26 जून 2026
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मध्य प्रदेश में मौसम अलर्ट: सीधी-बालाघाट में 50 km/h हवाएं, खरगोन में 42.6°C तापमान

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मध्य प्रदेश में मौसम अलर्ट: सीधी-बालाघाट में 50 km/h हवाएं, खरगोन में 42.6°C तापमान

सारांश

मई के पहले सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज़ बदल गया — एक ओर खरगोन में 42.6°C की तपिश, दूसरी ओर रीवा-शहडोल में 10.3°C की एकदिनी गिरावट। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त असर से राज्य के कई जिले बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी की चपेट में हैं।

मुख्य बातें

IMD भोपाल ने 1 मई 2026 को मध्य प्रदेश के लिए बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की।
सीधी और बालाघाट में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान।
रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में 10.3°C की गिरावट दर्ज।
खरगोन राज्य का सबसे गर्म जिला — अधिकतम तापमान 42.6°C ; पचमढ़ी में न्यूनतम 17.2°C ।
टीकमगढ़ और भितरवार में 30 मिमी से अधिक बारिश; भोपाल , ग्वालियर , सिंगरौली में ओलावृष्टि।
प्रशासन ने नागरिकों को घर में रहने और किसानों को फसल जल्द काटने की सलाह दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 1 मई 2026 को मध्य प्रदेश के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें राज्य के कई जिलों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के सीधी और बालाघाट जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मुख्य मौसम चेतावनियाँ

2 मई (शनिवार) को ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और पन्ना समेत कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। राजधानी भोपाल में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, जहाँ दिन का तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में 10.3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई — जो इस मौसम में असाधारण रूप से बड़ी गिरावट मानी जाती है। ग्वालियर और शहडोल क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

सबसे गर्म और सबसे ठंडा जिला

इन गिरावटों के बावजूद खरगोन राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे राज्य में सबसे कम था। यह तापमान का व्यापक अंतर मध्य प्रदेश की भौगोलिक विविधता को दर्शाता है।

मौसमी तंत्र और कारण

IMD के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली कई सक्रिय मौसमी तंत्रों के कारण बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जबकि उत्तर पंजाब और गंगीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से शहडोल, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में व्यापक वर्षा हुई। टीकमगढ़ और भितरवार में 30 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।

भोपाल, ग्वालियर और सिंगरौली जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं, जबकि शिवपुरी और दमोह में धूलभरी आंधी चली। गौरतलब है कि मई के पहले सप्ताह में इस स्तर की मौसमी सक्रियता असामान्य मानी जाती है और यह पश्चिमी विक्षोभ की दक्षिणी पहुँच का संकेत है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान पहले दो दिनों में करीब 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, जिसके बाद फिर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इस उतार-चढ़ाव से राज्य में मौसम अगले कुछ दिनों तक अस्थिर बना रहने के संकेत हैं।

प्रशासन की सलाह और किसानों के लिए निर्देश

प्रशासन ने आम नागरिकों को आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। किसानों से विशेष रूप से अनुरोध किया गया है कि वे पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई करें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब रबी फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

धूलभरी आंधी और एकदिन में 10.3°C की तापमान गिरावट — संकेत देती है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव क्षेत्र अब मध्य भारत तक विस्तृत हो रहा है, जो पहले असामान्य माना जाता था। रबी कटाई के मौसम में यह चेतावनी किसानों के लिए गंभीर है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर कृषि नुकसान के दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव को नजरअंदाज करती है। खरगोन और पचमढ़ी के बीच 25°C से अधिक का तापमान अंतर यह भी दर्शाता है कि एकसमान राज्यस्तरीय मौसम सलाह पर्याप्त नहीं — जिला-स्तरीय प्रशासनिक तैयारी की जरूरत है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में 2 मई 2026 को मौसम कैसा रहेगा?
IMD भोपाल के अनुसार 2 मई को ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और पन्ना समेत कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। सीधी और बालाघाट में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
मध्य प्रदेश में तापमान में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर पंजाब तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से यह मौसमी बदलाव आया है। रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में 10.3°C तक की गिरावट दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश का सबसे गर्म और सबसे ठंडा जिला कौन सा रहा?
1 मई 2026 को खरगोन राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहाँ अधिकतम तापमान 42.6°C दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 17.2°C रहा, जो राज्य में सबसे कम था।
किसानों को मौसम विभाग की चेतावनी के बाद क्या करना चाहिए?
प्रशासन ने किसानों से पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई करने की अपील की है ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान कम हो। आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह भी दी गई है।
आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान करीब 2°C बढ़ सकता है, जिसके बाद 2 से 3°C की फिर गिरावट संभव है। राज्य में मौसम अगले कुछ दिनों तक अस्थिर बना रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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