रीवा बाढ़ राहत: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीहर नदी चौड़ीकरण समेत दीर्घकालिक योजना के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के रीवा में भारी बारिश से उपजी बाढ़ की स्थिति के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 26 अगस्त 2026 को सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और शहर को जलभराव से स्थायी राहत दिलाने के लिए दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तीन दिनों में पूरा कर पीड़ितों को राहत राशि वितरित करने का भी आदेश दिया गया।
बाढ़ की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का दौरा
पिछले दिनों हुई तेज बारिश ने रीवा के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था। हालात इतने गंभीर हो गए कि मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं स्थिति का जायजा लेने रीवा पहुँचे और अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी किए। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री शुक्ल की यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जो बाढ़ नियंत्रण को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण योजना के मुख्य बिंदु
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बैठक में स्पष्ट किया कि रीवा को जलभराव और बाढ़ की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए दीर्घकालीन प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने बीहर नदी को चौड़ा करने तथा शहर के सभी नालों को चौड़ा करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, शहर के बाहरी क्षेत्र से नदी की ओर आने वाले पानी को शहर की सीमा के बाहर से ही नदी में मिलाने के लिए उचित जल संरचना बनाने का भी आदेश दिया गया। सभी नालों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करना और उनके किनारों पर हुए अतिक्रमण हटाना भी इस योजना का अहम हिस्सा है। कच्चे नालों को पक्का बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
राहत सर्वे और पीड़ितों को मुआवजा
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राजस्व अमला बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर मकान, घरेलू सामग्री तथा अन्य नुकसान की रिपोर्ट तैयार करे और पीड़ितों को राहत राशि का वितरण कराए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सर्वे का कार्य संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने बैठक में जानकारी दी कि रीवा शहर और जिले भर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। ग्राम भटलों में 600 घरों तथा रीवा शहर के निपानिया मोहल्ले में प्रभावित घरों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे का समस्त कार्य तीन दिनों में पूरा कर राजस्व परिपत्र के प्रावधानों के अनुरूप राहत राशि वितरित की जाएगी।
आगे की राह
यह बैठक संकेत देती है कि राज्य सरकार इस बार केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रीवा की बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। नदी चौड़ीकरण और नाला सुदृढ़ीकरण की कार्य योजनाएँ तैयार होने के बाद उनके क्रियान्वयन की समयसीमा और वित्तीय प्रावधान सामने आने की उम्मीद है।