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रीवा में तीन दिनों की भारी बारिश का कहर: 4,000 से अधिक विस्थापित, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया

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रीवा में तीन दिनों की भारी बारिश का कहर: 4,000 से अधिक विस्थापित, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया

सारांश

रीवा में तीन दिनों की अविराम बारिश ने 300 से अधिक गाँव डुबो दिए और 4,000 से अधिक लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के मैदान में उतरने और जिला प्रशासन के सक्रिय राहत अभियान के बावजूद, एक 78 वर्षीय किसान की जलभराव में गिरने से मौत ने आपदा की गंभीरता उजागर कर दी।

मुख्य बातें

रीवा जिले में 21 अगस्त 2026 तक लगातार तीन दिनों की भारी बारिश से जनजीवन ठप।
4,000 से अधिक प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया; भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध।
त्योंथर तहसील के 300 से अधिक गाँव जलभराव से प्रभावित।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहत शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल जल-निकासी के निर्देश दिए।
मंगवान तहसील के बंस ग्राम पंचायत में 78 वर्षीय किसान बुद्धसेन मिश्रा की गहरे पानी में गिरने से मृत्यु।
आपातकालीन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय; हेल्पलाइन: 07662-255143 और टोल-फ्री 18008899711 ।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 21 अगस्त 2026 तक लगातार तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन ने 4,000 से अधिक प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुँचाया है, जहाँ भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। त्योंथर तहसील सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में उभरी है, जहाँ 300 से अधिक गाँव जलभराव की चपेट में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार, 21 अगस्त को जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक कुरुकरण सिंह ने राजस्व अधिकारियों के साथ त्योंथर तहसील के कई प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति का आकलन किया और बचाव एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय विधायक सिद्धार्थ तिवारी भी इस निरीक्षण दल में शामिल हुए।

उपमुख्यमंत्री की समीक्षा

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभिन्न राहत शिविरों का दौरा कर विस्थापित निवासियों से सीधी बातचीत की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों से पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित करने और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। शुक्ला ने प्रशासनिक टीमों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया।

दुखद हादसा

बाढ़ की विभीषिका के बीच एक दुखद घटना भी सामने आई। मंगवान तहसील के बंस ग्राम पंचायत में 78 वर्षीय किसान बुद्धसेन मिश्रा की मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, मिश्रा सुबह चरने गई अपनी भैंस को ढूँढने घर से निकले थे। कुएँ के पास से गुजरते समय बारिश के कारण उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे।

आम जनता पर असर

त्योंथर तहसील में 300 से अधिक गाँव जलभराव से प्रभावित हैं, जिससे ग्रामीण आवागमन और कृषि गतिविधियाँ बाधित हो गई हैं। राहत शिविरों में ठहराए गए 4,000 से अधिक लोगों को भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता दी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई ज़िले मानसून की अतिवृष्टि से जूझ रहे हैं।

नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन संपर्क

जिला प्रशासन ने बारिश से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। निवासी 07662-255143 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा रीवा नगर निगम का अलग नियंत्रण कक्ष टोल-फ्री नंबर 18008899711 पर उपलब्ध है। आपातकालीन स्थिति में 07662-254568, 07662-320105, 07662-310346, 07662-320150 और 07662-320329 पर भी सूचना दी जा सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी असुविधा या संकट की सूचना तत्काल दें ताकि बचाव दल समय पर पहुँच सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्व-चेतावनी और निकासी तंत्र की सक्रियता तब दिखती है जब नुकसान हो चुका होता है। उपमुख्यमंत्री का मैदान में उतरना राजनीतिक दृष्टि से ज़रूरी है, पर असली सवाल यह है कि 78 वर्षीय बुद्धसेन मिश्रा जैसे ग्रामीण को यह क्यों नहीं पता था कि कुएँ के पास जाना जानलेवा हो सकता है। जब तक स्थानीय स्तर पर रियल-टाइम चेतावनी और माइक्रो-इवेक्युएशन योजना नहीं बनती, राहत शिविर और हेल्पलाइन नंबर केवल प्रतिक्रियात्मक उपाय बने रहेंगे।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा में भारी बारिश से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
रीवा जिले में तीन दिनों की भारी बारिश से 4,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। त्योंथर तहसील के 300 से अधिक गाँव जलभराव की चपेट में हैं।
रीवा बाढ़ में किसकी मृत्यु हुई और कैसे?
मंगवान तहसील के बंस ग्राम पंचायत में 78 वर्षीय किसान बुद्धसेन मिश्रा की मृत्यु हुई। पुलिस के अनुसार, वे अपनी भैंस को ढूँढने निकले थे और कुएँ के पास बारिश में पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गए।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा में क्या निर्देश दिए?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राहत शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को प्रभावित इलाकों से तत्काल जल-निकासी सुनिश्चित करने, बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व चिकित्सा सुविधाएँ बनाए रखने के निर्देश दिए।
रीवा बाढ़ राहत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर क्या हैं?
जिला प्रशासन का नियंत्रण कक्ष 07662-255143 पर उपलब्ध है। रीवा नगर निगम का टोल-फ्री नंबर 18008899711 है। इसके अलावा 07662-254568, 07662-320105, 07662-310346, 07662-320150 और 07662-320329 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
रीवा में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कौन सा है?
जिला प्रशासन के अनुसार, भारी बारिश का सर्वाधिक असर त्योंथर तहसील में हुआ है, जहाँ 300 से अधिक गाँव जलभराव से प्रभावित हैं। जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक कुरुकरण सिंह ने इसी तहसील के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
राष्ट्र प्रेस
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