मध्य प्रदेश में 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, सीएम मोहन यादव ने रीवा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए 26 अगस्त 2026 तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार, 23 अगस्त को दिल्ली से सीधे रीवा पहुँचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रभावित जिले
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के इलाकों में सर्वाधिक प्रभाव की आशंका है। डिंडोरी, बालाघाट, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह और सागर जिलों में अगले पाँच दिनों के दौरान अलग-अलग दिनों में अत्यधिक भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। IMD ने आगाह किया है कि निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि, कमज़ोर संरचनाओं को नुकसान और बिजली व यातायात सेवाओं में बाधा का खतरा बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में दर्ज बारिश के आँकड़े
23 अगस्त की सुबह 8:30 बजे IST तक के 24 घंटों में राज्य के कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। गोहपाल में 98 मिमी, जैतहरी में 85.6 मिमी, बुढार में 85 मिमी और बैहर में 82 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ और सतना जिलों में भी भारी वर्षा हुई। हवाओं की रफ्तार टीकमगढ़ में 39 किमी प्रतिघंटा और होशंगाबाद में 35 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई।
सीएम मोहन यादव का रीवा दौरा और राहत निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में हुई अत्यधिक वर्षा तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने, बाढ़ प्रभावित गाँवों और शहरी वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने, पेयजल स्रोतों का क्लोरीनीकरण करने और बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा, "बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।"
किसान और पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश
यादव ने फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आवश्यकतानुसार बीज और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा टीमें भेजने, मृत पशुओं के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और गौशालाओं तथा अन्य आश्रय स्थलों में चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का आदेश भी जारी किया गया, ताकि बाढ़ के बाद महामारी का खतरा न बढ़े।
जनता के लिए सावधानी की सलाह
IMD और प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि आँधी-तूफान के दौरान घरों के भीतर रहें, बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें, अस्थायी ढाँचों को सुरक्षित रखें और जलभराव वाली सड़कों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने के कारण प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।