मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 60 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं

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मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 60 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं

सारांश

भीषण गर्मी के बीच मध्य प्रदेश में राहत के संकेत — IMD भोपाल ने दर्जनों जिलों में गरज-चमक, ओलावृष्टि और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का अलर्ट जारी किया है। चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव प्रणालियाँ मिलकर मौसम बदल रही हैं, और अगले तीन दिनों में तापमान 2-3 डिग्री गिरने की संभावना है।

Key Takeaways

IMD भोपाल ने 2 मई 2026 को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया। रायसेन, सांची और भीमबेटका में 60 किमी/घंटा तक की हवाएं और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना। रायसेन में अधिकतम तापमान 43.2°C , दमोह में न्यूनतम 15.8°C दर्ज। पानागर में 8.6 मिमी और स्लीमनबाद में 8 मिमी बारिश पिछले 24 घंटों में दर्ज। अगले 48 घंटों में तापमान में 2°C वृद्धि, फिर अगले तीन दिनों में 2-3°C की गिरावट संभव।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 2 मई 2026 को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी के बीच राज्य में महत्वपूर्ण वायुमंडलीय बदलाव देखे जा रहे हैं, जिनमें राजस्थान से उत्तर-पूर्व तक फैले कई चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र शामिल हैं।

मौसम बदलाव की वजह

IMD भोपाल केंद्र के अनुसार, हाल के दिनों में राज्य के कई संभागों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहा था। लेकिन अब क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव प्रणालियाँ मिलकर मौसम को बदल रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रायसेन में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है और दमोह में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

किन जिलों में क्या अलर्ट

राज्य के एक बड़े हिस्से में 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हल्की आंधी चलने की निगरानी जारी की गई है। इस अलर्ट में भोपाल, बैरागढ़, ग्वालियर, दतिया, रतनगढ़, शाजापुर, सीहोर और दमोह शामिल हैं। पूर्वी और दक्षिणी बेल्ट में जबलपुर, भेड़ाघाट, कटनी, उमरिया, बांधवगढ़, सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा और अनूपपुर भी पूर्वानुमान में हैं।

रीवा, मऊगंज, सीधी, निवारी, ओरछा और टीकमगढ़ में बिजली गिरने के साथ हल्की आंधी की गतिविधि देखे जाने की संभावना है। रायसेन, सांची और भीमबेटका में मध्यम से तीव्र गरज के साथ बिजली गिरने, 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है।

ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं का खतरा

गुना, विदिशा, उदयगिरि, अशोकनगर, सागर, राजगढ़ और नरसिंहपुर में भी मध्यम से हल्की गरज के साथ बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। निवासियों को दोपहर और शाम के समय विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों में बारिश

गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में शाहडोल, चंबल, जबलपुर और सागर संभागों में छिटपुट स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। उल्लेखनीय वर्षा में पानागर में 8.6 मिमी और स्लीमनबाद में 8 मिमी शामिल हैं।

तापमान और आगे का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की उम्मीद है और अगले तीन दिनों में यह 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। अधिकारियों ने निवासियों को बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहने और कमज़ोर संरचनाओं को सुरक्षित करने की सलाह दी है।

Point of View

बल्कि हर साल की हकीकत बनता जा रहा है। IMD के अलर्ट जारी होना ज़रूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि ज़िला प्रशासन इन चेतावनियों को जमीनी स्तर तक कितनी तेज़ी से पहुँचाता है। ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं से किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा भी बना रहता है, जिस पर अलर्ट में अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश में गरज-चमक का अलर्ट कब तक रहेगा?
IMD भोपाल के अनुसार, अगले 48 घंटों तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक और बारिश की गतिविधि जारी रह सकती है। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
किन जिलों में ओलावृष्टि की सबसे अधिक संभावना है?
रायसेन, सांची और भीमबेटका में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है। गुना, विदिशा, अशोकनगर, सागर, राजगढ़ और नरसिंहपुर में भी ओले पड़ सकते हैं।
मध्य प्रदेश में अभी तापमान कितना है?
IMD के अनुसार रायसेन में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस और दमोह में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अगले 48 घंटों में तापमान में 2 डिग्री की मामूली वृद्धि के बाद गिरावट आने की उम्मीद है।
बिजली गिरने के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
अधिकारियों ने निवासियों को बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहने और कमज़ोर संरचनाओं को सुरक्षित करने की सलाह दी है। दोपहर और शाम के समय बाहर निकलने से बचें।
मौसम बदलाव की वजह क्या है?
IMD के अनुसार, राजस्थान से उत्तर-पूर्व तक फैले कई चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र मिलकर मध्य प्रदेश में मौसम बदल रहे हैं। इससे पहले कई संभागों में मौसम शुष्क बना हुआ था।
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