मिलाद-उन-नबी पर आंध्र प्रदेश के गवर्नर एस. अब्दुल नजीर बोले — पैगंबर का जीवन प्यार और भाईचारे की मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के गवर्नर एस. अब्दुल नजीर ने बुधवार, 26 अगस्त को मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर राज्य के मुस्लिम समुदाय को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि पैगंबर मुहम्मद का जीवन मानवता के लिए प्यार, भाईचारे और नेक गुणों की एक प्रेरणादायक कहानी रहा है। अमरावती से जारी अपने संदेश में उन्होंने इस अवसर को शांति और सद्भावना के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया।
गवर्नर का संदेश
गवर्नर नजीर ने अपने संदेश में कहा कि 'पैगंबर का मकसद तब पूरा होता है जब हम अपने देशवासियों की सेवा आस्था, भरोसे, देखभाल और दया के साथ करते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यह दिन पवित्र पैगंबर की दयालुता, करुणा और शिक्षाओं की याद दिलाता है, और यह शुभ दिन सभी के बीच शांति और सद्भावना लाए।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की बधाई
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी मिलाद-उन-नबी पर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद एक नेक इंसान थे, जिन्होंने पूरी मानवता की भलाई और शांति स्थापित करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। नायडू ने कहा कि 'पैगंबर ने अपना जीवन एक शांतिपूर्ण समाज बनाने और साथी इंसानों के प्रति प्यार और करुणा दिखाने के लिए समर्पित कर दिया था।'
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ईद-ए-मिलाद के मुबारक अवसर पर, सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों के जीवन में शांति, खुशी और समृद्धि आए। ईद-ए-मिलाद मुबारक!'
मंत्री और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मानव संसाधन विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'आइए हम पैगंबर द्वारा दिखाए गए करुणा, विनम्रता और मानवता की सेवा के मार्ग पर चलें।'
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपने संदेश में कहा कि पैगंबर मुहम्मद का संदेश यह है कि दिलों में प्रेम व्याप्त हो, संकट में फंसे लोगों की करुणा से सहायता करें, और क्षमा, धैर्य व भाईचारे के साथ एक शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करें।
सामाजिक सद्भाव का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में सामुदायिक सद्भाव को लेकर संवाद तेज़ है। आंध्र प्रदेश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक नेताओं का एकजुट होकर मिलाद-उन-नबी की बधाई देना, राज्य की बहुलतावादी परंपरा को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि गवर्नर नजीर स्वयं न्यायपालिका की पृष्ठभूमि से आते हैं और संवैधानिक मूल्यों पर बल देने के लिए जाने जाते हैं।