मध्य प्रदेश में मौसम अलर्ट: सीधी-बालाघाट में 50 km/h हवाएं, खरगोन में 42.6°C तापमान
सारांश
Key Takeaways
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 1 मई 2026 को मध्य प्रदेश के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें राज्य के कई जिलों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के सीधी और बालाघाट जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मुख्य मौसम चेतावनियाँ
2 मई (शनिवार) को ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और पन्ना समेत कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। राजधानी भोपाल में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, जहाँ दिन का तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में 10.3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई — जो इस मौसम में असाधारण रूप से बड़ी गिरावट मानी जाती है। ग्वालियर और शहडोल क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
सबसे गर्म और सबसे ठंडा जिला
इन गिरावटों के बावजूद खरगोन राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे राज्य में सबसे कम था। यह तापमान का व्यापक अंतर मध्य प्रदेश की भौगोलिक विविधता को दर्शाता है।
मौसमी तंत्र और कारण
IMD के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली कई सक्रिय मौसमी तंत्रों के कारण बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जबकि उत्तर पंजाब और गंगीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से शहडोल, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में व्यापक वर्षा हुई। टीकमगढ़ और भितरवार में 30 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भोपाल, ग्वालियर और सिंगरौली जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं, जबकि शिवपुरी और दमोह में धूलभरी आंधी चली। गौरतलब है कि मई के पहले सप्ताह में इस स्तर की मौसमी सक्रियता असामान्य मानी जाती है और यह पश्चिमी विक्षोभ की दक्षिणी पहुँच का संकेत है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान पहले दो दिनों में करीब 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, जिसके बाद फिर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इस उतार-चढ़ाव से राज्य में मौसम अगले कुछ दिनों तक अस्थिर बना रहने के संकेत हैं।
प्रशासन की सलाह और किसानों के लिए निर्देश
प्रशासन ने आम नागरिकों को आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। किसानों से विशेष रूप से अनुरोध किया गया है कि वे पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई करें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब रबी फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।