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बड़वानी में दर्दनाक हादसा: आंनेर नदी में डूबे तीन सगे भाई-बहन, पूरे गांव में पसरा मातम

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बड़वानी में दर्दनाक हादसा: आंनेर नदी में डूबे तीन सगे भाई-बहन, पूरे गांव में पसरा मातम

सारांश

मध्य प्रदेश के बड़वानी में वरला थाना क्षेत्र के बिलवा पनाली में बुधवार शाम तीन सगे भाई-बहन — राधा (10), राजवीर (8) और जयवीर (6) — आंनेर नदी में नहाने गए और डूब गए। ग्रामीणों की मदद से शव बरामद हुए। पूरे इलाके में शोक छाया है।

मुख्य बातें

तीन मासूमों की मौत: बड़वानी के वरला थाना क्षेत्र में राधा (10) , राजवीर (8) और जयवीर (6) आंनेर नदी में डूबे।
घटना का समय: बुधवार, 23 अप्रैल 2025 की शाम को बिलवा पनाली में हुई दुर्घटना।
परिवार मामा के घर था: तीनों बच्चे देओली गांव के रहने वाले थे और मामा के यहां आए हुए थे।
बड़ी बहन बची: बड़ी बहन राधिका उस समय दूसरे मामा के घर थी, इसलिए वह सुरक्षित रही।
शव बरामद: ग्रामीणों के सर्च ऑपरेशन के बाद तीनों शव नदी से निकाले गए और धावली अस्पताल भेजे गए।
पुलिस कार्रवाई: वरला थाना पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

बड़वानी (मध्य प्रदेश), 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसे में तीन सगे भाई-बहन आंनेर नदी में डूबकर काल के गाल में समा गए। मृतकों की पहचान राधा (उम्र 10 वर्ष), राजवीर (उम्र 8 वर्ष) और जयवीर (उम्र 6 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे देओली गांव निवासी पवन ब्राह्मणे के पुत्र-पुत्री थे।

घटना का पूरा घटनाक्रम

परिवार उस समय बिलवा पनाली स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। बुधवार की शाम तीनों बच्चे पास में बहने वाली आंनेर नदी में नहाने के लिए चले गए। नहाते समय सबसे छोटा बच्चा जयवीर अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।

उसे बचाने के लिए राजवीर पानी में कूद गया, लेकिन वह भी गहरे बहाव में फंस गया। दोनों को संकट में देख राधा भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरी, परंतु तीनों बच्चे गहरे पानी में समा गए। यह त्रासदी पलभर में पूरे परिवार को तबाह कर गई।

परिजनों को कैसे मिली खबर

जब शाम ढलने पर भी बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। खोजबीन के दौरान पिता पवन ब्राह्मणे को नदी किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पलें मिलीं, जिससे अनहोनी की आशंका प्रबल हो गई।

उल्लेखनीय है कि घटना के समय बच्चों की बड़ी बहन राधिका दूसरे मामा के घर पर थी, इसलिए वह इस दुर्घटना से बच गई।

सर्च ऑपरेशन और शवों की बरामदगी

परिजनों की सूचना पर ग्रामीणों ने तत्काल नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव नदी से बरामद किए गए। सूचना मिलते ही वरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए धावली अस्पताल भेज दिया गया।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death) का प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई और किसी आपराधिक कोण की संभावना नहीं है।

गांव में शोक की लहर

इस दर्दनाक घटना की खबर फैलते ही देओली गांव और आसपास के इलाकों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई। पवन ब्राह्मणे के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है — एक ही दिन में तीन मासूम बच्चों को खोने का दर्द असहनीय है।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों के किनारे बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करती है। प्रशासन को चाहिए कि नदी-तालाबों के खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण भारत में बच्चों की सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक लापरवाही का आईना है। नदियों-तालाबों के खतरनाक घाटों पर न चेतावनी बोर्ड हैं, न सुरक्षाकर्मी — और नतीजा होता है ऐसी असहनीय क्षति। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना होगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बड़वानी में आंनेर नदी हादसे में कौन-कौन से बच्चे डूबे?
बड़वानी के वरला थाना क्षेत्र में आंनेर नदी में राधा (10 वर्ष), राजवीर (8 वर्ष) और जयवीर (6 वर्ष) डूब गए। तीनों देओली गांव निवासी पवन ब्राह्मणे के बच्चे थे।
बड़वानी नदी हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा 23 अप्रैल 2025 को बुधवार की शाम मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र में बिलवा पनाली के पास आंनेर नदी में हुआ।
तीन भाई-बहन एक साथ नदी में कैसे डूब गए?
नहाते समय सबसे पहले एक बच्चा गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा और फिर तीसरा बच्चा भी नदी में कूदा, और तीनों गहरे बहाव में डूब गए।
बड़वानी नदी हादसे में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
वरला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए धावली अस्पताल भेजा और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
क्या बड़वानी जैसी नदी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है?
हां, नदी के खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बाड़ और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से ऐसी दुर्घटनाएं काफी हद तक रोकी जा सकती हैं। बच्चों को बिना बड़ों की निगरानी के नदी में न जाने देना सबसे जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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