डॉ. प्रीति अदाणी: युवाओं और महिलाओं में निवेश से वैश्विक दक्षिण के लिए नए विकास मॉडल
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नवाचारकर्ताओं में किया गया निवेश केवल भारत की नहीं, बल्कि समूचे वैश्विक दक्षिण की सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने वाले मॉडल तैयार कर रहा है। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, साझा अनुभव और सुदृढ़ भागीदारी को अनिवार्य बताया।
सम्मेलन और संदर्भ
भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में 43 देशों से आए लगभग 2,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एवीपीएन (एशियन वेंचर फिलैंथ्रोपी नेटवर्क) को एशिया का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव मंच माना जाता है, जिसमें 700 से अधिक संसाधन प्रदाता, नवाचारकर्ता और सहयोगी संस्थान जुड़े हैं। अदाणी फाउंडेशन इस सम्मेलन की रणनीतिक भागीदार है और उसने स्वागत समारोह की मेजबानी भी की।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब अदाणी फाउंडेशन अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे कर रहा है — एक ऐसा पड़ाव जो संस्था की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
डॉ. प्रीति अदाणी के मुख्य विचार
डॉ. अदाणी ने कहा, "दुनिया भर से आए परोपकार और सामाजिक प्रभाव क्षेत्र के नेताओं का भारत में स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है। पिछले तीन दशकों में अदाणी फाउंडेशन की यात्रा ने हमें यह सिखाया है कि स्थायी परिवर्तन तभी संभव है जब समुदायों को अपने भविष्य को स्वयं आकार देने के लिए सशक्त बनाया जाए।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की जटिल सामाजिक समस्याओं का समाधान कोई एक संस्था अकेले नहीं कर सकती। विभिन्न देशों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच ज्ञान, अनुभव और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान इसके लिए आवश्यक है।
भारत में नवाचार की लहर
डॉ. अदाणी ने रेखांकित किया कि आज भारत के महानगरों से लेकर कृषि मंडियों, शैक्षणिक परिसरों और छोटे शहरों तक — हर जगह नई सोच और समाधान विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "चाहे कचरा प्रबंधन की समस्या हो, जलवायु परिवर्तन की चुनौती, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर कृषि पद्धतियां या अंतिम व्यक्ति तक नवाचार पहुंचाने का लक्ष्य — भारतीय स्टार्टअप और नवाचारकर्ता देश की बड़ी और छोटी दोनों समस्याओं का समाधान खोजने में जुटे हुए हैं।"
अदाणी फाउंडेशन की तीन दशकों की उपलब्धियाँ
अदाणी फाउंडेशन ने पिछले 30 वर्षों में देश के 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गाँवों तक अपनी पहुँच बनाई है और 1.3 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। इसके अतिरिक्त, अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ₹60,000 करोड़ की प्रतिबद्धता पहले ही घोषित की जा चुकी है।
विकसित भारत 2047 और वैश्विक दृष्टिकोण
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि जब भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आर्थिक और सामाजिक प्रगति का लाभ आम लोगों तक पहुँचे। उनके अनुसार, विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब वह अधिक अवसर, बेहतर जीवन और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर किए जा रहे निवेश वैश्विक दक्षिण के अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बनेंगे।