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मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल समेत 40+ जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल समेत 40+ जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट

सारांश

करीब 10 दिनों की चुप्पी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून फिर जागा है — लेकिन चुनौती अभी बाकी है। राज्य में अब तक 17% वर्षा की कमी है, पूर्वी हिस्से में तो 23% तक। 25 जुलाई तक 90% क्षेत्र में बारिश का अनुमान किसानों और जलाशयों दोनों के लिए उम्मीद की किरण है।

मुख्य बातें

21 जुलाई को करीब 10 दिनों के शुष्क अंतराल के बाद मध्य प्रदेश में मानसून पुनः सक्रिय हुआ।
IMD ने भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, नीमच समेत दर्जनों जिलों में गरज-चमक के साथ 5–15 मिमी/घंटा बारिश का अलर्ट जारी किया।
इस मानसून सीजन में राज्य में अब तक सामान्य से 17% कम वर्षा; पूर्वी MP में कमी 23% और पश्चिमी MP में 10% ।
25 जुलाई तक राज्य के लगभग 90% हिस्सों में बारिश होने की संभावना।
मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली, जलभराव और फिसलन को लेकर नागरिकों, वाहन चालकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी।

मध्य प्रदेश में करीब 10 दिनों के लंबे शुष्क अंतराल के बाद मानसून ने 21 जुलाई को एक बार फिर दस्तक दी। राजधानी भोपाल और आसपास के इलाकों में सोमवार रात से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने राज्य के दर्जनों जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है।

किन जिलों में मध्यम बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार नीमच, मंदसौर, उज्जैन, महाकालेश्वर, आगर मालवा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, भोपाल, बैरागढ़, नबीबाग, रायसेन, भीमबेटका, सांची, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में प्रति घंटे 5 से 15 मिमी वर्षा हो सकती है और बादल से ज़मीन पर बिजली गिरने की आशंका 30 से 60 प्रतिशत तक आँकी गई है।

हल्की बारिश वाले जिले

वहीं विदिशा, उदयगिरि, दमोह, पन्ना, सतना, चित्रकूट, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, मैहर, कटनी, उमरिया, बांधवगढ़, डिंडोरी, जबलपुर, भेड़ाघाट, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्णा, खंडवा, ओंकारेश्वर, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, महेश्वर, रतलाम, धोलावाड़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मांडू, इंदौर, बड़वानी और बावनगजा में हल्की गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में प्रति घंटे 5 मिमी से कम वर्षा और बिजली गिरने का खतरा 30 प्रतिशत से कम रहने की बात कही गई है।

वर्षा की कमी की पृष्ठभूमि

मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक राज्य में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 23 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत रही है। पिछले करीब 12 दिनों से भारी बारिश न होने के कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी थी — ऐसे में यह मानसूनी पुनरुद्धार किसानों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आया है।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार 25 जुलाई तक राज्य के लगभग 90 प्रतिशत हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इससे खड़ी फसलों को नमी मिलेगी, जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा और कृषि कार्यों के लिए मिट्टी में नमी बढ़ेगी — जो खरीफ सीजन के लिहाज़ से अहम है।

सावधानी और सुरक्षा निर्देश

मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधा, कमज़ोर संरचनाओं को नुकसान और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊँचे पेड़ों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता में सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खुले में काम करने से बचने और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 17% की वर्षा कमी को पाटने के लिए यह पर्याप्त नहीं। पूर्वी MP में 23% की कमी विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह क्षेत्र खरीफ उत्पादन के लिहाज़ से संवेदनशील है। गौरतलब है कि जुलाई के मध्य तक इस तरह के लंबे शुष्क दौर पिछले कुछ वर्षों में बार-बार देखे गए हैं, जो मानसून की अनियमितता की बड़ी प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। असली सवाल यह है कि 25 जुलाई तक अनुमानित वर्षा वास्तव में कितनी ज़मीन पर उतरती है — और क्या यह उन जलाशयों को भरने के लिए काफी होगी जो सिंचाई और पेयजल दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में मानसून कब से फिर सक्रिय हुआ?
करीब 10 दिनों के शुष्क अंतराल के बाद 21 जुलाई को मानसून मध्य प्रदेश में पुनः सक्रिय हुआ। राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ।
IMD ने किन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है?
IMD ने दो श्रेणियों में अलर्ट जारी किया है — भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर समेत करीब 19 जिलों में मध्यम बारिश (5–15 मिमी/घंटा) और इंदौर, जबलपुर, बालाघाट, रतलाम समेत 40 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है।
मध्य प्रदेश में इस सीजन में वर्षा की स्थिति कैसी है?
IMD के आँकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में राज्य में अब तक सामान्य से करीब 17% कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 23% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10% रही है।
25 जुलाई तक बारिश का क्या अनुमान है?
IMD के अनुसार 25 जुलाई तक राज्य के लगभग 90% हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इससे खड़ी फसलों को नमी, जलाशयों के जलस्तर में सुधार और कृषि कार्यों के लिए मिट्टी में नमी बढ़ने की उम्मीद है।
आकाशीय बिजली और बारिश के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले निचले इलाकों और ऊँचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है। वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता में सावधानी बरतने और किसानों को भारी बारिश के दौरान खुले में काम करने से बचने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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