26 अगस्त 2026
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आईएनएस सुदर्शिनी लिस्बन से रवाना, लोकायन 2026 अभियान में पुर्तगाल के साथ मजबूत हुई नौसैनिक साझेदारी

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आईएनएस सुदर्शिनी लिस्बन से रवाना, लोकायन 2026 अभियान में पुर्तगाल के साथ मजबूत हुई नौसैनिक साझेदारी

सारांश

लोकायन 2026 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी ने लिस्बन में तीन दिन बिताए — पुर्तगाली नौसेना के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात हुई, प्रशिक्षुओं ने अनुभव साझा किए और डेक पर राजनयिक समारोह आयोजित हुआ। यह भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति का जीवंत प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

आईएनएस सुदर्शिनी ने लिस्बन, पुर्तगाल में तीन दिवसीय ठहराव पूरा कर अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
यह यात्रा लोकायन 2026 अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान का हिस्सा है।
कमांडिंग ऑफिसर ने रियर एडमिरल मिगुएल बेस्सा पाशेको और रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा से उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
भारतीय प्रशिक्षुओं ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी एस्कोला नावल का दौरा किया और समुद्री अनुभव साझा किए।
पोत के डेक पर आयोजित स्वागत समारोह में सैन्य अधिकारी, राजनयिक और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अभियान के तहत पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन — दोनों बंदरगाहों पर यात्रा की गई।

भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में तीन दिवसीय ठहराव पूरा कर अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया है। यह यात्रा भारतीय नौसेना के लोकायन 2026 अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्री प्रशिक्षण के साथ-साथ मित्र देशों के साथ नौसैनिक कूटनीति को सुदृढ़ करना है। इस ठहराव के दौरान भारत और पुर्तगाल की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संपर्क और समुद्री सहयोग को नई ऊँचाई दी गई।

उच्चस्तरीय नौसैनिक बैठकें

लिस्बन प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल मिगुएल बेस्सा पाशेको से औपचारिक बातचीत की। इसके अतिरिक्त, पुर्तगाली नौसेना के उप बेड़ा कमांडर रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा से भी मुलाकात हुई। इन वार्ताओं में दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों को प्रगाढ़ करने और एक-दूसरे की परिचालन कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षुओं का पेशेवर आदान-प्रदान

लिस्बन यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं को पुर्तगाली नौसेना अकादमी एस्कोला नावल के दौरे का अवसर मिला। भारतीय प्रशिक्षुओं ने अकादमी के ऐतिहासिक परिसर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया तथा अपने पुर्तगाली समकक्षों के साथ समुद्री कौशल, नौकायन तकनीक और बड़े पाल वाले प्रशिक्षण पोतों पर प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। इस आदान-प्रदान से युवा नौसैनिकों को एक-दूसरे की प्रशिक्षण पद्धतियों और समुद्री परंपराओं को समझने का दुर्लभ अवसर मिला।

स्वागत समारोह और राजनयिक संपर्क

आईएनएस सुदर्शिनी के डेक पर एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पुर्तगाल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधि और पुर्तगाल में बसे भारतीय समुदाय के सदस्य शामिल हुए। यह आयोजन महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था — यह दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को समुद्री धरातल पर और मजबूती देने का प्रतीक भी बना।

लोकायन 2026 अभियान का महत्व

गौरतलब है कि लोकायन 2026 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन — दोनों बंदरगाहों पर पहुँचा, जो भारत-पुर्तगाल के बीच गहरी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है। यह अभियान केवल नौकायन प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की व्यापक नौसैनिक कूटनीति का एक सक्रिय उपकरण भी है। आने वाले पड़ावों पर आईएनएस सुदर्शिनी इसी संदेश को आगे लेकर बढ़ती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशिक्षण समझौते या रक्षा साझेदारी — कितनी गति से आकार लेते हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुदर्शिनी क्या है और यह किस अभियान पर है?
आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत है, जो फिलहाल लोकायन 2026 अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान पर है। इस अभियान का उद्देश्य समुद्री प्रशिक्षण के साथ-साथ मित्र देशों के साथ नौसैनिक कूटनीति और पेशेवर संपर्क को मजबूत करना है।
आईएनएस सुदर्शिनी ने लिस्बन में क्या गतिविधियाँ कीं?
लिस्बन में तीन दिवसीय प्रवास के दौरान कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठकें कीं, प्रशिक्षुओं ने एस्कोला नावल अकादमी का दौरा किया और डेक पर एक राजनयिक स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
लोकायन 2026 अभियान में पुर्तगाल के कौन-से बंदरगाह शामिल रहे?
लोकायन 2026 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन — दोनों बंदरगाहों पर पहुँचा। यह दोनों पड़ाव भारत-पुर्तगाल की मजबूत समुद्री साझेदारी को दर्शाते हैं।
भारतीय और पुर्तगाली नौसेना प्रशिक्षुओं के बीच क्या आदान-प्रदान हुआ?
भारतीय प्रशिक्षुओं ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी एस्कोला नावल का दौरा किया और अपने पुर्तगाली समकक्षों के साथ समुद्री कौशल, नौकायन तकनीक और पाल-प्रशिक्षण पोतों पर प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। इससे दोनों देशों के युवा नौसैनिकों को एक-दूसरे की प्रशिक्षण पद्धतियों को समझने का अवसर मिला।
इस यात्रा का भारत-पुर्तगाल संबंधों पर क्या असर है?
यह यात्रा भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री क्षेत्र में दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर बनी। उच्चस्तरीय बैठकों और सांस्कृतिक-राजनयिक समारोह के जरिए दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंध और मजबूत हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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