हमीरपुर नाव हादसा: यमुना में 2 शव बरामद, 4 बच्चे अभी भी लापता — NDRF-SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

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हमीरपुर नाव हादसा: यमुना में 2 शव बरामद, 4 बच्चे अभी भी लापता — NDRF-SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

सारांश

हमीरपुर में यमुना नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना में NDRF-SDRF ने महिला ब्रजरानी और 14 वर्षीय किशोरी अर्चना का शव बरामद किया। 9 में से 3 को बचाया गया, लेकिन 5 से 15 साल के 4 बच्चे अभी भी लापता हैं। तेज बारिश और बढ़े जलस्तर ने बचाव कार्य को और कठिन बना दिया है।

मुख्य बातें

बुधवार, 7 मई 2025 को हमीरपुर के कुतुबपुर पटिया गाँव के पास यमुना नदी में नाव पलटी, जिसमें करीब 9 लोग सवार थे।
3 लोगों को सुरक्षित बचाया गया; महिला ब्रजरानी और 14 वर्षीय किशोरी अर्चना के शव बरामद।
5 से 15 साल की उम्र के 4 बच्चे अभी भी लापता हैं।
NDRF, SDRF, फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोर सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं।
तेज बारिश और बढ़े जलस्तर के कारण बचाव कार्य में गंभीर बाधाएँ।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बुधवार, 7 मई 2025 की शाम यमुना नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने गुरुवार को दो शव बरामद किए — एक महिला और एक किशोरी के। नाव में सवार करीब 9 लोगों में से 3 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 4 बच्चे अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

यह हादसा कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गाँव के निकट हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नाव का अचानक संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई, जिसके बाद सवार लोग यमुना की तेज धारा में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुँच गए और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

शव बरामदगी: कौन थे पीड़ित

बचाव दल ने सबसे पहले महिला ब्रजरानी का शव नदी से निकाला। इसके बाद 14 वर्षीय किशोरी अर्चना का शव भी बरामद किया गया। दोनों शव मिलने के बाद भी राहत कार्य नहीं रोका गया, क्योंकि अभी 4 बच्चे लापता हैं, जिनकी उम्र 5 से 15 साल के बीच बताई जा रही है।

बचाव अभियान में चुनौतियाँ

घटनास्थल पर NDRF और SDRF की टीमों के साथ-साथ फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोर भी लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। हालाँकि, तेज बारिश और नदी के बढ़े हुए जलस्तर के कारण बचाव कार्य में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उफनती नदी में दृश्यता कम होने से गोताखोरों को अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ रहा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। नदी किनारे आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है और इलाके में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। रेस्क्यू टीमों को हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

परिजनों का दर्द, गाँव में मातम

हादसे के बाद से कुतुबपुर पटिया गाँव में शोक की लहर है। लापता बच्चों के परिजन रो-रोकर बेहाल हैं और अपनों की सलामती की दुआ माँग रहे हैं। गौरतलब है कि यमुना नदी में नाव दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है — उत्तर प्रदेश में नदियों में अत्यधिक भार और मौसमी उफान के दौरान ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लापता चारों बच्चों का पता नहीं चल जाता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अत्यधिक भार और मौसमी उफान के बावजूद नावों पर पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण नहीं होते। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पूर्व बारिश से नदियाँ पहले ही उफान पर हैं। असली सवाल यह है कि प्रशासन हर बार बचाव के बाद जाँच और सुरक्षा मानकों की बात करता है, लेकिन क्रियान्वयन की कमी के चलते ऐसी त्रासदियाँ बार-बार दोहराई जाती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीरपुर नाव हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा बुधवार, 7 मई 2025 की शाम उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गाँव के पास यमुना नदी में हुआ। नाव का अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब 9 सवार लोग नदी में गिर गए।
हमीरपुर नाव दुर्घटना में कितने लोग लापता हैं?
हादसे में 9 में से 3 लोगों को सुरक्षित बचाया गया और 2 के शव बरामद हुए। अभी भी 5 से 15 साल की उम्र के 4 बच्चे लापता हैं, जिनकी तलाश NDRF और SDRF की टीमें कर रही हैं।
बचाव अभियान में क्या-क्या चुनौतियाँ हैं?
तेज बारिश और यमुना नदी के बढ़े हुए जलस्तर के कारण सर्च ऑपरेशन में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं। NDRF, SDRF, फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोर लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कम दृश्यता और तेज धारा अभियान को कठिन बना रही है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। नदी किनारे आवाजाही पर नजर रखी जा रही है और रेस्क्यू टीमों को हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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