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राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को बारिश से फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन करने का निर्देश दिया

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राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को बारिश से फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन करने का निर्देश दिया

सारांश

राजस्थान सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को भारी बारिश से फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को समय पर राहत पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

राजस्थान में भारी बारिश ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाया।
मुख्यमंत्री ने राहत पहुंचाने के लिए त्वरित सर्वेक्षण का निर्देश दिया।
राज्य सरकार कृषि समुदाय के प्रति संवेदनशील है।
मौसम विभाग ने और बारिश की संभावना जताई है।
तापमान में गिरावट से मौसम में बदलाव आया है।

जयपुर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान की सरकार ने शनिवार को सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई प्रचंड बारिश से फसलों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन करें।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित किसानों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करने और शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण किसानों को हुए नुकसान का सही आकलन करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को तुरंत सर्वेक्षण करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।”

अधिकारियों को वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का व्यापक मूल्यांकन करने का आदेश दिया गया है, ताकि मुआवज़ा और राहत उपायों को बिना किसी देरी के लागू किया जा सके।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “राजस्थान की समृद्धि हमारे किसान भाइयों और बहनों की मेहनत पर निर्भर है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आपके साथ खड़ी है। प्रभावित किसानों को समय पर सहायता प्रदान करना राज्य प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक प्रभावित किसान को शीघ्र और पर्याप्त सहायता देना हमारा लक्ष्य है, जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हाल ही में खड़ी फसलों को भारी बारिश से हुए नुकसान की खबरों ने किसानों में चिंता बढ़ा दी है।”

राज्य सरकार का यह निर्देश कृषि समुदाय पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए राहत सामग्री का त्वरित आकलन और वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास है।

ज्ञात हो कि पिछले तीन दिनों से एक शक्तिशाली और असामान्य पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है, जिसके चलते जयपुर, कोटा, भरतपुर और सीकर जैसे कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो रही है। कुछ स्थानों से ओलावृष्टि की भी खबरें आई हैं।

हिमालयी क्षेत्र में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे हाल की गर्मी से राहत मिली है और वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे 21 और 22 मार्च को उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

हालांकि, बेमौसम बारिश ने राज्यभर में फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं। कृषि नुकसान को लेकर चिंताओं में वृद्धि हुई है।

पिछले 24 घंटों में, अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे अधिक गिरावट करौली (8.3 डिग्री सेल्सियस) और चित्तौड़गढ़ (6.8 डिग्री सेल्सियस) में हुई है।

जयपुर में अधिकतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस घटकर 26 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस घटकर 16.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम में इस अचानक बदलाव के कारण सुबह और शाम के समय लोगों ने गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में बारिश के कारण फसलों को कितना नुकसान हुआ?
हालिया बारिश ने कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे किसानों की चिंताएँ बढ़ गई हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को त्वरित सर्वेक्षण करने और प्रभावित किसानों को समय पर राहत पहुँचाने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार राहत सामग्री का वितरण कैसे सुनिश्चित करेगी?
राज्य सरकार ने राहत सामग्री का त्वरित आकलन और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं।
क्या और बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे 21 और 22 मार्च को हल्की बारिश की संभावना है।
तापमान में बदलाव का क्या कारण है?
हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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