आईएनएस सुदर्शिनी लिस्बन से रवाना, लोकायन 2026 अभियान में पुर्तगाल के साथ मजबूत हुई नौसैनिक साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में तीन दिवसीय ठहराव पूरा कर अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया है। यह यात्रा भारतीय नौसेना के लोकायन 2026 अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्री प्रशिक्षण के साथ-साथ मित्र देशों के साथ नौसैनिक कूटनीति को सुदृढ़ करना है। इस ठहराव के दौरान भारत और पुर्तगाल की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संपर्क और समुद्री सहयोग को नई ऊँचाई दी गई।
उच्चस्तरीय नौसैनिक बैठकें
लिस्बन प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल मिगुएल बेस्सा पाशेको से औपचारिक बातचीत की। इसके अतिरिक्त, पुर्तगाली नौसेना के उप बेड़ा कमांडर रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा से भी मुलाकात हुई। इन वार्ताओं में दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों को प्रगाढ़ करने और एक-दूसरे की परिचालन कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षुओं का पेशेवर आदान-प्रदान
लिस्बन यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं को पुर्तगाली नौसेना अकादमी एस्कोला नावल के दौरे का अवसर मिला। भारतीय प्रशिक्षुओं ने अकादमी के ऐतिहासिक परिसर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया तथा अपने पुर्तगाली समकक्षों के साथ समुद्री कौशल, नौकायन तकनीक और बड़े पाल वाले प्रशिक्षण पोतों पर प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। इस आदान-प्रदान से युवा नौसैनिकों को एक-दूसरे की प्रशिक्षण पद्धतियों और समुद्री परंपराओं को समझने का दुर्लभ अवसर मिला।
स्वागत समारोह और राजनयिक संपर्क
आईएनएस सुदर्शिनी के डेक पर एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पुर्तगाल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधि और पुर्तगाल में बसे भारतीय समुदाय के सदस्य शामिल हुए। यह आयोजन महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था — यह दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को समुद्री धरातल पर और मजबूती देने का प्रतीक भी बना।
लोकायन 2026 अभियान का महत्व
गौरतलब है कि लोकायन 2026 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन — दोनों बंदरगाहों पर पहुँचा, जो भारत-पुर्तगाल के बीच गहरी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है। यह अभियान केवल नौकायन प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की व्यापक नौसैनिक कूटनीति का एक सक्रिय उपकरण भी है। आने वाले पड़ावों पर आईएनएस सुदर्शिनी इसी संदेश को आगे लेकर बढ़ती रहेगी।