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रीवा बाढ़ राहत: जलस्तर घटा, कलेक्टर सूर्यवंशी ने 3 दिन में नुकसान सर्वे का दिया आदेश

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रीवा बाढ़ राहत: जलस्तर घटा, कलेक्टर सूर्यवंशी ने 3 दिन में नुकसान सर्वे का दिया आदेश

सारांश

रीवा में बाढ़ का पानी उतरते ही प्रशासन ने बहाली की रफ़्तार बढ़ाई — कलेक्टर सूर्यवंशी ने तीन दिन में नुकसान सर्वे, सफाई, बिजली-सड़क मरम्मत और स्वास्थ्य कैंप के एक साथ आदेश दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे के एक दिन बाद यह सक्रियता दिखी।

मुख्य बातें

रीवा जिले में भारी बारिश के बाद बनी बाढ़ की स्थिति में 24 अगस्त को सुधार, नदियों का जलस्तर तेज़ी से घटा।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी एसडीएम को 3 दिन के भीतर नुकसान सर्वे रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।
सर्वे में मकान, घरेलू सामान और फसल क्षति शामिल; सरकारी नियमों के तहत मुआवज़ा वितरण होगा।
स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ कैंप, बिजली बोर्ड को ट्रांसफॉर्मर मरम्मत और PWD को सड़क बहाली के निर्देश।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों का दौरा कर पीड़ितों को मुआवज़े का भरोसा दिलाया था।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति में 24 अगस्त को उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया — नदियों का जलस्तर तेज़ी से घटा और जलभराव वाले इलाकों में पानी कम होने लगा। स्थिति सामान्य होते देख कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बहाली अभियान तेज़ कर दिया है और सभी संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने के निर्देश जारी किए हैं।

सर्वे और राहत का खाका

कलेक्टर सूर्यवंशी ने सोमवार को सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को आदेश दिया कि वे पटवारियों और फील्ड स्टाफ को तुरंत तैनात करें और तीन दिन के भीतर नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। इस सर्वे में मकानों, घरेलू सामान और फसलों को हुई क्षति का आकलन शामिल होगा, ताकि सरकारी नियमों के अनुसार पात्र पीड़ितों को मुआवज़ा वितरित किया जा सके।

कलेक्टर ने कहा, "नुकसान का सर्वे तीन दिन के अंदर पूरा हो जाना चाहिए ताकि पात्र प्रभावित लोगों तक बिना देरी के राहत पहुँच सके। सभी विभागों को बाढ़ के बाद की समस्याओं को दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए।"

बुनियादी ढाँचे की बहाली

लोक निर्माण विभाग को बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का निर्देश दिया गया है, जबकि बिजली बोर्ड को खराब बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने को कहा गया है। शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सफाई अभियान शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य और पशुपालन पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ कैंप लगाने और मानसून से जुड़ी बीमारियों — जैसे डायरिया, मलेरिया और डेंगू — के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश मिला है। लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग को पेयजल स्रोतों में क्लोरीनीकरण करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कुओं व हैंडपंपों की जाँच करने को कहा गया है।

पशुपालन विभाग को बाढ़ में मारे गए मवेशियों के निपटान और बीमार पशुओं के लिए टीकाकरण व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग को फसल नुकसान का अलग से आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री का दौरा और राजनीतिक संदर्भ

यह प्रशासनिक सक्रियता मुख्यमंत्री मोहन यादव के रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने और पीड़ितों को मुआवज़े का भरोसा दिलाने के एक दिन बाद देखने को मिली। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है और प्रशासन पर त्वरित राहत का दबाव है।

आगे की राह

कलेक्टर सूर्यवंशी के अनुसार, "जिले भर की नदियों में जलस्तर तेज़ी से गिरा है और जलभराव कम हो गया है। सभी प्रभावित इलाकों में तुरंत साफ-सफाई का काम शुरू हो जाएगा।" तीन दिन के भीतर सर्वे रिपोर्ट आने के बाद राहत वितरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन की नज़र अब इस बात पर है कि मुआवज़ा वितरण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तीन दिन बाद सर्वे रिपोर्ट आने पर होगी — जब यह देखना होगा कि मुआवज़ा वास्तव में पात्र पीड़ितों तक पहुँचता है या फ़ाइलों में अटक जाता है। मध्य प्रदेश में हर मानसून के बाद यही चक्र दोहराया जाता है: दौरे, आश्वासन, सर्वे — लेकिन वितरण की पारदर्शिता पर सवाल बने रहते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक एक दिन बाद कलेक्टर स्तर पर आदेश जारी होना राजनीतिक दबाव में प्रशासनिक गियर बदलने का संकेत है, न कि स्वतःस्फूर्त तत्परता का।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा में बाढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
24 अगस त को रीवा जिले में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है — नदियों का जलस्तर तेज़ी से घटा है और जलभराव वाले इलाकों में पानी कम हो रहा है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने थे।
रीवा में नुकसान का सर्वे कौन करेगा और कब तक पूरा होगा?
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के आदेश पर एसडीएम की निगरानी में पटवारी और फील्ड स्टाफ यह सर्वे करेंगे। सर्वे तीन दिन के भीतर पूरा होना अनिवार्य किया गया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवज़ा कैसे मिलेगा?
सर्वे में मकान, घरेलू सामान और फसल क्षति का आकलन होगा, जिसके आधार पर सरकारी नियमों के अनुसार राहत राशि तय की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ितों को मुआवज़े का भरोसा दिलाया है।
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संबंधी क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ कैंप लगाने और मानसून से जुड़ी बीमारियों के लिए पर्याप्त दवाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग पेयजल स्रोतों में क्लोरीनीकरण और हैंडपंपों की जाँच करेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा बाढ़ पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया और नुकसान झेलने वाले लोगों को मुआवज़ा देने का भरोसा दिलाया। उनके दौरे के अगले ही दिन कलेक्टर स्तर पर बहाली के आदेश जारी किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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