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रीवा बाढ़: 15 घंटे की बारिश से जलप्रलय, 700 से अधिक लोग 8 राहत शिविरों में स्थानांतरित

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रीवा बाढ़: 15 घंटे की बारिश से जलप्रलय, 700 से अधिक लोग 8 राहत शिविरों में स्थानांतरित

सारांश

रीवा में 15 घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया — बीहर नदी उफान पर है, सड़कें डूबी हैं और 700 से अधिक लोग राहत शिविरों में हैं। SDRF-NDRF तैनात, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मोर्चा संभाला।

मुख्य बातें

रीवा में 15 घंटे से अधिक की लगातार बारिश से जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
700 से अधिक प्रभावित लोगों को 8 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया; भोजन, पेयजल और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बीहर नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को और गंभीर बनाया; ग्रामीण क्षेत्रों से भी बाढ़ की सूचनाएँ मिलीं।
SDRF और NDRF की टीमें जिला व नगर निगम अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने टीआरएस कॉलेज सहित राहत शिविरों और प्रभावित वार्डों का निरीक्षण किया।
गुरुवार को बारिश की तीव्रता घटने से जमा पानी बहने लगा, जिससे आंशिक राहत मिली।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 20 अगस्त 2026 को 15 घंटे से अधिक समय तक हुई अविरल भारी वर्षा ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए, जिसके चलते जिला प्रशासन ने 700 से अधिक प्रभावित नागरिकों को 8 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया। शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

पिछले 24 घंटों की निरंतर बारिश से रीवा नगर निगम क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति बन गई। बीहर नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने से नदी के आसपास के इलाकों में खतरा और गहरा गया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बाढ़ जैसी स्थिति की सूचनाएँ मिलती रहीं। गुरुवार को वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने से जमा पानी धीरे-धीरे बहने लगा, जिससे प्रभावित निवासियों को आंशिक राहत मिली।

राहत और बचाव कार्य

जिला प्रशासन ने गुरुवार देर रात जारी बयान में बताया कि टीआरएस कॉलेज, सरकारी विद्यालयों और अन्य स्थानों पर स्थापित 8 राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को पहुँचाया जा रहा है। शिविरों में पीने का पानी, भोजन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

राहत एवं बचाव अभियान के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें जिला एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से तैनात की गई हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहत शिविरों और प्रभावित वार्डों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के नियंत्रण कक्ष का भी दौरा कर आश्रय, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

शुक्ला ने कहा, 'बारिश और जलभराव से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके लिए भोजन, पेयजल, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री सुनिश्चित की जाए।' उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने और ज़रूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के भी निर्देश दिए।

आम जनता पर असर

रीवा शहर के निचले इलाकों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के घरों में पानी घुस गया। कई सड़कें जलमग्न होने से वाहन आवागमन बाधित रहा और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई अन्य जिले भी मानसून की अत्यधिक वर्षा से जूझ रहे हैं।

क्या होगा आगे

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत शिविर चालू रहेंगे। अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। SDRF और NDRF की टीमें अगले कुछ दिनों तक तैनात रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक आपदा-रोधी अवसंरचना के बिना रीवा हर मानसून में इसी चक्र में फँसा रहेगा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा में बाढ़ जैसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई?
रीवा शहर में 15 घंटे से अधिक समय तक लगातार भारी बारिश हुई, जिससे जिले के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। बीहर नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई।
रीवा में कितने लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है?
जिला प्रशासन के अनुसार 700 से अधिक बाढ़-प्रभावित लोगों को रीवा नगर निगम क्षेत्र में स्थापित 8 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। उन्हें भोजन, पेयजल और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रीवा बाढ़ राहत कार्य में कौन-कौन सी टीमें तैनात हैं?
राहत एवं बचाव के लिए SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से तैनात की गई हैं।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने टीआरएस कॉलेज सहित राहत शिविरों, प्रभावित वार्डों और नगर निगम नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रीवा में बाढ़ की स्थिति अब कैसी है?
गुरुवार को बारिश की तीव्रता में कमी आने से जमा पानी धीरे-धीरे बहने लगा और स्थिति में आंशिक सुधार हुआ। हालाँकि प्रशासन ने सतर्कता बनाए रखी है और राहत शिविर अभी भी चालू हैं।
राष्ट्र प्रेस
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