28 जुलाई 2026
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गंगापुर बांध में चार की मौत: तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और युवती डूबी, नासिक में शोक

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गंगापुर बांध में चार की मौत: तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और युवती डूबी, नासिक में शोक

सारांश

नासिक के गंगापुर बांध में पारिवारिक भोज के बाद घूमने गए चार लोग — तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और एक युवती — स्पिलवे की अचानक गहराई में समा गए। ग्रामीणों ने सरकारी दलों से पहले शव बरामद किए। लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में।

मुख्य बातें

12 जून को नासिक के गंगापुर बांध के स्पिलवे क्षेत्र में डूबने से चार लोगों की मौत हुई।
मृतकों में सावरगांव के तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन — गणेश, साहिल और निखिल गोटारणे (सभी 16 वर्ष) — और तलेगांव अंजानेरी की मयूरी जाधव (21) शामिल हैं।
सभी पीड़ित पारंपरिक भोज 'धोंड्या-चे जेवन' के बाद बांध पर घूमने गए थे।
पानी के नीचे छिपे गड्ढों और अचानक बढ़ती गहराई के कारण हादसा हुआ; एक युवती को सुरक्षित बचाया गया।
सरकारी दलों से पहले ग्रामीणों ने नावों से खोज कर चारों शव बरामद किए।
गंगापुर बांध पर प्रतिदिन 8,000 से 10,000 पर्यटक आते हैं; स्पिलवे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

नासिक जिले के गंगापुर बांध के स्पिलवे क्षेत्र में 12 जून को डूबने की एक दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सावरगांव गांव के तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और तलेगांव अंजानेरी की एक युवती शामिल हैं। इस हादसे ने सावरगांव समेत आसपास के गांवों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

मृतकों की पहचान

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मृतकों की पहचान सावरगांव निवासी गणेश गोटारणे (16), साहिल गोटारणे (16) और निखिल गोटारणे (16) — तीनों चचेरे भाई-बहन — तथा तलेगांव अंजानेरी की रहने वाली मयूरी जाधव (21) के रूप में हुई है। तीनों किशोर एक ही परिवार से थे और एक-दूसरे के करीबी रिश्तेदार थे।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

गुरुवार को गोटारणे परिवार ने पारंपरिक सामुदायिक भोज 'धोंड्या-चे जेवन' के लिए रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। दोपहर के भोजन के बाद मयूरी जाधव ने गंगापुर बांध के स्पिलवे इलाके में घूमने की इच्छा जताई, और परिवार के पाँच अन्य सदस्यों व रिश्तेदारों के साथ वह बांध पर पहुँची।

बांध पर पहुँचने के बाद सभी पानी में उतर गए। शुरुआत में पानी कमर तक ही था, परंतु पानी के नीचे अचानक आने वाली गहराई और छिपे गड्ढों की जानकारी किसी को नहीं थी। एक युवक अनजाने में गहरे हिस्से में पहुँच गया और डूबने लगा। जैसे ही बाकी लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, वे भी तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गए। अफरातफरी के बीच एक युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन किशोर और मयूरी जाधव पानी में बह गए।

बचाव अभियान और शव बरामदगी

पानी से बचकर निकले एक युवक ने गांव पहुँचकर लोगों को सूचित किया। स्थानीय युवक तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और सरकारी बचाव दलों के आने से पहले ही नावों व अन्य उपलब्ध साधनों से खोज अभियान शुरू कर दिया। ग्रामीणों के प्रयासों से अंततः चारों शव बरामद कर लिए गए। बचाई गई घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। शाम को मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला सरकारी अस्पताल भेजा गया।

गंगापुर बांध: लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा का सवाल

गंगापुर बांध नासिक और आसपास के इलाकों का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ प्रतिदिन 8,000 से 10,000 पर्यटक आते हैं। यहाँ एक बोट क्लब भी संचालित होता है और सुरक्षा के इंतजाम भी बताए जाते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मानसून से पहले जल-स्तर में उतार-चढ़ाव और स्पिलवे क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश को लेकर सुरक्षा प्रश्न एक बार फिर उठने लगे हैं। गौरतलब है कि बांध के स्पिलवे क्षेत्र में पानी की गहराई अचानक और अप्रत्याशित रूप से बदल सकती है, जिसकी जानकारी आगंतुकों को अक्सर नहीं होती।

शोक की लहर

घटना की सूचना फैलते ही सावरगांव और निकटवर्ती गांवों से सैकड़ों लोग बांध के पास एकत्रित हो गए। परिवारों में कोहराम मच गया। प्रशासन ने घटना की जाँच शुरू कर दी है और आगे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्पिलवे जैसे खतरनाक क्षेत्रों में पर्यटकों का अनियंत्रित प्रवेश एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। यह पहली ऐसी घटना नहीं है — महाराष्ट्र के बांधों और जलाशयों के किनारे हर मानसून-पूर्व सीजन में ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराई जाती हैं। सवाल यह है कि जब बोट क्लब और सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं, तो स्पिलवे क्षेत्र में चेतावनी बाड़ और निगरानी क्यों पर्याप्त नहीं? जब तक प्रशासन पर्यटन स्थलों पर जल-सुरक्षा को महज खानापूर्ति से आगे नहीं ले जाता, ऐसे परिवार हर साल टूटते रहेंगे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगापुर बांध में डूबने की घटना कब और कैसे हुई?
यह हादसा 12 जून को हुआ, जब सावरगांव के गोटारणे परिवार के सदस्य और रिश्तेदार पारंपरिक भोज के बाद गंगापुर बांध के स्पिलवे क्षेत्र में घूमने गए। पानी में उतरने पर अचानक गहराई और छिपे गड्ढों की चपेट में आने से चार लोग डूब गए।
गंगापुर बांध हादसे में कौन-कौन से लोग मारे गए?
मृतकों में सावरगांव के गणेश गोटारणे (16), साहिल गोटारणे (16) और निखिल गोटारणे (16) — तीनों चचेरे भाई-बहन — तथा तलेगांव अंजानेरी की मयूरी जाधव (21) शामिल हैं। एक अन्य युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।
बचाव कार्य कैसे हुआ और शव कब मिले?
सरकारी बचाव दलों के पहुँचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण नावों और अन्य साधनों से खोज अभियान में जुट गए। उनके प्रयासों से चारों शव बरामद कर लिए गए और शाम को पोस्टमार्टम के लिए जिला सरकारी अस्पताल भेजे गए।
गंगापुर बांध में इतने पर्यटक आते हैं तो सुरक्षा क्यों चूकी?
गंगापुर बांध पर प्रतिदिन 8,000 से 10,000 पर्यटक आते हैं और यहाँ बोट क्लब व सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं। हादसा स्पिलवे क्षेत्र में हुआ जहाँ पानी की गहराई अचानक बदलती है; पीड़ितों को इसकी जानकारी नहीं थी, जो निगरानी और चेतावनी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
घटना के बाद प्रशासन ने जाँच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय करने की बात कही जा रही है। बचाई गई घायल युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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