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मध्य प्रदेश में 4 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय, छतरपुर-सतना समेत 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में 4 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय, छतरपुर-सतना समेत 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

मध्य प्रदेश में मानसून 4-5 अगस्त से फिर रफ्तार पकड़ेगा — IMD ने 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जून में 14% और जुलाई में 13% बारिश की कमी के बीच यह नया दौर किसानों के लिए राहत और प्रशासन के लिए सतर्कता का संकेत दोनों है।

मुख्य बातें

IMD भोपाल के अनुसार 4-5 अगस्त 2026 से मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होगा।
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट।
5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज समेत सात जिलों के लिए भी चेतावनी जारी।
राज्य के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश; जून में 14% और जुलाई में 13% की कमी।
रतलाम में अब तक 13 इंच से अधिक बारिश; खरगोन में सिरवेल महादेव मंदिर में प्रवेश बंद।
किसानों को खेतों में जल-निकासी सुनिश्चित करने और रासायनिक छिड़काव से बचने की सलाह।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मध्य प्रदेश में 4-5 अगस्त 2026 से दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा और कई जिलों में भारी से अति-भारी बारिश होने की संभावना है। 2 अगस्त तक अगले 48 घंटों के लिए कोई रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

किन जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर — इन आठ जिलों के लिए IMD ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज के लिए भी इसी तरह की चेतावनी दी गई है। ये सभी जिले मुख्यतः राज्य के पूर्वी और मध्य-पूर्वी क्षेत्र में आते हैं, जहाँ मानसून की वापसी सबसे तेज़ रहने की उम्मीद है।

रविवार का मौसम: किन डिवीजनों में हुई बारिश

रविवार के मौसम आँकड़ों के अनुसार, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर डिवीजनों में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। भोपाल डिवीजन में कुछ जगहों और चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल तथा सागर डिवीजनों में इक्का-दुक्का स्थानों पर वर्षा हुई, जबकि राज्य का शेष हिस्सा शुष्क रहा।

उज्जैन डिवीजन के जिलों में अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान खजुराहो (छतरपुर) में 36.0 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान खरगोन में 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मुरैना में हवाओं की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा और ग्वालियर में 47 किमी प्रति घंटा तक पहुँची।

रतलाम-खरगोन में पिछले दिनों की बारिश का असर

शनिवार को रतलाम, भोपाल और खरगोन समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। इस मौसम में रतलाम में अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे हनुमान ताल पूरी तरह भर गया है। खरगोन में कुंडा झरने का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने सिरवेल महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ग्वालियर में दोपहर में भारी बारिश के बाद रात में हल्की वर्षा हुई।

राज्य में बारिश की कमी: आँकड़े क्या कहते हैं

मानसून की गतिविधियाँ जारी रहने के बावजूद राज्य के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि केवल 12 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। आँकड़ों के अनुसार, जून में बारिश सामान्य से 14 प्रतिशत कम रही और जुलाई में भी लगभग 13 प्रतिशत की कमी बनी रही। मध्य प्रदेश में मौसम के दौरान सामान्य वर्षा 37.3 इंच होती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में आमतौर पर 38-39 इंच बारिश होती है।

IMD अधिकारियों का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश के जोर पकड़ने से बारिश की मौजूदा कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसलों की बुआई का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है और किसानों को पर्याप्त नमी की दरकार है।

किसानों के लिए ज़रूरी सलाह

IMD और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करें और भारी बारिश के दौरान सिंचाई तथा रासायनिक छिड़काव से बचें। कटी हुई फसल और पशुधन को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र बनाए रखें। आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति में बदलाव के साथ अलर्ट अपडेट होते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि अलर्ट वाले जिले मुख्यतः पूर्वी MP में हैं — पश्चिमी और मध्य जिलों की कमी अभी भी बनी रहेगी। किसानों के लिए असली सवाल यह है कि क्या यह बारिश खरीफ फसलों की जड़ें पकड़ने के लिए सही समय पर आ रही है, या बाढ़ और जलभराव का नया जोखिम पैदा करेगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में मानसून 4 अगस्त से कितना सक्रिय होगा?
IMD भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार 4-5 अगस्त से राज्य में मानसून जोर पकड़ेगा और कई जिलों में भारी बारिश होगी। इससे पहले अगले 48 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
4 अगस्त को किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर — इन आठ जिलों के लिए IMD ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज के लिए भी यही अलर्ट है।
मध्य प्रदेश में इस मौसम में बारिश की कमी कितनी है?
राज्य के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। जून में 14% और जुलाई में लगभग 13% की कमी रही, जबकि राज्य की सामान्य वर्षा 37.3 इंच है।
खरगोन में सिरवेल महादेव मंदिर बंद क्यों किया गया?
लगातार बारिश के कारण खरगोन में कुंडा झरने का जलस्तर बढ़ गया, जिससे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सिरवेल महादेव मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
भारी बारिश के दौरान किसानों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD और कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल-निकासी सुनिश्चित करने, बारिश के दौरान सिंचाई और रासायनिक छिड़काव से बचने तथा कटी हुई फसल और पशुधन को सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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