गंगापुर बांध में चार की मौत: तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और युवती डूबी, नासिक में शोक
सारांश
मुख्य बातें
नासिक जिले के गंगापुर बांध के स्पिलवे क्षेत्र में 12 जून को डूबने की एक दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सावरगांव गांव के तीन नाबालिग चचेरे भाई-बहन और तलेगांव अंजानेरी की एक युवती शामिल हैं। इस हादसे ने सावरगांव समेत आसपास के गांवों को गहरे शोक में डुबो दिया है।
मृतकों की पहचान
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मृतकों की पहचान सावरगांव निवासी गणेश गोटारणे (16), साहिल गोटारणे (16) और निखिल गोटारणे (16) — तीनों चचेरे भाई-बहन — तथा तलेगांव अंजानेरी की रहने वाली मयूरी जाधव (21) के रूप में हुई है। तीनों किशोर एक ही परिवार से थे और एक-दूसरे के करीबी रिश्तेदार थे।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
गुरुवार को गोटारणे परिवार ने पारंपरिक सामुदायिक भोज 'धोंड्या-चे जेवन' के लिए रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। दोपहर के भोजन के बाद मयूरी जाधव ने गंगापुर बांध के स्पिलवे इलाके में घूमने की इच्छा जताई, और परिवार के पाँच अन्य सदस्यों व रिश्तेदारों के साथ वह बांध पर पहुँची।
बांध पर पहुँचने के बाद सभी पानी में उतर गए। शुरुआत में पानी कमर तक ही था, परंतु पानी के नीचे अचानक आने वाली गहराई और छिपे गड्ढों की जानकारी किसी को नहीं थी। एक युवक अनजाने में गहरे हिस्से में पहुँच गया और डूबने लगा। जैसे ही बाकी लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, वे भी तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गए। अफरातफरी के बीच एक युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन किशोर और मयूरी जाधव पानी में बह गए।
बचाव अभियान और शव बरामदगी
पानी से बचकर निकले एक युवक ने गांव पहुँचकर लोगों को सूचित किया। स्थानीय युवक तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और सरकारी बचाव दलों के आने से पहले ही नावों व अन्य उपलब्ध साधनों से खोज अभियान शुरू कर दिया। ग्रामीणों के प्रयासों से अंततः चारों शव बरामद कर लिए गए। बचाई गई घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। शाम को मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला सरकारी अस्पताल भेजा गया।
गंगापुर बांध: लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा का सवाल
गंगापुर बांध नासिक और आसपास के इलाकों का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ प्रतिदिन 8,000 से 10,000 पर्यटक आते हैं। यहाँ एक बोट क्लब भी संचालित होता है और सुरक्षा के इंतजाम भी बताए जाते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मानसून से पहले जल-स्तर में उतार-चढ़ाव और स्पिलवे क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश को लेकर सुरक्षा प्रश्न एक बार फिर उठने लगे हैं। गौरतलब है कि बांध के स्पिलवे क्षेत्र में पानी की गहराई अचानक और अप्रत्याशित रूप से बदल सकती है, जिसकी जानकारी आगंतुकों को अक्सर नहीं होती।
शोक की लहर
घटना की सूचना फैलते ही सावरगांव और निकटवर्ती गांवों से सैकड़ों लोग बांध के पास एकत्रित हो गए। परिवारों में कोहराम मच गया। प्रशासन ने घटना की जाँच शुरू कर दी है और आगे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही जा रही है।