पटना में गंगा नदी में नाव पलटी: 2 की मौत, 5 लापता; SDRF की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
पटना के बाढ़ इलाका क्षेत्र में गुरुवार, 28 मई को गंगा नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना में दो लोगों की मौत हो गई और पाँच लोग लापता हैं। पुलिस व राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
घटनाक्रम: कैसे पलटी नाव
पुलिस के अनुसार, सुबह उमानाथ घाट से 14 से 15 लोग एक छोटी नाव पर सवार होकर गंगा नदी के उस पार सब्जी तोड़ने गए थे — यह उनकी रोज़ की दिनचर्या थी। ये ग्रामीण नदी के दूसरी तरफ खेती करते हैं और नाव ही उनका एकमात्र आवागमन का साधन है।
वापस लौटते समय नाव गंगा की बीच धारा में पहुँचते ही अचानक पलट गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उस वक्त इलाके में तेज़ हवा भी चल रही थी, जिससे हालात और बिगड़ गए। धारा इतनी तेज़ थी कि कुछ यात्री बहुत तेज़ी से बह गए और उन्हें बचाने का मौका भी नहीं मिला।
बचाव अभियान: स्थानीय साहस और SDRF की तैनाती
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद मल्लाहों और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाई और नाविक समेत ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाए गए सभी लोगों को उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल में भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक दो शव नदी से बरामद किए जा चुके हैं और पाँच लोग अभी भी लापता हैं। SDRF की टीम को विशेष रूप से लापता लोगों की खोज में लगाया गया है।
आम जनता पर असर
यह घटना उन सैकड़ों परिवारों की रोज़ की ज़िंदगी को उजागर करती है जो गंगा के दोनों किनारों पर खेती करते हैं और नाव पर निर्भर हैं। बाढ़ इलाका क्षेत्र में नदी पार करना इन किसानों के लिए जीविका का सवाल है। गौरतलब है कि इस इलाके में नाव दुर्घटनाएँ नई नहीं हैं — तेज़ धारा और मौसमी हवाएँ पुरानी नावों के लिए हमेशा ख़तरा बनती हैं।
क्या होगा आगे
राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। SDRF की टीम नदी में तलाशी अभियान चला रही है। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी घटनास्थल पर एकत्रित हैं। प्रशासन की ओर से लापता लोगों की पहचान और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है।