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क्या छठ के बीच गंगा में डूबने से चार मासूमों की मौत हुई?

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क्या छठ के बीच गंगा में डूबने से चार मासूमों की मौत हुई?

सारांश

छठ पूजा के दौरान भागलपुर में चार बच्चों की गंगा में डूबने से हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डाल दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस हादसे ने सुरक्षा के मुद्दों को भी उजागर किया है, प्रशासन ने तात्कालिक कार्रवाई की है।

मुख्य बातें

छठ पूजा के दौरान बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
गंगा नदी में डूबने की घटनाएं गंभीर होती हैं।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाने का निर्णय लिया।
नदी में सावधानी बरतना आवश्यक है।

पटना, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। गंगा नदी में डूबने के कारण एक ही गांव के चार नन्हे बच्चों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिले।

सोमवार को नवगछिया अनुमंडल के नवटोलिया गांव में बच्चे छठ घाट बनाने के बाद नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान उनका एक साथी गहरे पानी में फंस गया। उसे बचाने की कोशिश में बाकी तीन बच्चे भी नदी के गहरे पानी में समा गए।

घटना की सूचना मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तुरंत नदी किनारे पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू की। बाद में इस्माइलपुर थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और गोताखोरों के प्रयासों के बाद चारों बच्चों को नदी से निकाला गया। उन्हें तुरंत इस्माइलपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

एक ही गांव के चार बच्चों की मौत से पूरा इलाका मातम में डूब गया। छठ पूजा की रौनक ग़म में बदल गई। नवटोलिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में चीख-पुकार और शोक का माहौल फैल गया। लोग कहते हैं कि बच्चे बेहद उत्साहित थे और घाट बनाने में बड़ों की मदद कर रहे थे, लेकिन देखते ही देखते खुशियां मातम में बदल गईं।

छठ जैसे पवित्र पर्व की तैयारियों के बीच घटी यह घटना लोगों के दिलों को झकझोर गई है। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में गंगा किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और घाटों पर बैरिकेडिंग करने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि छठ पूजा के दौरान नदी में सावधानी बरतें, खासकर बच्चों को अकेले न जाने दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज की सुरक्षा और जागरूकता के लिए एक गंभीर संकेत है। हमें अपने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और ऐसी घटनाओं से सबक लेना चाहिए। प्रशासन की तात्कालिक कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इसे निरंतरता में लाना आवश्यक है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में क्या हुआ?
चार मासूम बच्चे गंगा में डूब गए, जब वे छठ घाट बनाने के बाद स्नान करने गए थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों को धैर्य और शक्ति की प्रार्थना की।
क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाए हैं?
हां, प्रशासन ने गंगा किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और घाटों पर बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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