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गंडक नदी में बही तीन किशोरियाँ, गोपालगंज में SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी

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गंडक नदी में बही तीन किशोरियाँ, गोपालगंज में SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी

सारांश

बिहार के गोपालगंज में गंडक नदी ने तीन किशोरियों को लील लिया — नाव से खेतों से लौटते वक्त भारी बारिश और उफनती धाराओं ने पल भर में त्रासदी रच दी। SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी है, पर तेज़ बहाव बचाव में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

मुख्य बातें

29 मई 2026 को बिहार के गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट के पास गंडक नदी में तीन किशोरियाँ बह गईं।
लड़कियाँ तांडासपुर गाँव की हैं और कृषि कार्य से नाव द्वारा वापस लौटते समय हादसे का शिकार हुईं।
SDRF और NDRF की टीमें मोटरबोट से व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं।
एसएचओ चंदन कुमार और एसडीपीओ-2 राजेश कुमार घटनास्थल पर मौजूद हैं।
भारी बारिश और तेज़ धाराओं के कारण बचाव अभियान में गंभीर चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

बिहार के गोपालगंज जिले में 29 मई 2026 को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब तांडासपुर गाँव की तीन किशोरियाँ गंडक नदी पार करते समय तेज़ धाराओं में बह गईं। यह घटना मोहम्मदपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के डुमरिया घाट के निकट उस समय हुई जब लड़कियाँ अपनी माँ और अन्य ग्रामीणों के साथ नाव से खेतों से वापस लौट रही थीं। तीनों के अभी तक लापता होने की पुष्टि अधिकारियों ने की है।

घटना का क्रम

ग्रामीणों का यह समूह अपने पशुओं के साथ नदी के दूसरे किनारे पर कृषि कार्य के लिए गया था। वापसी के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया — भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण गंडक नदी का जलस्तर और बहाव दोनों बढ़ गए। इसी बीच तीनों किशोरियाँ कथित तौर पर नाव से फिसलकर उफनते पानी में जा गिरीं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण नदी तट पर जमा हो गए और स्वयंसेवी तलाश शुरू हो गई।

बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही एसएचओ चंदन कुमार पुलिस दल के साथ डुमरिया घाट पहुँचे। जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर रवाना कीं। बचाव दल मोटरबोट और अन्य उपकरणों की सहायता से नदी में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं।

बचाव में चुनौतियाँ

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और गंडक नदी के तीव्र बहाव के कारण अभियान में गंभीर अवरोध आ रहे हैं। दृश्यता कम होने और पानी की तेज़ रफ़्तार से गोताखोरों को भी जोखिम है। इसके बावजूद टीमें रुके बिना अभियान जारी रखे हुए हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

गोपालगंज के सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के तांडासपुर गाँव के ग्रामीण अपने पशुओं सहित गंडक नदी पार कर रहे थे। खराब मौसम और तेज़ धाराओं के कारण आशंका है कि तीन लड़कियाँ डूब गईं। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही SDRF टीमें तुरंत मौके पर भेजी गईं और तलाशी अभियान अनवरत जारी है।

परिवार और गाँव में शोक

लापता किशोरियों के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे गाँव में चिंता व शोक का माहौल छाया हुआ है। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी नदी तट पर जमा हैं और बचाव दलों से हर पल अपडेट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर मानसून-पूर्व बाढ़ के खतरे और नदी पार करने की असुरक्षित परिस्थितियों की ओर ध्यान खींचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान नदारद रहते हैं। गंडक, कोसी और गंगा के किनारे बसे गाँवों में आज भी सुरक्षित पुल या नौका सेवा की जगह जर्जर नावें ही एकमात्र विकल्प हैं। सवाल यह है कि क्या SDRF-NDRF की तैनाती महज़ प्रतिक्रियात्मक कदम बनी रहेगी, या राज्य सरकार घाट-सुरक्षा और मौसम-चेतावनी तंत्र को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में ठोस नीति बनाएगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोपालगंज में गंडक नदी हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 29 मई 2026 को बिहार के गोपालगंज जिले में मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया घाट के पास हुआ। तीन किशोरियाँ नाव से कृषि कार्य से लौटते समय भारी बारिश और तेज़ धाराओं में बह गईं।
लापता किशोरियों की तलाश में कौन-सी टीमें लगी हैं?
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मोटरबोट और बचाव उपकरणों के साथ तलाशी अभियान चला रही हैं। एसएचओ चंदन कुमार और एसडीपीओ-2 राजेश कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
बचाव अभियान में क्या चुनौतियाँ आ रही हैं?
अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश और गंडक नदी के तीव्र बहाव के कारण बचाव कार्य में गंभीर बाधाएँ हैं। कम दृश्यता और उफनते पानी की रफ़्तार से गोताखोरों के लिए भी स्थिति जोखिम भरी बनी हुई है।
लड़कियाँ नदी में कैसे बह गईं?
तांडासपुर गाँव की ये किशोरियाँ अपनी माँ और अन्य ग्रामीणों के साथ पशुओं सहित नाव से गंडक नदी पार कर रही थीं। वापसी के दौरान मौसम अचानक बिगड़ा और भारी बारिश के बीच तेज़ धाराओं में तीनों कथित तौर पर नाव से फिसलकर पानी में चली गईं।
इस हादसे का परिवारों और गाँव पर क्या असर पड़ा?
लापता किशोरियों के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी नदी तट पर जमा हैं और बचाव दल से हर पल अपडेट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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