27 जून 2026
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जबलपुर में नर्मदा नदी में डूबे तीन किशोर, दादा घाट पर नहाते वक्त हुई दर्दनाक मौत

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जबलपुर में नर्मदा नदी में डूबे तीन किशोर, दादा घाट पर नहाते वक्त हुई दर्दनाक मौत

सारांश

जबलपुर के दादा घाट पर शनिवार दोपहर नर्मदा नदी में नहाते वक्त सोहिल, साबिर और साहिल — तीन किशोर — गहरे पानी में चले गए और डूब गए। तीन घंटे की तलाशी के बाद गोताखोरों ने शव बरामद किए। यह घटना नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर फिर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

27 जून 2026 को जबलपुर के दादा घाट पर नर्मदा नदी में नहाते समय तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई।
मृतकों की पहचान सोहिल , साबिर और साहिल के रूप में हुई, उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच; तीनों गढ़ा क्षेत्र, मुजावर मोहल्ले के निवासी थे।
तीनों पाँच दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से दोपहर 2 बजे घाट पर पहुँचे थे।
लगभग तीन घंटे की तलाशी के बाद गोताखोरों ने पानी के नीचे झाड़ियों में फँसे शव बरामद किए।
सीएसपी गढ़ा आशीष जैन ने बताया कि अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और जाँच जारी है।
शव सरकारी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।

जबलपुर के दादा घाट पर 27 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे नर्मदा नदी में नहाते समय तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान सोहिल, साबिर और साहिल के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच थी और तीनों गढ़ा क्षेत्र के मुजावर मोहल्ले के निवासी थे।

घटनाक्रम

तीनों युवक अपने पाँच दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से दादा घाट पहुँचे थे। नदी में उतरने के बाद वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ आए दोस्तों ने बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन तीनों पल भर में पानी में समा गए।

घबराहट में दोस्त पहले घर लौट गए। बाद में उनमें से एक ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद रिश्तेदार और स्थानीय लोग घाट पर पहुँचे और पुलिस को सूचना दी।

तलाशी अभियान

सीएसपी गढ़ा आशीष जैन के अनुसार, लड़कों के लंबे समय तक लापता रहने और नदी किनारे उनके कपड़े मिलने के बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। चूँकि यह स्थान नहाने वालों के लिए कम जाना जाता है, इसलिए स्थानीय गोताखोरों को भी तलाशी में शामिल किया गया।

लगभग तीन घंटे की गहन तलाशी के बाद गोताखोरों ने घाट के पास पानी के नीचे झाड़ियों में फँसे तीनों शव बरामद किए।

पोस्टमार्टम और जाँच

शवों को सरकारी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीएसपी जैन ने बताया कि अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तीनों युवक नहाते समय गलती से गहरे पानी में चले गए। घटनाक्रम की सटीक जानकारी के लिए उनके मित्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

पृष्ठभूमि और सुरक्षा की चिंता

यह ऐसे समय में हुआ है जब गर्मियों में नदी-घाटों पर डूबने की घटनाएँ मध्य प्रदेश में बार-बार सामने आती हैं। नर्मदा नदी के कई घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम न होने को लेकर स्थानीय निवासी पहले भी आवाज़ उठा चुके हैं। गौरतलब है कि दादा घाट एक कम-चर्चित स्नान स्थल है, जहाँ न तो लाइफगार्ड तैनात हैं और न ही चेतावनी के स्पष्ट संकेत।

तीनों मृतक निजी क्षेत्र में काम करते थे और शनिवार की दोपहर दोस्तों के साथ घूमने निकले थे। इस हादसे ने परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है और स्थानीय प्रशासन पर नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का दबाव बढ़ा दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्थायी सुरक्षा ढाँचा आज भी नदारद है। दादा घाट जैसे कम-चर्चित स्नान स्थलों पर न लाइफगार्ड हैं, न चेतावनी बोर्ड — और यही लापरवाही बार-बार जानें लेती है। सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस त्रासदी के बाद केवल 'जाँच जारी है' तक सीमित रहेगा, या नदी-घाटों पर अनिवार्य सुरक्षा मानक लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर के दादा घाट पर डूबने की घटना कब और कैसे हुई?
27 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे तीन किशोर — सोहिल, साबिर और साहिल — अपने दोस्तों के साथ दादा घाट पर नर्मदा नदी में नहाने उतरे और गहरे पानी में चले जाने से डूब गए। उनके साथी बचाने में असफल रहे और घबराहट में पहले घर लौट गए।
मृतक किशोरों की पहचान क्या है?
तीनों मृतकों की पहचान सोहिल, साबिर और साहिल के रूप में हुई है। उनकी उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच थी और वे जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र के मुजावर मोहल्ले के निवासी थे। तीनों निजी क्षेत्र में काम करते थे।
शव कैसे और कितने समय बाद बरामद हुए?
लगभग तीन घंटे की गहन तलाशी के बाद स्थानीय गोताखोरों ने घाट के पास पानी के नीचे झाड़ियों में फँसे तीनों शव बरामद किए। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर भेजा गया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
सीएसपी गढ़ा आशीष जैन के अनुसार अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है। प्रथम दृष्टया तीनों युवक गलती से गहरे पानी में चले गए — इसकी पुष्टि के लिए उनके मित्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
क्या दादा घाट पर नहाना सुरक्षित है?
पुलिस के अनुसार दादा घाट नहाने वालों के लिए कम जाना जाता है और वहाँ स्थानीय गोताखोरों को विशेष रूप से बुलाना पड़ा। यह स्थल उन घाटों में नहीं आता जहाँ नियमित सुरक्षा व्यवस्था तैनात हो, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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