अल्लूरी सीताराम राजू की 102वीं पुण्यतिथि: CM चंद्रबाबू नायडू, राज्यपाल नजीर और नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
वीर स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 102वीं पुण्यतिथि पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, राज्यपाल अब्दुल नजीर, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भीमावरम में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
मुख्य बातें
अल्लूरी सीताराम राजू की 102वीं पुण्यतिथि पर 7 मई 2026 को आंध्र प्रदेश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें वीर तेलुगु नायक बताया जिन्होंने अंग्रेजों को भयभीत किया।
अब्दुल नजीर ने उन्हें ब्रिटिश शासन के विरुद्ध निडरता से संघर्ष करने वाला महान स्वतंत्रता सेनानी कहा।
पूर्व उपराष्ट्रपति एम.
वेंकैया नायडू ने युवाओं से अल्लूरी की देशभक्ति और साहस को आदर्श मानने का आह्वान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस.
जगन मोहन रेड्डी ने याद दिलाया कि वाईएसआरसीपी सरकार ने मान्यम जिले का नाम अल्लूरी के नाम पर रखा था।
विधानसभा उपाध्यक्ष के.
रघु रामा कृष्ण राजू ने भीमावरम स्थित कांस्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने 7 मई 2026 को महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 102वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अमरावती से विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने भी इस अवसर पर वीर क्रांतिकारी को नमन किया।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का संदेश
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अल्लूरी सीताराम राजू को एक क्रांतिकारी योद्धा बताया, जिन्होंने आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए मान्यम समुदाय के लोगों के दिलों में वीरता का भाव जगाया। नायडू ने एक पोस्ट में कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
या उनके आदिवासी अधिकारों के संघर्ष को आज की नीतियों में भी जगह मिल रही है? जगन मोहन रेड्डी का मान्यम जिले के नामकरण का उल्लेख और चंद्रबाबू नायडू की वर्तमान सरकार की श्रद्धांजलि — दोनों दल अल्लूरी की विरासत पर दावा करते हैं, जबकि आदिवासी क्षेत्रों में विकास और अधिकारों के मुद्दे आज भी प्रासंगिक हैं। यह विडंबना है कि जिस नायक ने आदिवासी स्वायत्तता के लिए प्राण दिए, उनकी स्मृति अक्सर राजनीतिक मंचों की शोभा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अल्लूरी सीताराम राजू कौन थे?
अल्लूरी सीताराम राजू एक महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए मान्यम क्षेत्र में सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। उन्हें 'मान्यम वीरुडु' (जंगल का नायक) के नाम से भी जाना जाता है और उन्होंने अंग्रेजों की गोलियों का सामना करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
2026 में अल्लूरी सीताराम राजू की कौन सी पुण्यतिथि मनाई गई?
7 मई 2026 को अल्लूरी सीताराम राजू की 102वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अनेक राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
भीमावरम में अल्लूरी की प्रतिमा पर किसने पुष्पांजलि अर्पित की?
आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष के. रघु रामा कृष्ण राजू ने भीमावरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू की कांस्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारी, गठबंधन नेता और आम जनता भी शामिल हुई।
मान्यम जिले का नाम अल्लूरी के नाम पर किसने रखा?
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने अल्लूरी सीताराम राजू के स्वशासन संघर्ष की स्मृति में मान्यम जिले का नाम उनके नाम पर रखा था। जगन मोहन रेड्डी ने 7 मई 2026 को पुण्यतिथि पर इस तथ्य को याद दिलाया।
पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अल्लूरी के बारे में क्या कहा?
पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने अल्लूरी सीताराम राजू को तेलुगु क्षेत्र का महान नायक बताया जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना विशिष्ट मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने युवाओं से अल्लूरी की देशभक्ति, वीरता और साहस को अपना आदर्श मानने का आह्वान किया।