खंडवा में 11 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन: टापू पर फंसे 4 युवक सुरक्षित, SDRF-होमगार्ड की 30 जवानों की टीम ने बचाया
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में 31 जुलाई 2026 को बारिश के बीच नदी के तेज बहाव में टापू पर फंसे 4 युवकों को एसडीआरएफ, होमगार्ड और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने करीब 11 घंटे के लंबे अभियान के बाद सुरक्षित निकाल लिया। जावर थाना क्षेत्र में हुई यह घटना मानसून के दौरान नदियों के अचानक उफान से उत्पन्न खतरों की एक और गंभीर मिसाल बनकर सामने आई।
कैसे फंसे युवक
चारों युवक गुरुवार शाम घूमने के उद्देश्य से जावर थाना क्षेत्र की नदी के पास गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और बहाव इतना तीव्र हो गया कि वे टापू पर फंसकर रह गए और वापस नहीं लौट सके। शाम करीब 6:15 बजे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद बचाव अभियान तत्काल शुरू किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
सूचना मिलते ही खंडवा एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कंपनी कमांडर ने घटनास्थल का जायजा लिया, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि शुरुआती प्रयासों में नाव और रस्सियों के जरिए युवकों तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तरीय कमांड सेंटर से संपर्क किया गया और इंदौर एसडीआरएफ की टीम को भी तत्काल बुलाया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ से भी समन्वय स्थापित किया गया।
जिला प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पूरी स्थिति से अवगत कराया।
ड्रोन से पहुंची मदद, फोन ने बचाई जान
राहत की बात यह रही कि चारों युवकों के पास मोबाइल फोन थे, जिससे रेस्क्यू टीम का उनसे लगातार संपर्क बना रहा। एसडीआरएफ ने ड्रोन की सहायता से युवकों तक लाइफ जैकेट, खाने के पैकेट और पानी पहुंचाया। फोन पर उन्हें लाइफ जैकेट सही तरीके से पहनने का तरीका भी समझाया गया। टीम लगातार नदी के जलस्तर और बहाव पर नज़र बनाए रही।
सुबह हुई सफल वापसी
एसडीआरएफ कमांडेंट आशीष कुशवाह ने बताया कि सुबह के समय जलस्तर और बहाव में कुछ कमी आने पर बचाव दल नाव के जरिए टापू तक पहुंचने में सफल रहा और चारों युवकों को सुरक्षित किनारे तक लाया गया। सूचना मिलने से लेकर सफल रेस्क्यू तक पूरे अभियान में साढ़े 10 से 11 घंटे का समय लगा।
30 से अधिक जवानों की संयुक्त टीम
कमांडेंट आशीष कुशवाह के अनुसार इस अभियान में इंदौर एसडीआरएफ की पाँच सदस्यीय टीम, खंडवा एसडीआरएफ, होमगार्ड, गोताखोर और जिला प्रशासन समेत 30 से अधिक जवान शामिल रहे। सभी एजेंसियों के बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयास ने इस कठिन अभियान को सफल बनाया। यह ऑपरेशन मानसून के दौरान बहु-एजेंसी समन्वय की अहमियत को रेखांकित करता है।