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मध्य प्रदेश में 5 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने 40-50 km/h हवाओं और बिजली की चेतावनी दी

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मध्य प्रदेश में 5 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने 40-50 km/h हवाओं और बिजली की चेतावनी दी

सारांश

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में 5 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश, गरज और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। खरगोन में 115 मिमी और आष्टा में 109 मिमी बारिश पहले ही दर्ज हो चुकी है। बाढ़ और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा है।

मुख्य बातें

IMD भोपाल केंद्र ने 1 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
1 जुलाई को खरगोन में 115 मिमी , आष्टा में 109 मिमी और पचमढ़ी में 88.4 मिमी बारिश दर्ज हुई।
2 जुलाई को रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्ना में अत्यधिक भारी वर्षा का विशेष अलर्ट।
दक्षिण-पश्चिम मानसून, निम्न दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के मेल से यह मौसम प्रणाली बनी है।
नागरिकों को निचले इलाकों से बचने, किसानों को कीटनाशक छिड़काव रोकने और आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 1 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश के व्यापक हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता, मौसमी निम्न दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के मेल से यह मौसम प्रणाली बनी है।

1 जुलाई को दर्ज हुई बारिश

1 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। खरगोन में 115 मिलीमीटर, आष्टा में 109 मिलीमीटर और पचमढ़ी में 88.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा बीरसिंहपुर, सतवास और बालाघाट में भी भारी बारिश हुई। देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, शिवपुरी, बेतूल, खंडवा, सतना और बालाघाट जिलों में भी उल्लेखनीय वर्षा दर्ज की गई।

आगामी दिनों की जिलेवार चेतावनी

2 जुलाई को रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्ना में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना IMD ने जताई है। इसके बाद के दिनों में बड़वानी, धार, खरगोन, देवास और छिंदवाड़ा में भी इसी तीव्रता की मौसमी गतिविधि अपेक्षित है।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और चंबल संभाग के अनेक जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट जारी है। 1 जुलाई की रात सागर, रायसेन, उज्जैन, महाकालेश्वर, सतना, चित्रकूट, रीवा, मऊगंज, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पन्ना, इंदौर, देवास, धार, मांडू, अलीराजपुर, झाबुआ, सीधी और सिंगरौली में मध्यम गरज के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

वहीं भोपाल, बैरागढ़, विदिशा, उदयगिरि, मैहर, पांढुर्ना, पेंच, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा, डिंडोरी, अनुपपुर, अमरकंटक, शहडोल, उमरिया, बांधवगढ़, कटनी, जबलपुर, भेड़ाघाट, दमोह, छतरपुर, खजुराहो, टीकमगढ़, निवाड़ी, ओरछा, दतिया, भिंड और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम प्रणाली की वजह

IMD के अनुसार, ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़े निम्न दबाव क्षेत्र मौसम की अस्थिरता को बढ़ा रहे हैं। मानसून पहले ही मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है और आने वाले दिनों में इसके और आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

नागरिकों और किसानों को सलाह

IMD और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहने, जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने और कम दृश्यता में यात्रा से बचने की सलाह दी है। किसानों को खड़ी फसलों की सुरक्षा करने और बारिश के दौरान कीटनाशक छिड़काव से परहेज़ करने को कहा गया है। निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने और आधिकारिक अपडेट पर नज़र बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है। गौरतलब है कि मानसून की यह तीव्र अवधि गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन साथ ही बाढ़, यातायात व्यवधान और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी तैयारी अक्सर पीछे रह जाती है — बाढ़ से होने वाली जनहानि और फसल नुकसान के आँकड़े इसकी गवाही देते हैं। इस बार 2 जुलाई को ही कई जिलों में 'अत्यधिक भारी' श्रेणी की चेतावनी है, जो प्रशासन के लिए सतर्कता का गंभीर संकेत है। असली सवाल यह है कि क्या स्थानीय आपदा प्रबंधन तंत्र, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी बहुल जिलों में, इस स्तर की मौसमी तीव्रता के लिए वास्तव में तैयार है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी कब तक के लिए है?
IMD भोपाल केंद्र ने 1 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक यानी अगले पाँच दिनों के लिए मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और गरज-चमक भी अपेक्षित है।
किन जिलों में सबसे ज़्यादा खतरा है?
2 जुलाई को रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्ना में अत्यधिक भारी वर्षा का विशेष अलर्ट है। इसके अलावा बड़वानी, धार, खरगोन, देवास और भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर संभागों के जिले भी प्रभावित रहेंगे।
इस भारी बारिश की वजह क्या है?
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता, मौसमी निम्न दबाव और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के मेल से यह मौसम प्रणाली बनी है। ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम की अस्थिरता बढ़ा रहा है।
नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD और प्रशासन ने आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहने, जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने और कम दृश्यता में यात्रा न करने की सलाह दी है। आपातकालीन किट तैयार रखें और IMD व स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें।
किसानों के लिए क्या निर्देश हैं?
किसानों को खड़ी फसलों की सुरक्षा करने और बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव न करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से फसल नुकसान और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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