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मुहर्रम पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इमाम हुसैन की शहादत को किया नमन

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मुहर्रम पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इमाम हुसैन की शहादत को किया नमन

सारांश

मुहर्रम पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के शीर्ष नेताओं ने एक स्वर में इमाम हुसैन की शहादत को नमन किया। राज्यपाल नजीर, मुख्यमंत्री नायडू, जगन रेड्डी और तेलंगाना के राज्यपाल शुक्ल ने करबला की कुर्बानी को सत्य, न्याय और इंसानियत का प्रतीक बताया — यह संदेश सामाजिक सद्भाव की व्यापक अपील भी है।

मुख्य बातें

अब्दुल नजीर ने मुहर्रम को 'गहरे चिंतन और आध्यात्मिक भक्ति का समय' बताया।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि मुहर्रम सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर मुहर्रम 'आशूरा' को पवित्र दिन बताया।
तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और डीजीपी सीवी आनंद ने शांति, एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
मुहर्रम की 10वीं तारीख 'आशूरा' करबला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में मनाई जाती है।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मुहर्रम के पवित्र अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया और कहा कि यह पर्व लोगों को सत्य और न्याय के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। 26 जून 2026 को जारी अपने संदेशों में दोनों नेताओं ने करबला की कुर्बानी को इंसानियत की मिसाल बताया।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल अब्दुल नजीर ने अपने संदेश में कहा, 'इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का पहला महीना, मुहर्रम, दुनिया भर के मुसलमानों के दिलों में एक खास जगह रखता है।' उन्होंने कहा कि मुहर्रम पैगंबर साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की उस शहादत की याद दिलाता है, जिन्होंने सच्चे विश्वास के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। नजीर ने इसे 'गहरे चिंतन, याद और आध्यात्मिक भक्ति का समय' बताते हुए सभी से मुहर्रम की उस भावना को अपनाने का आग्रह किया जिसमें इंसानियत झलकती है।

मुख्यमंत्री नायडू का आह्वान

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'मुहर्रम हमें सच्चाई के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है, चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं।' उन्होंने इमाम हुसैन की कुर्बानी को सत्य और न्याय के लिए अदम्य संघर्ष का प्रतीक बताया और उम्मीद जताई कि यह पर्व सभी के लिए शांति और नेकी का मार्ग प्रशस्त करेगा।

विपक्ष और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुहर्रम 'आशूरा' एक पवित्र दिन है जो हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने मुस्लिम भाई-बहनों से प्यार, करुणा और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने भी मुहर्रम पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करबला में इमाम हुसैन की कुर्बानी न्याय, सच्चाई, करुणा और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। तेलंगाना के परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि मुहर्रम कुर्बानी और सब्र की भावना का प्रतीक है।

पुलिस महानिदेशक का संदेश

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने अपने संदेश में मुहर्रम को त्याग, साहस, करुणा और न्याय जैसे शाश्वत मूल्यों का स्मरण-पर्व बताया। उन्होंने कहा, 'यह पवित्र अवसर सभी समुदायों के बीच शांति, एकता और सद्भाव को बढ़ावा दे।' उन्होंने सभी को शांतिपूर्ण और मंगलमय मुहर्रम की शुभकामनाएं दीं।

मुहर्रम का महत्व

गौरतलब है कि मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला और सबसे पवित्र महीना है। इसकी 10वीं तारीख — जिसे 'आशूरा' कहा जाता है — करबला की उस ऐतिहासिक घटना की याद में मनाई जाती है जब हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य और न्याय के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह दिन सामाजिक सद्भाव और अंतरधार्मिक एकता के संदेश को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इस मौके पर दोनों का स्वर एक जैसा है। यह इस बात का संकेत है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति समावेशी संदेश देना दोनों दलों की रणनीतिक प्राथमिकता बनी हुई है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ये भावनाएं नीतिगत समावेश में कितनी तब्दील होती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुहर्रम और आशूरा क्या है?
मुहर्रम इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का पहला और पवित्र महीना है। इसकी 10वीं तारीख को 'आशूरा' कहते हैं, जो करबला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाई जाती है। यह दिन सत्य, न्याय और कुर्बानी के मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने मुहर्रम पर क्या कहा?
राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने मुहर्रम को 'गहरे चिंतन और आध्यात्मिक भक्ति का समय' बताया और इंसानियत की भावना अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि मुहर्रम सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है और उन्होंने इमाम हुसैन की कुर्बानी को नमन किया।
जगन मोहन रेड्डी ने मुहर्रम पर क्या संदेश दिया?
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुहर्रम 'आशूरा' एक पवित्र दिन है जो इमाम हुसैन की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से प्यार, करुणा और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
तेलंगाना के नेताओं ने मुहर्रम पर क्या कहा?
तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने करबला की कुर्बानी को न्याय और सद्भाव की प्रेरणा बताया। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मुहर्रम को कुर्बानी और सब्र का प्रतीक कहा, जबकि डीजीपी सीवी आनंद ने सभी समुदायों में शांति और एकता का संदेश दिया।
मुहर्रम का सामाजिक सद्भाव से क्या संबंध है?
मुहर्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और इंसानियत के सार्वभौमिक मूल्यों का स्मरण-पर्व है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के नेताओं ने इस अवसर पर अंतरधार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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