31 जुलाई 2026
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खंडवा में 11 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन: हांडी कुंडी टापू पर फंसे 4 युवक SDRF ने बचाए

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खंडवा में 11 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन: हांडी कुंडी टापू पर फंसे 4 युवक SDRF ने बचाए

सारांश

बारिश के बीच पिकनिक पर निकले चार युवक खंडवा की सुक्ता-आबना नदी के संगम पर टापू पर घिर गए। 11 घंटे, ड्रोन से राशन, हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय — और अंततः तड़के 4:45 बजे SDRF की बोट ने उन्हें सुरक्षित निकाला।

मुख्य बातें

खंडवा के हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में 4 युवक — हुजेफा, असगर, मुस्तफा और मयंक — नदी में अचानक बाढ़ से टापू पर फंस गए।
बचाव अभियान 31 जुलाई की शाम 6 बजे शुरू हुआ और 11 घंटे बाद 1 अगस्त तड़के 4:45 बजे सफल हुआ।
इंदौर और खंडवा SDRF की संयुक्त टीम ने बोट से रेस्क्यू किया; रायपुर में हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय रखा गया था।
टापू पर फंसे युवकों तक ड्रोन से खाना, पानी और लाइफ जैकेट पहुँचाए गए।
मौके पर प्रभारी कलेक्टर नागार्जुन गौड़ा , एसपी अगम जैन सहित प्रशासन की बड़ी टीम मौजूद रही।
सभी चारों युवक सुरक्षित हैं; परिजनों ने प्रशासन का आभार जताया।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में 31 जुलाई 2026 को एक नाटकीय बचाव अभियान के बाद हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में नदी के बीच टापू पर फंसे चार युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। SDRF की संयुक्त टीम ने 11 घंटे के अथक प्रयास के बाद शुक्रवार तड़के 4:45 बजे बोट के जरिए चारों को बाहर निकाला।

कैसे फंसे युवक टापू पर

खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में हुजेफा हामिद अली — जो शहर के एक मेडिकल व्यवसायी हैं — अपने तीन साथियों असगर, मुस्तफा और मयंक के साथ बारिश के बीच पिकनिक मनाने पहुँचे थे। इसी दौरान नदी में अचानक बाढ़ आ जाने से चारों एक छोटे टापू पर घिर गए और तेज बहाव के कारण वापस नहीं लौट सके।

रेस्क्यू ऑपरेशन का घटनाक्रम

जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुँची। बचाव अभियान गुरुवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। नदी के दोनों छोर से SDRF की टीमों ने प्रयास आरंभ किए। इस बीच जिला प्रशासन ने एयरलिफ्ट का विकल्प भी तैयार रखा और इसके लिए रायपुर में एक बचाव हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखा गया।

टापू पर फंसे युवकों तक ड्रोन के जरिए खाना, पानी और लाइफ जैकेट पहुँचाए गए। रात भर चले प्रयासों के बाद जब नदी का बहाव कम हुआ, तब इंदौर से आई SDRF टीम और खंडवा SDRF टीम ने मिलकर शुक्रवार तड़के 4:45 बजे बोट से सभी चारों को सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रशासन की तैयारी और निगरानी

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों ने की। मौके पर प्रभारी कलेक्टर नागार्जुन गौड़ा, खंडवा एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और एसडीएम ऋषि सिंघाई सहित राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की बड़ी टीम मौजूद रही।

एसपी अगम जैन ने बताया कि हांडी कुंडी क्षेत्र सुक्ता और आबना नदी का संगम स्थल है, जहाँ मानसून में बहाव अत्यंत तेज हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से नदियाँ उफान पर हैं।

आम जनता पर असर और सुरक्षा की चेतावनी

सफल रेस्क्यू के बाद चारों युवकों और उनके परिजनों ने प्रशासन का आभार जताया। गौरतलब है कि मानसून के दौरान नदी-किनारे और पिकनिक स्थलों पर पर्यटकों के फंसने की घटनाएँ मध्य प्रदेश में हर वर्ष सामने आती हैं। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की जा रही है कि बारिश के मौसम में नदी-क्षेत्रों में जाने से बचें।

आगे क्या

सभी चारों युवक सुरक्षित हैं और उन्हें किसी चोट की सूचना नहीं है। प्रशासन ने हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में मानसून के दौरान सतर्कता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। यह घटना एक बार फिर मानसूनी पर्यटन के खतरों और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया की अहमियत को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हांडी कुंडी जैसे संगम-स्थलों पर मानसून में पर्यटकों की आवाजाही को रोकने के लिए पर्याप्त चेतावनी तंत्र क्यों नहीं है। मध्य प्रदेश में हर मानसून में ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, जो बताती हैं कि प्रतिक्रिया कुशल होने के बावजूद रोकथाम अभी भी कमज़ोर कड़ी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खंडवा में टापू पर कौन से 4 युवक फंसे थे?
मेडिकल व्यवसायी हुजेफा हामिद अली और उनके तीन साथी असगर, मुस्तफा और मयंक खंडवा के हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र में पिकनिक के दौरान नदी में बाढ़ आने से टापू पर फंस गए थे। सभी चारों को 11 घंटे बाद सुरक्षित बचा लिया गया।
हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र कहाँ है?
हांडी कुंडी पिकनिक क्षेत्र मध्य प्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है। यह सुक्ता और आबना नदी का संगम स्थल है, जहाँ मानसून में बहाव अत्यंत तेज हो जाता है।
SDRF ने रेस्क्यू कैसे किया?
इंदौर और खंडवा SDRF की संयुक्त टीम ने नदी के दोनों छोर से प्रयास किए। टापू पर फंसे युवकों तक ड्रोन से खाना, पानी और लाइफ जैकेट पहुँचाए गए। नदी का बहाव कम होने पर शुक्रवार तड़के 4:45 बजे बोट के जरिए सभी को सुरक्षित निकाला गया।
क्या एयरलिफ्ट की भी तैयारी थी?
हाँ, जिला प्रशासन ने एयरलिफ्ट का विकल्प भी तैयार रखा था और इसके लिए रायपुर में एक बचाव हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखा गया था। हालाँकि अंततः बोट से ही सफल रेस्क्यू हो गया।
मानसून में नदी-किनारे पिकनिक जाना कितना खतरनाक है?
मध्य प्रदेश में मानसून के दौरान नदियों में अचानक बाढ़ आने की घटनाएँ आम हैं। खंडवा एसपी अगम जैन के अनुसार, हांडी कुंडी जैसे संगम स्थलों पर पानी का बहाव बेहद तेज हो जाता है। प्रशासन ने नागरिकों से बारिश के मौसम में नदी-क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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