों लापता डॉक्टरों की चप्पलें और अन्य सामान बरामद हुए हैं। शुक्रवार सुबह से गोताखोरों और NDRF की सहायता से तलाश अभियान जारी है।
MGM कॉलेज में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही MGM मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर, चिकित्सक और कर्मचारी डिमना लेक पहुँच गए। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, हालाँकि प्रारंभिक जाँच में इसे दुर्घटना माना जा रहा है। आगे की जाँच और तलाश अभियान के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।