पुणे: उफनती नदी में फंसे युवक को दमकल जवानों ने बचाया, गरवारे पुल के नीचे रेस्क्यू ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के गरवारे पुल के नीचे 3 अगस्त 2026 को शाम करीब 4 बजे उफनती नदी के तेज बहाव में फंसे 25 वर्षीय सागर आगाव को पुणे अग्निशमन दल के जवानों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। युवक नदी के बीचोंबीच एक खंभे को पकड़कर जान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था, और समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई ने उसकी जिंदगी बचा ली।
घटनाक्रम: कैसे मिली सूचना
सोमवार शाम गरवारे पुल के नीचे एक युवक के नदी के तेज बहाव में फंसने की सूचना पुणे अग्निशमन दल के नियंत्रण कक्ष को मिली। सूचना मिलते ही एरंडवणा अग्निशमन केंद्र की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुँचने पर जवानों ने देखा कि युवक नदी के मध्य तेज धार में एक खंभे को पकड़े बेहद डरी हुई अवस्था में खड़ा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: जवानों का साहस
स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए जवानों ने बिना एक पल गँवाए लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग और सुरक्षा रस्सी लेकर पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने पहले युवक का मनोबल बढ़ाया, फिर उसकी कमर में सुरक्षा रस्सी बाँधकर और लाइफ जैकेट पहनाकर सावधानीपूर्वक उसे किनारे तक सुरक्षित ले आए। यह ऑपरेशन न केवल तकनीकी दक्षता का, बल्कि असाधारण मानवीय साहस का भी प्रमाण था।
बचाए गए युवक की पहचान
बचाए गए युवक की पहचान सागर आगाव (25), निवासी कर्वेनगर, पुणे के रूप में हुई है। सुरक्षित बाहर निकलते ही उसने राहत की साँस ली। मौके पर मौजूद लोगों ने तालियाँ बजाकर जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अभिनंदन किया।
रेस्क्यू टीम के सदस्य
इस सफल बचाव अभियान में चालक महेश पांगारकर तथा जवान सचिन आयवळे, आशुतोष पिंगळे, सागर मुंढे, कमलेश माने, राहुल वाघमोडे और निलेश पाटिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन जवानों की तत्परता और टीमवर्क ने एक अनमोल जीवन को बचाना संभव किया।
मानसून में बढ़ती ऐसी घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब मानसून के कारण पुणे की नदियाँ उफान पर हैं और बाढ़-संबंधी हादसों में वृद्धि देखी जा रही है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून के दौरान नदियों में फंसने की ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, जिनमें अग्निशमन दल की त्वरित प्रतिक्रिया अक्सर जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा तय करती है। आगे भी नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों के नज़दीक न जाएँ।