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पटना में गंगा नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत, हेतनपुर गांव में पसरा शोक

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पटना में गंगा नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत, हेतनपुर गांव में पसरा शोक

सारांश

पटना के हेतनपुर गांव में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान तीन बाल मित्र — पीयूष, तेज और प्रिंस — नदी की गहरी धारा में समा गए। तीनों की उम्र 7 से 11 साल थी। गांव में तीन परिवारों का एक साथ उजड़ना इस हादसे को और भी दर्दनाक बनाता है।

मुख्य बातें

पटना के शाहपुर थाना क्षेत्र के हेतनपुर गांव में 21 जून को गंगा नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत।
मृतक: पीयूष कुमार , तेज कुमार और प्रिंस कुमार — सभी की उम्र 7 से 11 साल के बीच।
साथी बच्चों और ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण तीनों को नहीं बचाया जा सका।
अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित किया।
आपदा प्रबंधन विभाग के तहत प्रत्येक परिवार को ₹4 लाख अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी।

पटना जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हेतनपुर गांव में रविवार, 21 जून को गंगा नदी में स्नान के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान पीयूष कुमार, तेज कुमार और प्रिंस कुमार के रूप में की गई है — तीनों की उम्र 7 से 11 साल के बीच थी। इस दुखद हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

रविवार की सुबह हेतनपुर गांव के कई बच्चे मिलकर गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। नहाते समय अचानक पीयूष, तेज और प्रिंस का पैर गहरे पानी में चला गया और तीनों डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य बच्चों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा की तेज धारा के सामने वे बेबस रहे और देखते ही देखते तीनों बच्चे नदी में समा गए।

बचाव और अस्पताल पहुंचाने का प्रयास

अन्य बच्चों द्वारा सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन तत्काल गंगा घाट पर जुट गए। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला और उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई

शाहपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।

परिवारों पर असर और राहत राशि

ग्रामीणों के अनुसार तीनों बच्चे गहरे दोस्त थे और रोज़ाना साथ खेलते-कूदते थे। तीन परिवारों के इकलौते चिराग एक साथ बुझ जाने से पूरे गांव में मातम का माहौल है। बताया गया है कि आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4 लाख की अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी।

आगे क्या

यह हादसा गंगा के घाटों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। गर्मियों में नदियों में स्नान के दौरान डूबने की घटनाएँ बिहार में हर वर्ष दर्ज होती हैं। स्थानीय प्रशासन से घाटों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कदम उठाने की माँग उठ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी घाटों पर स्थायी निगरानी तंत्र की कमी बनी रहती है। ₹4 लाख की अनुग्रह राशि परिवारों के लिए राहत की एक छोटी-सी कड़ी है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन सुरक्षा उपायों — जैसे लाइफगार्ड तैनाती, चेतावनी बोर्ड और गहरे पानी की पहचान — को लेकर कोई दीर्घकालिक नीति बनाएगा। तीन बच्चों की एक साथ मौत इस चूक की कीमत बताती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में गंगा में डूबने से कितने बच्चों की मौत हुई और उनकी पहचान क्या है?
21 जून को पटना के हेतनपुर गांव में गंगा नदी में डूबने से तीन बच्चों — पीयूष कुमार, तेज कुमार और प्रिंस कुमार — की मौत हुई। तीनों की उम्र 7 से 11 साल के बीच थी।
हेतनपुर गांव में गंगा डूबने की घटना कैसे हुई?
रविवार सुबह बच्चे गंगा घाट पर स्नान करने गए थे, जहाँ नहाते समय तीनों का पैर अचानक गहरे पानी में चला गया। साथ मौजूद अन्य बच्चों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी की तेज धारा के कारण वे सफल नहीं हो सके।
मृतक बच्चों के परिजनों को क्या सहायता मिलेगी?
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख की अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी।
पुलिस ने इस घटना में क्या कार्रवाई की?
शाहपुर थाना पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
क्या बिहार में गंगा में डूबने की ऐसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, बिहार में गर्मियों के मौसम में गंगा और सहायक नदियों में बच्चों के डूबने की घटनाएँ हर वर्ष सामने आती हैं। घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होना इन हादसों का प्रमुख कारण माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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