मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल समेत 40+ जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में करीब 10 दिनों के लंबे शुष्क अंतराल के बाद मानसून ने 21 जुलाई को एक बार फिर दस्तक दी। राजधानी भोपाल और आसपास के इलाकों में सोमवार रात से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने राज्य के दर्जनों जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है।
किन जिलों में मध्यम बारिश की चेतावनी
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार नीमच, मंदसौर, उज्जैन, महाकालेश्वर, आगर मालवा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, भोपाल, बैरागढ़, नबीबाग, रायसेन, भीमबेटका, सांची, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में प्रति घंटे 5 से 15 मिमी वर्षा हो सकती है और बादल से ज़मीन पर बिजली गिरने की आशंका 30 से 60 प्रतिशत तक आँकी गई है।
हल्की बारिश वाले जिले
वहीं विदिशा, उदयगिरि, दमोह, पन्ना, सतना, चित्रकूट, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, मैहर, कटनी, उमरिया, बांधवगढ़, डिंडोरी, जबलपुर, भेड़ाघाट, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्णा, खंडवा, ओंकारेश्वर, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, महेश्वर, रतलाम, धोलावाड़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मांडू, इंदौर, बड़वानी और बावनगजा में हल्की गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में प्रति घंटे 5 मिमी से कम वर्षा और बिजली गिरने का खतरा 30 प्रतिशत से कम रहने की बात कही गई है।
वर्षा की कमी की पृष्ठभूमि
मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक राज्य में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 23 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत रही है। पिछले करीब 12 दिनों से भारी बारिश न होने के कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी थी — ऐसे में यह मानसूनी पुनरुद्धार किसानों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आया है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार 25 जुलाई तक राज्य के लगभग 90 प्रतिशत हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इससे खड़ी फसलों को नमी मिलेगी, जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा और कृषि कार्यों के लिए मिट्टी में नमी बढ़ेगी — जो खरीफ सीजन के लिहाज़ से अहम है।
सावधानी और सुरक्षा निर्देश
मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधा, कमज़ोर संरचनाओं को नुकसान और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊँचे पेड़ों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता में सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खुले में काम करने से बचने और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।