दरभंगा में कोसी नदी पर नाव पलटी, किशोरी समेत तीन महिला किसान लापता; SDRF का खोज अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के दरभंगा जिले में बुधवार, 10 जून की सुबह कोसी नदी में मूंग की फसल काटने जा रहे किसानों से भरी एक नाव पलट गई, जिससे एक किशोरी सहित तीन महिलाएं लापता हो गईं। हादसे के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने तत्काल सघन खोज अभियान शुरू कर दिया है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तरवारा घाट के निकट रिंग बांध के पास हुई। करीब 10 किसान — जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं — एक ही नाव में सवार होकर नदी पार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस वक्त नदी में बहाव अत्यंत तेज था, जिसके कारण नाव का संतुलन बिगड़ा और वह कुछ ही क्षणों में पलट गई। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे।
बचाव कार्य और लापता महिलाएं
मौके पर तैनात SDRF जवान रविंद्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, एक किशोरी समेत तीन महिला किसान तेज धारा में बह गईं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शशांक राज और SDPO प्रभाकर तिवारी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। SDO शशांक राज ने कहा, 'घटना की सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम लापता लोगों की तलाश कर रही है। मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'
नदी परिवहन सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना बिहार के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में नदी परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता उत्पन्न करती है। गौरतलब है कि इस हादसे से महज एक दिन पहले सहरसा जिले में भी कोसी नदी में करीब 20 किसानों को ले जा रही एक अन्य नाव पलट गई थी — हालांकि उस घटना में स्थानीय ग्रामीणों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया था। दो दिनों में एक ही नदी पर दो नाव हादसे यह संकेत देते हैं कि फसल कटाई के मौसम में जब किसान बड़ी संख्या में नदी पार करते हैं, तब नाव सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।
आगे क्या
SDRF की टीम लापता तीनों महिलाओं की खोज में लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन ने बताया कि जब तक लापता महिलाओं का पता नहीं चल जाता, खोज अभियान जारी रहेगा। यह हादसा राज्य सरकार के सामने नदी पार करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती को नए सिरे से रेखांकित करता है।