दामोदर नदी में डूबने से दो किशोरों की मौत, रामगढ़ के गढ़बांध में हुआ दर्दनाक हादसा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के रामगढ़ शहर के गढ़बांध के निकट दामोदर नदी में 17 मई, रविवार को नहाने के दौरान 14 वर्षीय दो किशोरों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। तीसरे किशोर को स्थानीय लोगों की तत्परता से बचा लिया गया, लेकिन देर शाम तक दोनों बच्चों के शव नदी से बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
मृतकों की पहचान प्रिंस सोनकर (पुत्र बबलू सोनकर, निवासी मेन रोड, सुभाष चौक, रामगढ़) और वैभव वर्मा (पुत्र दीपक कुमार वर्मा, निवासी अयोध्या नगर, बिजुलिया तालाब) के रूप में हुई है — दोनों की उम्र 14 वर्ष थी। तीनों किशोर रविवार को घरों से फुटबॉल खेलने का बहाना बनाकर निकले थे।
खेल के बाद भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए तीनों गढ़बांध स्थित दामोदर नदी पहुँचे और पानी में उतर गए। नहाते समय वे अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। बंगाली टोला निवासी आयुष कुमार तिवारी को मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने समय रहते बाहर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच गई। प्रिंस और वैभव गहरे पानी में समा गए।
चेकडैम बना खतरे का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार, गढ़बांध क्षेत्र में जलापूर्ति योजना के तहत बनाए गए चेकडैम के कारण दामोदर नदी का यह हिस्सा असामान्य रूप से गहरा हो गया है। यह स्थिति अनजान किशोरों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है, क्योंकि ऊपर से पानी सामान्य दिखता है लेकिन भीतर गहराई अधिक होती है।
गौरतलब है कि गर्मियों में नदियों और जलाशयों के किनारे इस तरह के हादसे झारखंड में बार-बार सामने आते हैं, फिर भी संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड या निगरानी की व्यवस्था प्रायः अपर्याप्त रहती है।
प्रशासन और खोज अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। नदी में शवों की तलाश के लिए सघन खोज अभियान चलाया गया। रविवार देर शाम गढ़बांध चेकडैम के समीप से दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए।
परिजनों में कोहराम
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे इलाके में गम का माहौल है। दोनों परिवार अपने इकलौते सहारे को खोकर टूट गए हैं।
क्या होगा आगे
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर माँग उठ रही है कि गढ़बांध क्षेत्र और दामोदर नदी के अन्य खतरनाक हिस्सों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ और गर्मियों में निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।