11 अगस्त 2026
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मध्य प्रदेश बाढ़: SDERF और होमगार्ड ने 10 अगस्त को 98 लोगों को सुरक्षित बचाया

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मध्य प्रदेश बाढ़: SDERF और होमगार्ड ने 10 अगस्त को 98 लोगों को सुरक्षित बचाया

सारांश

मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को बाढ़ और जलभराव ने कई जिलों को चपेट में लिया। SDERF और होमगार्ड की टीमों ने एक ही दिन में 98 नागरिकों को बचाया — जिनमें सीहोर की एक गर्भवती महिला और ओंकारेश्वर में नदी में बहते 3 श्रद्धालु शामिल हैं। भोपाल में डैम की दीवार टूटने से रिहायशी इलाके में पानी घुसा।

मुख्य बातें

SDERF और होमगार्ड ने 10 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 98 नागरिकों को सुरक्षित बचाया।
सीहोर के ग्राम जामनी में 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत सहित 4 लोगों को रबर बोट से निकाला गया।
भोपाल के ग्राम बालमपुर में डैम की दीवार टूटने से 19 नागरिक और 4 पालतू पशु फँसे, सभी को बचाया गया।
ओंकारेश्वर के अभयपुरी घाट पर 3 श्रद्धालुओं को नदी के तेज़ बहाव से जवानों ने लाइफ जैकेट से बचाया।
विदिशा के ग्राम बामनखेड़ा में 15 मज़दूर और राजगढ़ के ग्राम बाधाहेड़ी में 15 लोग भी सुरक्षित निकाले गए।
बचाव दल ने 7 गोवंश और 4 पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

मध्य प्रदेश में 10 अगस्त 2026 को भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की आपदा में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) और होमगार्ड की टीमों ने दिनभर चले रेस्क्यू अभियानों में 98 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। नदी-नाले उफान पर हैं और कई जिलों की बस्तियाँ जलमग्न हो गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

होमगार्ड, सिविल डिफेंस और SDERF की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से जलभराव एवं बाढ़ में नागरिकों के फँसने की आपातकालीन सूचनाएँ प्राप्त हुईं, जिस पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। इन अभियानों में 98 नागरिकों के साथ-साथ 7 गोवंश और 4 पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बचाया गया।

सीहोर में गर्भवती महिला का रेस्क्यू

सीहोर जिले के थाना सीहोर अंतर्गत ग्राम जामनी में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और उनके परिवार के 3 अन्य सदस्य घर में फँस गए। SDERF और होमगार्ड की टीम ने मौके पर पहुँचकर रबर बोट की सहायता से सावधानीपूर्वक सभी चारों को सुरक्षित निकाला और एम्बुलेंस तक पहुँचाया। इसी जिले के थाना अहमदपुर में भी जलभराव में फँसे 4 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

भोपाल में डैम की दीवार टूटी

राजधानी भोपाल के थाना सूखी सेवानिया अंतर्गत ग्राम बालमपुर में डैम की दीवार टूटने से बाढ़ का पानी तेज़ी से रिहायशी क्षेत्र में घुस गया। बचाव दल ने 19 नागरिकों और 4 पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी क्षेत्र में नाले के तेज़ बहाव से जलभराव में फँसे 4 अन्य व्यक्तियों को क्विक रिस्पांस टीम ने त्वरित रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

विदिशा, राजगढ़ और ओंकारेश्वर में राहत अभियान

विदिशा जिले के थाना करारिया अंतर्गत ग्राम बामनखेड़ा में जलभराव में फँसे 15 मज़दूरों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। ग्राम पथरिया में भी 4 नागरिकों को रेस्क्यू टीम ने सफलतापूर्वक बाहर निकाला। खंडवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर के अभयपुरी घाट पर स्नान के दौरान 3 श्रद्धालु नदी के तेज़ बहाव में बहने लगे — घाट पर तैनात जवानों ने लाइफ जैकेट की सहायता से उफनती नदी में कूदकर तीनों को सुरक्षित बचाया। राजगढ़ जिले के थाना खिलचीपुर अंतर्गत ग्राम बाधाहेड़ी में मंदिर के चारों ओर पानी भर जाने से छत पर शरण लिए 15 लोगों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

आगे की स्थिति

राज्य में बारिश का दौर जारी रहने के अनुमान के बीच SDERF और होमगार्ड की टीमें सभी प्रभावित जिलों में सतर्क अवस्था में तैनात हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भोपाल जैसे शहर में डैम की दीवार क्यों टूटी और इसकी रखरखाव जिम्मेदारी किसकी थी। बाढ़ की पुनरावृत्ति हर मानसून में होती है, फिर भी नदी-नाला प्रबंधन और शहरी जल-निकासी ढाँचे पर दीर्घकालिक निवेश के सवाल अनुत्तरित रहते हैं। ओंकारेश्वर जैसे संवेदनशील तीर्थ स्थलों पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की माँग भी इस घटना से फिर उठती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को बाढ़ बचाव अभियान में कितने लोगों को बचाया गया?
10 अगस्त 2026 को SDERF और होमगार्ड की टीमों ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 98 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा 7 गोवंश और 4 पालतू पशुओं को भी बचाया गया।
सीहोर में गर्भवती महिला को कैसे बचाया गया?
सीहोर जिले के ग्राम जामनी में नाले के अचानक उफान से घर में फँसी 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और उनके 3 परिजनों को SDERF व होमगार्ड की टीम ने रबर बोट की सहायता से सुरक्षित निकाला और एम्बुलेंस तक पहुँचाया।
भोपाल के बालमपुर में डैम टूटने से क्या हुआ?
भोपाल के थाना सूखी सेवानिया अंतर्गत ग्राम बालमपुर में डैम की दीवार टूटने से बाढ़ का पानी तेज़ी से रिहायशी क्षेत्र में घुस गया। बचाव दल ने 19 नागरिकों और 4 पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
ओंकारेश्वर घाट पर क्या घटना हुई?
खंडवा जिले के ओंकारेश्वर स्थित अभयपुरी घाट पर स्नान के दौरान 3 श्रद्धालु नदी के तेज़ बहाव में बह गए। घाट पर तैनात जवानों ने लाइफ जैकेट की सहायता से नदी में कूदकर तीनों को सुरक्षित बचाया।
मध्य प्रदेश के किन-किन जिलों में बाढ़ बचाव अभियान चला?
10 अगस्त को सीहोर, भोपाल, विदिशा, राजगढ़ और खंडवा जिलों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। इन जिलों में जलभराव, नाले के उफान और डैम टूटने जैसी आपदा पूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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