हमीरपुर नाव हादसा: यमुना में 2 शव बरामद, 4 बच्चे अभी भी लापता — NDRF-SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बुधवार, 7 मई 2025 की शाम यमुना नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने गुरुवार को दो शव बरामद किए — एक महिला और एक किशोरी के। नाव में सवार करीब 9 लोगों में से 3 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 4 बच्चे अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
यह हादसा कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गाँव के निकट हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नाव का अचानक संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई, जिसके बाद सवार लोग यमुना की तेज धारा में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुँच गए और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
शव बरामदगी: कौन थे पीड़ित
बचाव दल ने सबसे पहले महिला ब्रजरानी का शव नदी से निकाला। इसके बाद 14 वर्षीय किशोरी अर्चना का शव भी बरामद किया गया। दोनों शव मिलने के बाद भी राहत कार्य नहीं रोका गया, क्योंकि अभी 4 बच्चे लापता हैं, जिनकी उम्र 5 से 15 साल के बीच बताई जा रही है।
बचाव अभियान में चुनौतियाँ
घटनास्थल पर NDRF और SDRF की टीमों के साथ-साथ फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोर भी लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। हालाँकि, तेज बारिश और नदी के बढ़े हुए जलस्तर के कारण बचाव कार्य में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उफनती नदी में दृश्यता कम होने से गोताखोरों को अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। नदी किनारे आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है और इलाके में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। रेस्क्यू टीमों को हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
परिजनों का दर्द, गाँव में मातम
हादसे के बाद से कुतुबपुर पटिया गाँव में शोक की लहर है। लापता बच्चों के परिजन रो-रोकर बेहाल हैं और अपनों की सलामती की दुआ माँग रहे हैं। गौरतलब है कि यमुना नदी में नाव दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है — उत्तर प्रदेश में नदियों में अत्यधिक भार और मौसमी उफान के दौरान ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लापता चारों बच्चों का पता नहीं चल जाता।