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मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय: अगले 48 घंटों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय: अगले 48 घंटों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। IMD ने अगले 48 घंटों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल, जबलपुर, बैतूल, मंडला समेत दर्जनों जिलों में बारिश का दौर जारी है और तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।

मुख्य बातें

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में अगले 24-48 घंटों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है।
भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और बैतूल में मानसूनी गतिविधियाँ सर्वाधिक सक्रिय रहीं।
प्रदेश में न्यूनतम तापमान 22°C से 26°C के बीच दर्ज; पूर्वी MP में तापमान सामान्य से थोड़ा कम।
दक्षिण-पश्चिमी हवाएँ 10-20 किमी/घंटा की गति से चल रही हैं, झोंकों में 30-40 किमी/घंटा तक पहुँचने की संभावना।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति जारी, मानसून की सक्रियता बनाए हुए है।

मध्य प्रदेश में 22 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के अनेक हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों को तेज़ कर दिया है।

मौसमी परिस्थितियाँ

वातावरण में अत्यधिक नमी, सतत दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रवाह, कम वायुदाब और व्यापक बादल छाए रहने के कारण अधिकांश जिलों में वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार हवाएँ दक्षिण-पश्चिम तथा पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल रही हैं, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है।

तापमान और मौसम का हाल

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार बादल और वर्षा के कारण रात्रि का तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तापमान सामान्य सीमा में बना रहा। इससे सुबह का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा, सुहावना और आरामदायक रहा।

प्रभावित जिले

बीते 12 घंटों के दौरान भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और बैतूल सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इन जिलों में मानसूनी गतिविधियाँ सर्वाधिक सक्रिय रहीं।

आगे क्या होगा

IMD के अनुसार आगामी 24 से 48 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसल की बुवाई का मौसम चल रहा है और किसानों के लिए यह बारिश राहतकारी साबित हो सकती है। हालाँकि, अति भारी वर्षा की स्थिति में निचले इलाकों और नदी-किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'भारी से अति भारी' की चेतावनी प्रशासन के लिए भी परीक्षा है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में जुलाई की अति वर्षा ने नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में बाढ़ जैसे हालात पैदा किए थे। IMD की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली सवाल यह है कि ज़िला प्रशासन निचले इलाकों में निवासियों को सतर्क करने और राहत तंत्र को तैयार रखने में कितना मुस्तैद है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट कब तक है?
IMD के अनुसार 22 जुलाई 2026 से अगले 24 से 48 घंटों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से इस अलर्ट के दायरे में हैं।
मध्य प्रदेश के किन जिलों में सबसे अधिक बारिश हो रही है?
भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और बैतूल में बीते 12 घंटों में सर्वाधिक मानसूनी गतिविधियाँ दर्ज की गई हैं। इन जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई है।
मध्य प्रदेश में मानसून इतना सक्रिय क्यों है?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी दक्षिण-पश्चिमी हवाएँ, वायुमंडल में अत्यधिक नमी और कम वायुदाब मिलकर मानसून को सक्रिय बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार यही कारण है कि पूरा प्रदेश एक सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव में है।
मध्य प्रदेश में अभी तापमान कितना है?
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 22°C से 26°C के बीच दर्ज किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के कारण रात का तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रहा।
भारी बारिश के दौरान मध्य प्रदेश के निवासियों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
अति भारी वर्षा की स्थिति में निचले इलाकों और नदी-किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
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